{"_id":"6085b1418ebc3ebf415d5102","slug":"teachers-warn-of-boycott-of-counting-dhampur-news-mrt536004963","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत चुनाव में मरे शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अन्य कर्मियों के परिजनों को 50-50 लाख रूपए मुआवजा मिले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत चुनाव में मरे शिक्षकों, शिक्षामित्रों व अन्य कर्मियों के परिजनों को 50-50 लाख रूपए मुआवजा मिले
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शेरकोट। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सेवारत गुट की रविवार को वर्चुअल बैठक में जिला मंत्री विनोद कुमार ने कोराना महामारी के बीच पंचायत चुनाव कराने को सरकार व चुनाव आयोग की संवेदनहीनता बताया। उन्होंने शेष चरणों के चुनाव व मतगणना स्थगित कराने की मांग की। ऐसा नहीं करने पर मतगणना का बहिष्कार करने की चेतावनी दी।
जिला मंत्री ने सरकार पर पंचायत चुनाव को प्राथमिकता देकर शिक्षकों एवं कर्मचारियों को मौत के मुंह में धकेलने का आरोप लगाया। कहा कि पोलिंग बूथों पर कोविड नियमों की धज्जियां उड़ीं। जिससे संक्रमण तेजी से फैला। चुनाव प्रक्रिया सपन्न कराने में लगे सैकड़ों शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं कर्मचारी संक्रमित होकर मौत से जूझ रहे हैं। कई शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं कर्मचारियों को कोराना संक्रमण ने लील लिया है। प्राइमरी विद्यालय मोहड़ा की प्रधानाध्यापिका गीता देवी व पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला गन्ना के शिक्षक संजीव कुमार, मुहम्मदपुर देवमल के गांव दल्लू धनौरा के प्राइमरी स्कूल के शिक्षामित्र विकास चौधरी का निधन हो चुका है। उन्होंने कहा कि कोराना संक्रमण के शिकार शिक्षक, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं कर्मचारियों को कोराना योद्धा घोषित कर परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। चेताया कि यदि सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो मतगणना का बहिष्कार कर आंदोलन को मजबूर होंगे। बैठक के अंत में दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। यहां जिलाध्यक्ष आसिफ गयूर, पूर्व जिलाध्यक्ष विनेश त्यागी, पूर्व जिला मंत्री टिकेश चौधरी, जिला प्रचार मंत्री विजय वर्मा, मयूर मलिक, लखवीर सिंह, ब्रजवीर सिंह, राकेश कुमार रहे।
विज्ञापन
जिला मंत्री ने सरकार पर पंचायत चुनाव को प्राथमिकता देकर शिक्षकों एवं कर्मचारियों को मौत के मुंह में धकेलने का आरोप लगाया। कहा कि पोलिंग बूथों पर कोविड नियमों की धज्जियां उड़ीं। जिससे संक्रमण तेजी से फैला। चुनाव प्रक्रिया सपन्न कराने में लगे सैकड़ों शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं कर्मचारी संक्रमित होकर मौत से जूझ रहे हैं। कई शिक्षकों, शिक्षामित्रों एवं कर्मचारियों को कोराना संक्रमण ने लील लिया है। प्राइमरी विद्यालय मोहड़ा की प्रधानाध्यापिका गीता देवी व पूर्व माध्यमिक विद्यालय नगला गन्ना के शिक्षक संजीव कुमार, मुहम्मदपुर देवमल के गांव दल्लू धनौरा के प्राइमरी स्कूल के शिक्षामित्र विकास चौधरी का निधन हो चुका है। उन्होंने कहा कि कोराना संक्रमण के शिकार शिक्षक, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों एवं कर्मचारियों को कोराना योद्धा घोषित कर परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की। चेताया कि यदि सरकार ने सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो मतगणना का बहिष्कार कर आंदोलन को मजबूर होंगे। बैठक के अंत में दो मिनट का मौन रखकर मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। यहां जिलाध्यक्ष आसिफ गयूर, पूर्व जिलाध्यक्ष विनेश त्यागी, पूर्व जिला मंत्री टिकेश चौधरी, जिला प्रचार मंत्री विजय वर्मा, मयूर मलिक, लखवीर सिंह, ब्रजवीर सिंह, राकेश कुमार रहे।
विज्ञापन