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सैलरी का भुगतान बना चुनौती
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 07 Feb 2017 11:29 PM IST
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बिजनौर में जिले के शिक्षकों व कर्मचारियों की सैलरी का भुगतान विधानसभा चुनाव से पूर्व कराना अफसरों के लिए चुनौती है। सैलरी भुगतान को लेकर शासन के आदेश भी हवा हवाई साबित हुए है। शिक्षकों व कर्मचारियों ने डीएम से चुनाव से पूर्व सैलरी का भुगतान कराने की मांग की है।
शासन ने शिक्षकों व कर्मचारियों को जनवरी की सैलरी का भुगतान सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के तहत करने का फरमान जारी किया था। फरमान से शिक्षकों व कर्मचारियों में खुशी थी, पर शासन स्तर पर इसकी तैयारी मुकम्मल नहीं की गई। जिला स्तर पर अफसरों ने नए वेतनमान से सैलरी भुगतान की तैयारी की थी, पर साफ्टवेयर नहीं आने पर सारी तैयारी धरी रह गई। अब शासन स्तर से मार्च में नए वेतन आयोग की सिफारिश से सैलरी का भुगतान करने की बात कही गई। इससे कर्मचारियों व शिक्षकों में नाराजगी है। कर्मचारियों ने सैलरी का भुगतान विधानसभा चुनाव से पूर्व कराने की मांग की है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता अंगजीत सिंह, वरिष्ठ शिक्षक नेता असीम चौहान ने बताया कि प्रत्येक महीने की एक तारीख को सैलरी भुगतान के आदेश हैं। जब शासन स्तर पर तैयारी नहीं की गई थी तो सैलरी का भुगतान कर दिया जाना चाहिए था।
दूसरी ओर, राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि कर्मचारी निर्वाचन के कार्य शासन के आदेश का अनुपालन कर रहे हैं, ऐसे में जिले के अफसरों को भी कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए सैलरी का भुगतान चुनाव से पूर्व कराएं। उधर, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा संजय शर्मा ने बताया कि शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सैलरी भुगतान में विलंब शासन स्तर से साफ्टवेयर उपलब्ध नहीं होने से हुआ है। जल्द ही सैलरी का भुगतान कर दिया जाएगा।
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शासन ने शिक्षकों व कर्मचारियों को जनवरी की सैलरी का भुगतान सातवें वेतन आयोग की सिफारिश के तहत करने का फरमान जारी किया था। फरमान से शिक्षकों व कर्मचारियों में खुशी थी, पर शासन स्तर पर इसकी तैयारी मुकम्मल नहीं की गई। जिला स्तर पर अफसरों ने नए वेतनमान से सैलरी भुगतान की तैयारी की थी, पर साफ्टवेयर नहीं आने पर सारी तैयारी धरी रह गई। अब शासन स्तर से मार्च में नए वेतन आयोग की सिफारिश से सैलरी का भुगतान करने की बात कही गई। इससे कर्मचारियों व शिक्षकों में नाराजगी है। कर्मचारियों ने सैलरी का भुगतान विधानसभा चुनाव से पूर्व कराने की मांग की है। उप्र प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री प्रशांत चौधरी, पूर्व माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला प्रवक्ता अंगजीत सिंह, वरिष्ठ शिक्षक नेता असीम चौहान ने बताया कि प्रत्येक महीने की एक तारीख को सैलरी भुगतान के आदेश हैं। जब शासन स्तर पर तैयारी नहीं की गई थी तो सैलरी का भुगतान कर दिया जाना चाहिए था।
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दूसरी ओर, राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने बताया कि कर्मचारी निर्वाचन के कार्य शासन के आदेश का अनुपालन कर रहे हैं, ऐसे में जिले के अफसरों को भी कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखते हुए सैलरी का भुगतान चुनाव से पूर्व कराएं। उधर, वित्त एवं लेखाधिकारी बेसिक शिक्षा संजय शर्मा ने बताया कि शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की सैलरी भुगतान में विलंब शासन स्तर से साफ्टवेयर उपलब्ध नहीं होने से हुआ है। जल्द ही सैलरी का भुगतान कर दिया जाएगा।
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