{"_id":"5f4949af8ebc3e62035cfbb8","slug":"the-bodies-of-both-the-children-thrown-in-the-river-were-found-bijnor-news-mrt498519085","type":"story","status":"publish","title_hn":"नदी में फेंके गए दोनों बच्चों के शव मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नदी में फेंके गए दोनों बच्चों के शव मिले
विज्ञापन
नदी में फेंके गए दोनों बच्चों के शव मिले
बिजनौर। गांव भरैकी निवासी दो भाइयों के शव भी शुक्रवार को नहर से मिल गए। नहर में पानी कम होने के बाद एक शव आलोपुर नहर के पास और दूसरा दूधली गांव के पास जाल में फंसा मिला। गांव वाले गोताखोरों के साथ कई दिन से दोनों की नहर में तलाश रहे थे। जबकि उनकी मां का शव दो दिन पहले मिल गया था। महिला ने गृहक्लेश के चलते अपने दो बेटों को नहर में फेंकने के बाद तीसरे बेटे को गोदी में लेकर छलांग लगा दी थी।
किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव भरैकी निवासी गौरव की पत्नी सुनीता मंगलवार को पति से विवाद होने पर अपने पांच साल के पुत्र ललित, तीन साल के दीपक व तीन माह के आकांशु के साथ गांव के पास स्थित नहर पर पहुंची थी। गुस्साई महिला ने पहले दीपक व ललित को नहर में फेंक दिया और बाद में आकांशु को लेकर नहर में कूद गई थी। खेत में काम कर रहे गांव निवासी मेहर ने दीपक को नहर से निकाल लिया था। सुनीता व उसके दो मासूम बच्चों को पानी के तेज बहाव के कारण वह नहीं निकाल सका था। मंगलवार से ही पांच गोताखोर व गांव वाले महिला व उसके बच्चों को नहर में तलाश जुटे थे। बृहस्पतिवार को महिला का शव नहर से निकाल लिया गया था। दूधली गांव के पास गांव वालों ने मंगलवार को ही जाल लगा दिया। शुक्रवार को नहर का पानी कम हो गया, तलाशी के दौरान आलोपुर नहर के पुल के पास आकांशु और दूधली गांव के पास लगाए गए जाल में ललित का शव फंसा मिला। दोनों के शव कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। वहीं, बृहस्पतिवार को शहर कोतवाली के गांव जलालपुर निवासी सुनीता के भाई संजीव ने बहनोई गौरव व उसके परिजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
बिजनौर। गांव भरैकी निवासी दो भाइयों के शव भी शुक्रवार को नहर से मिल गए। नहर में पानी कम होने के बाद एक शव आलोपुर नहर के पास और दूसरा दूधली गांव के पास जाल में फंसा मिला। गांव वाले गोताखोरों के साथ कई दिन से दोनों की नहर में तलाश रहे थे। जबकि उनकी मां का शव दो दिन पहले मिल गया था। महिला ने गृहक्लेश के चलते अपने दो बेटों को नहर में फेंकने के बाद तीसरे बेटे को गोदी में लेकर छलांग लगा दी थी।
किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव भरैकी निवासी गौरव की पत्नी सुनीता मंगलवार को पति से विवाद होने पर अपने पांच साल के पुत्र ललित, तीन साल के दीपक व तीन माह के आकांशु के साथ गांव के पास स्थित नहर पर पहुंची थी। गुस्साई महिला ने पहले दीपक व ललित को नहर में फेंक दिया और बाद में आकांशु को लेकर नहर में कूद गई थी। खेत में काम कर रहे गांव निवासी मेहर ने दीपक को नहर से निकाल लिया था। सुनीता व उसके दो मासूम बच्चों को पानी के तेज बहाव के कारण वह नहीं निकाल सका था। मंगलवार से ही पांच गोताखोर व गांव वाले महिला व उसके बच्चों को नहर में तलाश जुटे थे। बृहस्पतिवार को महिला का शव नहर से निकाल लिया गया था। दूधली गांव के पास गांव वालों ने मंगलवार को ही जाल लगा दिया। शुक्रवार को नहर का पानी कम हो गया, तलाशी के दौरान आलोपुर नहर के पुल के पास आकांशु और दूधली गांव के पास लगाए गए जाल में ललित का शव फंसा मिला। दोनों के शव कब्जे में लेकर पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। वहीं, बृहस्पतिवार को शहर कोतवाली के गांव जलालपुर निवासी सुनीता के भाई संजीव ने बहनोई गौरव व उसके परिजनों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन