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कब्रिस्तान पर विवाद, दो दिन से रखा है शव
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Tue, 22 Mar 2016 12:53 AM IST
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कब्रिस्तान पर विवाद, दो दिन से रखा है शव
- फोटो : अमर उजाला
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नगीना में नगीना में मृत वृद्धा का शव दो दिन से कब्र का इंतजार कर रहा है। सोमवार की सुबह शव दफनाने पहुंचे परिजनों को पुलिस ने दूसरे पक्ष की शिकायत पर विवादित स्थल बताकर शव दफनाने से रोक दिया। एडीएम प्रशासन की मौजूदगी में दोनों पक्षों में वार्ता जारी है।
शनिवार की रात मोहल्ला कलालान निवासी 95 वर्षीय वृद्धा शफीकन का निधन हो गया था। मोहल्ले में अंसारी बिरादरी का एक कब्रिस्तान है। इस कब्रिस्तान पर सन 2010 से विवाद चल रहा है। आसिफ अली उक्त भूमि को अपना बताते है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शकीफन के निधन पर रविवार की सुबह शव दफनाने के लिए पहुंच परिजनों को आसिफ अली ने रोक दिया। शिकायत पर एसडीएम अंजुलता, सीओ गमलेश्वर विल्टोरिया व चेयरमैन शेख खलीलुर्रहमान की मौजूदगी में दोनों पक्षों में वार्ता हुई। आसिफ अली का कहना है कि उसने उक्त जमीन 2010 में खरीदी है। उसकी कीमत सात लाख रुपये है। बिरादरी के लोग सात लाख दे दे और कब्र खोद ले। रविवार की देरशाम दोनों पक्षों में सहमति बन गई थी। सोमवार की सुबह अंसारी बिरादरी के लोग बिना पैसे दिए ही शव को दफनाने के लिए कब्र खोदने पहुंच गए। आसिफ अली ने पुलिस से इसकी शिकायत कर दी। सूचना पर पहुंची एसडीएम अंजूलता व सीओ गमलेश्वर विल्टोरिया ने उन्हें कब्र खोदने से रोक दिया।
एसडीएम ने तर्क दिया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सोमवार की शाम एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा नगीना पहुंच गए। उनकी मौजूदगी में दोनों पक्षों में वार्ता जारी थी। देरशाम तक समझौता नहीं हो सका था। वृद्धा शफीकन का शव दो दिनों से कब्र का इंतजार कर रहा है।
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शनिवार की रात मोहल्ला कलालान निवासी 95 वर्षीय वृद्धा शफीकन का निधन हो गया था। मोहल्ले में अंसारी बिरादरी का एक कब्रिस्तान है। इस कब्रिस्तान पर सन 2010 से विवाद चल रहा है। आसिफ अली उक्त भूमि को अपना बताते है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शकीफन के निधन पर रविवार की सुबह शव दफनाने के लिए पहुंच परिजनों को आसिफ अली ने रोक दिया। शिकायत पर एसडीएम अंजुलता, सीओ गमलेश्वर विल्टोरिया व चेयरमैन शेख खलीलुर्रहमान की मौजूदगी में दोनों पक्षों में वार्ता हुई। आसिफ अली का कहना है कि उसने उक्त जमीन 2010 में खरीदी है। उसकी कीमत सात लाख रुपये है। बिरादरी के लोग सात लाख दे दे और कब्र खोद ले। रविवार की देरशाम दोनों पक्षों में सहमति बन गई थी। सोमवार की सुबह अंसारी बिरादरी के लोग बिना पैसे दिए ही शव को दफनाने के लिए कब्र खोदने पहुंच गए। आसिफ अली ने पुलिस से इसकी शिकायत कर दी। सूचना पर पहुंची एसडीएम अंजूलता व सीओ गमलेश्वर विल्टोरिया ने उन्हें कब्र खोदने से रोक दिया।
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एसडीएम ने तर्क दिया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है। सोमवार की शाम एडीएम प्रशासन राममूर्ति मिश्रा नगीना पहुंच गए। उनकी मौजूदगी में दोनों पक्षों में वार्ता जारी थी। देरशाम तक समझौता नहीं हो सका था। वृद्धा शफीकन का शव दो दिनों से कब्र का इंतजार कर रहा है।
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