फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   The current was electoral setback

चुनावी करंट का लगा झटका

Fri, 20 Jan 2017 11:41 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Fri, 20 Jan 2017 11:41 PM IST
विज्ञापन
 बिजनौर में सपा व कांग्रेस के चुनावी गठबंधन में दरार आने से जिले का सियासी माहौल गरमा गया है। सपा ने  बढ़ापुर व चांदपुर सीट पर अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। यह दोनों  सीटें कांग्रेस को देने की बात कही जा रही थी। जिले की सभी आठ सीटों पर सपा के प्रत्याशी चुनावी मैदान में आ डटे हैं।
विज्ञापन

जिले की आठ विधानसभा सीटों में सपा, कांग्रेस का गठबंधन होने पर बढ़ापुर सीट कांग्रेस को जाने की बात कही जा रही थी। चांदपुर सीट पर तय हुआ था कि सीट तो कांग्रेस की रहेगी, पर प्रत्याशी सपा का होगा। चांदपुर सीट से सपा प्रत्याशी शेरबाज पठान पाला बदलकर इसलिए ही बृहस्पतिवार को कांग्रेस में शामिल हो गए थे। शुक्रवार को सपा ने सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारकर राजनीति में हलचल पैदा कर दी। सपा ने बढ़ापुर सीट पर घोषित सपा प्रत्याशी आबिद अंसारी का टिकट काटकर पुराने प्रत्याशी शेख सुलेमान को दे दिया। चांदपुर सीट पर भी नया प्रत्याशी उतारा है। इस बार शेरबाज पठान की जगह अरशद अंसारी को टिकट दिया है। बढ़ापुर से शेख सुलेमान को शुरू में टिकट दिया गया था। मुलायम सिंह व अखिलेश खेमे में चली रार के बीच शेख सुलेमान का टिकट काटकर आबिद अंसारी को थमा दिया था, लेकिन फिर आबिद अंसारी की जगह शेख सुलेमानी को फिर से प्रत्याशी बनाया गया है। 
विज्ञापन

वहीं सभी सीटों पर सपा के प्रत्याशी उतरने से कांग्रेस के नेताओं में खलबली मच गई। सपा के साथ गठबंधन का सपना देख रहे कांग्रेस नेताओं के मंसूबों पर पानी फिर गया। गठबंधन में दरार क्यों आई, दोनों दलों के नेता इस बारे में कुछ नहीं बता रहे। उन्हें इस बारे में कुछ मालूम भी नहीं है। इस गठबंधन के टूटने से रालोद नेताओं के चेहरों पर जरूर खुशी दिखाई दी। कई रालोद नेता कह रहे थे कि गठबंधन से जब उन्हें दूर रखा गया तो यह गठबंधन होना ही नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सुबह को कटा, शाम को फिर मिला टिकट
नगीना से सपा ने शुक्रवार को पहले विधायक मनोज पारस का टिकट काटकर सनसनी फैला दी। जिले की राजनीति में इस टिकट के कटने से हलचल मच गई थी। मनोज पारस की जगह पूर्व सांसद यशवीर सिंह को यह टिकट दे दिया गया। थोड़ी देर बार यह टिकट फिर से मनोज पारस को थमा दिया गया। मनोज पारस मुख्यमंत्री अखिलेश और  रामगोपाल यादव के नजदीकी माने जाते हैं। पूर्व सांसद यशवीर सिंह मनोज पारस की जगह काफी दिनों से टिकट मांग रहे थे। मनोज पारस से नाराज खेमा पूर्व सांसद की पैरवी कर रहा था। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मनोज पारस का टिकट काट दिया। रामगोपाल के कहने पर फिर से उनको यह टिकट दे दिया गया। मनोज पारस के मुताबिक टिकटों की सूची में गलती से उनका नाम कट गया था। यह बाद में सही हो गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed