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Bijnor News: आयोग सदस्य ने किया गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। गो सेवा आयोग के सदस्य दीपक गोयल ने कान्हा गो आश्रय स्थल नहटौर एवं जालबपुर गूदड़ का निरीक्षण किया। जालबपुर में सदस्य दीपक गोयल ने भूसे के लिए नया टीन शेड बनवाने और अतिरिक्त गो वंश के लिए टीन शेड बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निरीक्षण में साफ सफाई आदि बिंदुओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में पाया कि गो आश्रय स्थल में वर्तमान में 11 गोवंश करीब 40 लीटर दुग्ध का उत्पादन कर रहे हैं। गोवंश के दूध को उचित दरों पर विक्रय किए जाने का निर्देश दिए। साथ ही पालिका व नगर पंचायत में एक-एक दुकान आवंटित्त कराई जाए। गो आश्रय स्थल से उत्पादित दूध, दही आदि का विक्रय कर गो आश्रय स्थलों के लिए आय अर्जित की जा सके।
n गोशाला से संरक्षित पशु ले सकते हैं पशुपालक : कासमपुरगढ़ी। पशुपालन विभाग द्वारा संचालित पशुधन बीमा योजना के तहत गायों और भैंसों का बीमा कराया जा सकता है।
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इसके साथ ही पशु सहभागिता योजना के तहत पशुपालक गोशाला से पशु ले सकते हैं। प्रत्येक पशु के लिए उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। पशु चिकित्सालय के डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से पशुओं के रिस्क सुरक्षित करने के लिए पशुधन बीमा योजना चलाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि गाय के लिए 65 हजार तथा भैंस के लिए अधिकतम 75 हजार रुपये तक का बीमा कराने का प्रावधान है। एक परिवार के 10 पशुओं तक का बीमा करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री सहभागिता योजना चलाई जा रही।
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बिजनौर। गो सेवा आयोग के सदस्य दीपक गोयल ने कान्हा गो आश्रय स्थल नहटौर एवं जालबपुर गूदड़ का निरीक्षण किया। जालबपुर में सदस्य दीपक गोयल ने भूसे के लिए नया टीन शेड बनवाने और अतिरिक्त गो वंश के लिए टीन शेड बनवाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने निरीक्षण में साफ सफाई आदि बिंदुओं का निरीक्षण किया।
निरीक्षण में पाया कि गो आश्रय स्थल में वर्तमान में 11 गोवंश करीब 40 लीटर दुग्ध का उत्पादन कर रहे हैं। गोवंश के दूध को उचित दरों पर विक्रय किए जाने का निर्देश दिए। साथ ही पालिका व नगर पंचायत में एक-एक दुकान आवंटित्त कराई जाए। गो आश्रय स्थल से उत्पादित दूध, दही आदि का विक्रय कर गो आश्रय स्थलों के लिए आय अर्जित की जा सके।
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n गोशाला से संरक्षित पशु ले सकते हैं पशुपालक : कासमपुरगढ़ी। पशुपालन विभाग द्वारा संचालित पशुधन बीमा योजना के तहत गायों और भैंसों का बीमा कराया जा सकता है।
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इसके साथ ही पशु सहभागिता योजना के तहत पशुपालक गोशाला से पशु ले सकते हैं। प्रत्येक पशु के लिए उन्हें 1500 रुपये प्रतिमाह दिए जाएंगे। पशु चिकित्सालय के डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से पशुओं के रिस्क सुरक्षित करने के लिए पशुधन बीमा योजना चलाई जा रही है।
उन्होंने बताया कि गाय के लिए 65 हजार तथा भैंस के लिए अधिकतम 75 हजार रुपये तक का बीमा कराने का प्रावधान है। एक परिवार के 10 पशुओं तक का बीमा करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री सहभागिता योजना चलाई जा रही।