{"_id":"60da16158ebc3ebb4e4ec052","slug":"the-development-of-the-state-will-happen-only-by-dividing-it-into-four-parts-bijnor-news-mrt5449298200","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘चार हिस्सों में बंटकर ही होगा प्रदेश का विकास’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘चार हिस्सों में बंटकर ही होगा प्रदेश का विकास’
विज्ञापन
‘चार हिस्सों में बंटकर ही होगा प्रदेश का विकास’
बिजनौर। बसपा सांसद मलूक नागर ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्या को वे लगातार संसद में उठा रहे हैं। संसद में किसानों, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित व अन्य समाज की समस्याओं को पूरी जिम्मेदारी से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास चार हिस्सों में बांटकर ही किया जा सकता है। इस मुद्दे को भी वह संसद में उठा चुके हैं।
पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि बिजनौर गन्ने की पैदावार और मिठास में यूपी में अव्वल है। गन्ने का भुगतान समय से होता है तब ही किसानों के परिवारों के साथ-साथ व्यापारियों के घर में भी खुशियां आती हैं। उनसे पहले गन्ने और किसान यूनियन का मुद्दा कोई भी संसद में नहीं उठाता था। कहा कि गंगा किनारे खनन तो रहा है। केंद्र सरकार को खनन को कानूनी अमलीजामा पहनाते हुए वैध घोषित करना चाहिए। गंगा के दोनों किनारे तटबंध बनाकर यहां खनन होगा तो गंगा एक सीमित धारा में ही बहेगी। खनन के पट्टे को बेचकर मिले पैसे से ही तटबंध बनाया जा सकता है। तटबंध के दोनों ओर सड़क बनाने पर पर्यटन भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा है। प्रदेश का विभाजन होना बेहद जरूरी है। वे इकलौते सांसद हैं, जिन्होंने संसद में प्रदेश को चार भागों में बांटने की मांग उठाई है। कहा कि प्रदेश को चार हिस्सों में बंटने पर ही यहां का विकास बाकी राज्यों की तरह तेजी से हो सकता है।
विज्ञापन
बिजनौर। बसपा सांसद मलूक नागर ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्या को वे लगातार संसद में उठा रहे हैं। संसद में किसानों, अल्पसंख्यकों, अनुसूचित व अन्य समाज की समस्याओं को पूरी जिम्मेदारी से उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का विकास चार हिस्सों में बांटकर ही किया जा सकता है। इस मुद्दे को भी वह संसद में उठा चुके हैं।
पत्रकारों से वार्ता में उन्होंने कहा कि बिजनौर गन्ने की पैदावार और मिठास में यूपी में अव्वल है। गन्ने का भुगतान समय से होता है तब ही किसानों के परिवारों के साथ-साथ व्यापारियों के घर में भी खुशियां आती हैं। उनसे पहले गन्ने और किसान यूनियन का मुद्दा कोई भी संसद में नहीं उठाता था। कहा कि गंगा किनारे खनन तो रहा है। केंद्र सरकार को खनन को कानूनी अमलीजामा पहनाते हुए वैध घोषित करना चाहिए। गंगा के दोनों किनारे तटबंध बनाकर यहां खनन होगा तो गंगा एक सीमित धारा में ही बहेगी। खनन के पट्टे को बेचकर मिले पैसे से ही तटबंध बनाया जा सकता है। तटबंध के दोनों ओर सड़क बनाने पर पर्यटन भी बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश बहुत बड़ा है। प्रदेश का विभाजन होना बेहद जरूरी है। वे इकलौते सांसद हैं, जिन्होंने संसद में प्रदेश को चार भागों में बांटने की मांग उठाई है। कहा कि प्रदेश को चार हिस्सों में बंटने पर ही यहां का विकास बाकी राज्यों की तरह तेजी से हो सकता है।
विज्ञापन