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रंगदारी वसूलने के आरोपी को नहीं मिली जमानत
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रंगदारी वसूलने के आरोपी को नहीं मिली जमानत
बिजनौर। एडीजे कोर्ट नंबर एक सुनील कुमार ने ब्लैकमेल कर तीन लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के आरोपी संजीव तोमर की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार धामपुर निवासी अशोक कुमार ने धामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बेटा पल्लव एरन डिप्रेशन से पीड़ित है। उसका इलाज मेरठ मेें चल रहा है। छह जुलाई 2020 को उसके पुत्र की मानसिक स्थिति का लाभ उठाते हुए संजीव तोमर घर से बुलाकर ले गया। उनका पुत्र नहीं मिला तो उन्होंने धामपुर थाने में 13 जुलाई को उसके गायब होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। बाद में पुलिस पोर्टल पर एक अज्ञात शव की पहचान अशोक कुमार ने चप्पलों के आधार पर अपने पुत्र पल्लव के रूप में की। इसकी सूचना थाना धामपुर में दे दी थी। संजीव तोमर ने पल्लव की वीडियो उन्हें दिखाकर तीन लाख रुपये ले लिए और 18 नवंबर 2020 को पल्लव से अशोक कुमार की बात कराकर 20 लाख रुपये की डिमांड की। पैसे न मिलने पर परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस रिपोर्ट में बताया गया कि संजीव तोमर के साथ इस मामले दीपक और शुभम भी शामिल हैं। पल्लव ने इस मामले में बताया था कि संजीव तोमर ने पुलिस में नौकरी कराने कार्ड दिखाकर उसे इलाज कराने के लिए हरिद्वार ले गया था। दीपक व शुभम भी वहां मिले। तीनों ने यह कहकर उसे भ्रमित किया कि उसके पिता ने उन्हें उसे मारने की सुपारी दी है।
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बिजनौर। एडीजे कोर्ट नंबर एक सुनील कुमार ने ब्लैकमेल कर तीन लाख रुपये की रंगदारी वसूलने के आरोपी संजीव तोमर की जमानत याचिका निरस्त कर दी है।
शासकीय अधिवक्ता संजीव वर्मा के अनुसार धामपुर निवासी अशोक कुमार ने धामपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनका बेटा पल्लव एरन डिप्रेशन से पीड़ित है। उसका इलाज मेरठ मेें चल रहा है। छह जुलाई 2020 को उसके पुत्र की मानसिक स्थिति का लाभ उठाते हुए संजीव तोमर घर से बुलाकर ले गया। उनका पुत्र नहीं मिला तो उन्होंने धामपुर थाने में 13 जुलाई को उसके गायब होने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। बाद में पुलिस पोर्टल पर एक अज्ञात शव की पहचान अशोक कुमार ने चप्पलों के आधार पर अपने पुत्र पल्लव के रूप में की। इसकी सूचना थाना धामपुर में दे दी थी। संजीव तोमर ने पल्लव की वीडियो उन्हें दिखाकर तीन लाख रुपये ले लिए और 18 नवंबर 2020 को पल्लव से अशोक कुमार की बात कराकर 20 लाख रुपये की डिमांड की। पैसे न मिलने पर परिवार के लोगों को जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस रिपोर्ट में बताया गया कि संजीव तोमर के साथ इस मामले दीपक और शुभम भी शामिल हैं। पल्लव ने इस मामले में बताया था कि संजीव तोमर ने पुलिस में नौकरी कराने कार्ड दिखाकर उसे इलाज कराने के लिए हरिद्वार ले गया था। दीपक व शुभम भी वहां मिले। तीनों ने यह कहकर उसे भ्रमित किया कि उसके पिता ने उन्हें उसे मारने की सुपारी दी है।