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कोरोना काल में बनी अस्थाई जेल हुई बंद
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कोरोना काल में बनी अस्थायी जेल हुई बंद
बिजनौर। कोरोना काल में इंदिरा बाल भवन में बनाई अस्थायी जेल को शनिवार को बंद कर दिया गया। अस्थायी जेल के सभी 38 बंदियों को मुख्य जेल में शिफ्ट कर दिया गया हैं। यह जेल नौ माह पहले बनी थी।
बिजनौर के इंदिरा बाल भवन में अस्थाई जेल बनाई गई थी। मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण केंद्र स्वाहेड़ी को कोविड सेंटर बनाया गया था। कोराना के मरीजों के साथ बंदियों को भर्ती किया गया था। इस सेंटर से कोरोना के मरीज व बंदियों का फरार होना शुरू हो गया। इस सेंटर को बंद कर दिया गया। किसी भी अपराधी का चालान होने पर पहले उसे अस्थायी जेल में रखा जाता था। इस जेल की सुरक्षा पर भी कई बार उंगली उठी। एक साथ चार बंदी इस जेल से फरार हो गए। बरेली जेल से फरार एक बंदी ने पकड़े जाने के बाद इस जेल मे फांसी लगाकर खुदकशी कम ली थी।
यह जेल अप्रैल 2020 में खोली गई थी। जेल में छह सिपाही व छह होमगार्ड के अलावा एक डिप्टी जेलर प्रधान सहायक के रूप में रियाज अहमद तैनात थे। जेल के पीछे एक कंपनी पीएसी व गेट पर छह पुलिस कर्मी तैनात रहते थे। जेल में 38 बंदी थे। शनिवार को जेल को बंद कर दिया गया है। सभी 38 बंदी जेल में शिफ्ट कर दिए हैं। जेल का स्टाफ भी वापस हो गया है। कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद से ही जेल को बंद करने की बात कही जा रही थी। जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह के मुताबिक डीएम के निर्देश पर अस्थाई जेल को बंद कर दिया गया है। सभी बंदी मुख्य जेल में बुला लिए गए हैं।
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बिजनौर। कोरोना काल में इंदिरा बाल भवन में बनाई अस्थायी जेल को शनिवार को बंद कर दिया गया। अस्थायी जेल के सभी 38 बंदियों को मुख्य जेल में शिफ्ट कर दिया गया हैं। यह जेल नौ माह पहले बनी थी।
बिजनौर के इंदिरा बाल भवन में अस्थाई जेल बनाई गई थी। मंडलीय राजस्व प्रशिक्षण केंद्र स्वाहेड़ी को कोविड सेंटर बनाया गया था। कोराना के मरीजों के साथ बंदियों को भर्ती किया गया था। इस सेंटर से कोरोना के मरीज व बंदियों का फरार होना शुरू हो गया। इस सेंटर को बंद कर दिया गया। किसी भी अपराधी का चालान होने पर पहले उसे अस्थायी जेल में रखा जाता था। इस जेल की सुरक्षा पर भी कई बार उंगली उठी। एक साथ चार बंदी इस जेल से फरार हो गए। बरेली जेल से फरार एक बंदी ने पकड़े जाने के बाद इस जेल मे फांसी लगाकर खुदकशी कम ली थी।
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यह जेल अप्रैल 2020 में खोली गई थी। जेल में छह सिपाही व छह होमगार्ड के अलावा एक डिप्टी जेलर प्रधान सहायक के रूप में रियाज अहमद तैनात थे। जेल के पीछे एक कंपनी पीएसी व गेट पर छह पुलिस कर्मी तैनात रहते थे। जेल में 38 बंदी थे। शनिवार को जेल को बंद कर दिया गया है। सभी 38 बंदी जेल में शिफ्ट कर दिए हैं। जेल का स्टाफ भी वापस हो गया है। कोरोना का प्रकोप कम होने के बाद से ही जेल को बंद करने की बात कही जा रही थी। जेल अधीक्षक लाल रत्नाकर सिंह के मुताबिक डीएम के निर्देश पर अस्थाई जेल को बंद कर दिया गया है। सभी बंदी मुख्य जेल में बुला लिए गए हैं।
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