{"_id":"6aa6ff363db50cb2f0089619","slug":"the-deficiencies-found-during-inspection-were-rectified-and-notices-were-issued-to-the-responsible-persons-bijnor-news-c-27-1-bij1027-190152-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bijnor News: निरीक्षण में मिली कमियों को कराया दुरस्त, जिम्मेदारों को नोटिस जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bijnor News: निरीक्षण में मिली कमियों को कराया दुरस्त, जिम्मेदारों को नोटिस जारी
विज्ञापन
बिजनौर। विधानसभा समिति को मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण में खामियां मिली थीं। अब निरीक्षण में मिली कमियों को दुरस्त करा दिया गया है। साथ ही प्रचार्या डॉ. ललिता चौधरी ने जिम्मेदारों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
समिति को निरीक्षण में वार्ड में मरीजों के बेड शीट फटी मिली थी। इसके अलावा मरीजों ने अपने पैसे से इम्प्लांट रॉड मंगाने की शिकायत की। इसके बाद प्राचार्या ने पुरानी, फटी चादरों को बदलवा दिया। साथ ही जिम्मेदार कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा निरीक्षण में अनुपस्थित प्रबंधक रोहित कुमार को नोटिस जारी कर उनसे अनुपस्थित होने का कारण पूछा गया है।
साथ ही बताया कि हड्डी के ऑपरेशन में इम्प्लांट/रॉड सरकारी स्टॉक में नहीं होने पर बाहर से खरीदना पड़ता है। इसका पैसा अस्पताल नहीं, कंपनी लेती है। इसके लिए चिकित्सक और कर्मचारियों को इसकी पक्की रसीद अनिवार्य रूप से लेने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्राचार्या ने कहा कि इमरजेंसी, कैंटीन के भोजन की गुणवत्ता और ओपीडी व्यवस्थाओं पर समिति ने संतोष जताया है।
विज्ञापन
समिति के निरीक्षण में मिली कमियों को सुधार लिया गया है। लारवाही बरतने पर जिम्मेदार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।....डॉ. ललिता चौधरी, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर
विज्ञापन
समिति को निरीक्षण में वार्ड में मरीजों के बेड शीट फटी मिली थी। इसके अलावा मरीजों ने अपने पैसे से इम्प्लांट रॉड मंगाने की शिकायत की। इसके बाद प्राचार्या ने पुरानी, फटी चादरों को बदलवा दिया। साथ ही जिम्मेदार कर्मियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इसके अलावा निरीक्षण में अनुपस्थित प्रबंधक रोहित कुमार को नोटिस जारी कर उनसे अनुपस्थित होने का कारण पूछा गया है।
विज्ञापन
साथ ही बताया कि हड्डी के ऑपरेशन में इम्प्लांट/रॉड सरकारी स्टॉक में नहीं होने पर बाहर से खरीदना पड़ता है। इसका पैसा अस्पताल नहीं, कंपनी लेती है। इसके लिए चिकित्सक और कर्मचारियों को इसकी पक्की रसीद अनिवार्य रूप से लेने के निर्देश दिए हैं। वहीं, प्राचार्या ने कहा कि इमरजेंसी, कैंटीन के भोजन की गुणवत्ता और ओपीडी व्यवस्थाओं पर समिति ने संतोष जताया है।
विज्ञापन
समिति के निरीक्षण में मिली कमियों को सुधार लिया गया है। लारवाही बरतने पर जिम्मेदार कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।....डॉ. ललिता चौधरी, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर