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‘फरियादी की बातों को गंभीरता से सुना जाए’
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‘फरियादी की बातों को गंभीरता से सुना जाए’
बिजनौर। किसी महिला की शिकायत पर क्या कार्रवाई हो सकती है, नियम क्या हैं, यह बाद की बात है, लेकिन हर फरियादी की बात को गंभीरता से सुना जाए। बातों को सुनकर फौरी तौर पर मरहम लगाया जाए। इसके लिए सहज भाव का होना जरूरी है। नियमों का हवाला देकर तुरंत ही किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें। गांव के उस डाक्टर की तरह काम करिए जोकि मामूली बुखार से लेकर लाइलाज बीमारी में भी दवा दे देते हैं। यह बातें एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने महिला पुलिसकर्मियों से कहीं। उन्होंने गौतमबुद्ध की जीवनी का हवाला देते हुए सभी को प्रेरित किया।
शुक्रवार को मिशन शक्ति अभियान के तहत कार्यशाला हुई। इसमें रूपरेखा तैयार करते हुए महिला हेल्प डेस्क और महिला बीट पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को जरूरी टिप्स दिए गए। संचालन करते हुए एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने कहा कि सरकार की मंशा है कि महिलाओं को सुरक्षा मिले और वे सशक्त बनें। एएसपी देेहात राम अर्ज ने कहा कि महिला बीट की सिपाही गांव-गांव जाकर युवतियों और महिलाओं से संपर्क बनाएं। एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन में एक कमरा मिशन शक्ति के लिए आरक्षित किया गया है। जहां सप्ताह में एक दिन पहुंचकर महिला बीट अधिकारी गांव की महिलाओं से समन्वय बनाएं। छोटी से छोटी शिकायतों पर भी संज्ञान लिया जाए। बता दें कि जिले के सभी थानों में एक महिला बीट का गठन किया गया है। महिलाएं और युवतियां अपनी पीड़ा को अनुकूल माहौल में महिला बीट अधिकारी से बता सकती हैं।
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बिजनौर। किसी महिला की शिकायत पर क्या कार्रवाई हो सकती है, नियम क्या हैं, यह बाद की बात है, लेकिन हर फरियादी की बात को गंभीरता से सुना जाए। बातों को सुनकर फौरी तौर पर मरहम लगाया जाए। इसके लिए सहज भाव का होना जरूरी है। नियमों का हवाला देकर तुरंत ही किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें। गांव के उस डाक्टर की तरह काम करिए जोकि मामूली बुखार से लेकर लाइलाज बीमारी में भी दवा दे देते हैं। यह बातें एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने महिला पुलिसकर्मियों से कहीं। उन्होंने गौतमबुद्ध की जीवनी का हवाला देते हुए सभी को प्रेरित किया।
शुक्रवार को मिशन शक्ति अभियान के तहत कार्यशाला हुई। इसमें रूपरेखा तैयार करते हुए महिला हेल्प डेस्क और महिला बीट पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों को जरूरी टिप्स दिए गए। संचालन करते हुए एएसपी सिटी डॉ. प्रवीन रंजन ने कहा कि सरकार की मंशा है कि महिलाओं को सुरक्षा मिले और वे सशक्त बनें। एएसपी देेहात राम अर्ज ने कहा कि महिला बीट की सिपाही गांव-गांव जाकर युवतियों और महिलाओं से संपर्क बनाएं। एसपी डा. धर्मवीर सिंह ने कहा कि ग्राम पंचायतों के पंचायत भवन में एक कमरा मिशन शक्ति के लिए आरक्षित किया गया है। जहां सप्ताह में एक दिन पहुंचकर महिला बीट अधिकारी गांव की महिलाओं से समन्वय बनाएं। छोटी से छोटी शिकायतों पर भी संज्ञान लिया जाए। बता दें कि जिले के सभी थानों में एक महिला बीट का गठन किया गया है। महिलाएं और युवतियां अपनी पीड़ा को अनुकूल माहौल में महिला बीट अधिकारी से बता सकती हैं।
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