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Bijnor News: मेडिकल अस्पताल में थैलेसीमिया की जांच और स्क्रीनिंग शुरू
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- रोजाना हो रही पांच लोगों की थैलेसीमिया जांच, अभी तक कोई केस नहीं मिला
- लक्षणों के आधार पर चिकित्सक दे रहे थैलेसीमिया जांच कराने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। थैलेसीमिया की रोकथाम के लिए मेडिकल अस्पताल में जांच और स्क्रीनिंग शुरू की गई है। रोजाना पांच से ज्यादा मरीज अस्पताल में इस बीमारी की जांच कराने पहुंच रहे हैं। अभी तक किसी भी मरीज में थैलेसीमिया की पुष्टि नहीं हुई है।
जिले में थैलेसीमिया से करीब 78 बच्चे ग्रसित हैं, जिन्हें हर माह करीब एक यूनिट रक्त की जरूरत पड़ती है। इसी को देखते हुए मेडिकल अस्पताल में थैलेसीमिया जांच शुरू की गई है। क्योंकि थैलेसीमिया बीमारी को रोकने का एकमात्र उपाय जागरूकता ही है। अगर जागरूक होकर कोई महिला या पुरुष थैलेसीमिया की जांच कराता है और उसे थैलेसीमिया की पुष्टि होती है। तो उस मरीज की सक्रीनिंग की जाती है। साथ उसके परिजनों की भी जांच की जाती है। अस्पताल में पिछले 15 दिनों से थैलेसीमिया की जांच की जा रही है। अभी तक किसी भी मरीज में थैलेसीमिया की पुष्टि नहीं हुई है।
मेडिकल अस्पताल में थैलेसीमिया की जांच शुरू हो गई है। रोजाना पांच लोग तक जांच कराने आ रहे हैं। हालांकि अभी तक इनमें से किसी भी मरीज में थैलेसीमिया की पुष्टि नहीं हुई है। - डॉ. संजय शंकर, वरिष्ठ परामर्शदाता, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
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- लक्षणों के आधार पर चिकित्सक दे रहे थैलेसीमिया जांच कराने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। थैलेसीमिया की रोकथाम के लिए मेडिकल अस्पताल में जांच और स्क्रीनिंग शुरू की गई है। रोजाना पांच से ज्यादा मरीज अस्पताल में इस बीमारी की जांच कराने पहुंच रहे हैं। अभी तक किसी भी मरीज में थैलेसीमिया की पुष्टि नहीं हुई है।
जिले में थैलेसीमिया से करीब 78 बच्चे ग्रसित हैं, जिन्हें हर माह करीब एक यूनिट रक्त की जरूरत पड़ती है। इसी को देखते हुए मेडिकल अस्पताल में थैलेसीमिया जांच शुरू की गई है। क्योंकि थैलेसीमिया बीमारी को रोकने का एकमात्र उपाय जागरूकता ही है। अगर जागरूक होकर कोई महिला या पुरुष थैलेसीमिया की जांच कराता है और उसे थैलेसीमिया की पुष्टि होती है। तो उस मरीज की सक्रीनिंग की जाती है। साथ उसके परिजनों की भी जांच की जाती है। अस्पताल में पिछले 15 दिनों से थैलेसीमिया की जांच की जा रही है। अभी तक किसी भी मरीज में थैलेसीमिया की पुष्टि नहीं हुई है।
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मेडिकल अस्पताल में थैलेसीमिया की जांच शुरू हो गई है। रोजाना पांच लोग तक जांच कराने आ रहे हैं। हालांकि अभी तक इनमें से किसी भी मरीज में थैलेसीमिया की पुष्टि नहीं हुई है। - डॉ. संजय शंकर, वरिष्ठ परामर्शदाता, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
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