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Bijnor News: बिजनौर - पेट और हड्डियों को प्रभावित कर रहा टीबी का बैक्टीरिया
Sun, 05 Feb 2023 11:37 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Sun, 05 Feb 2023 11:37 PM IST
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- जनवरी 2023 में एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी के मिले 150 मरीज
- टीबी के बैक्टीरिया से बचने के लिए बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। टीबी का बैक्टीरिया सिर्फ फेफड़ों को ही प्रभावित नहीं कर रहा, बल्कि पेट, हड्डी, गले, गुर्दे आदि को प्रभावित कर रहा है। जिले में फेफड़ों की टीबी के अलावा हड्डी, गले में गांठ, पेट की टीबी के मरीज बढ़ रहे हैं। सावधानी नहीं बरतने पर लोग टीबी की चपेट में आ रहे हैं। जनवरी में एक्स्ट्रा पोल्मोनरी के 150 मरीज मिले हैं।
टीबी का बैक्टीरिया बाल और नाखून को छोड़कर शरीर दूसरे अंग को प्रभावित कर रहा है। फेफड़े की टीबी के अलावा लोग एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी से भी ग्रसित आ रहे हैं। जनवरी 2023 में फेफड़ों की टीबी के 455 मरीज मिले हैं। जबकि 150 मरीज पेट, हड्डी, गले की टीबी के मिले हैं। जिनका क्षय विभाग में इलाज चल रहा है। पेट की टीबी में मरीज को बार-बार दस्त आना, पेट में दर्द होना जैसी समस्या आती है। इसके अलावा छोटे बच्चों को गले की टीबी हो जाती है। जिसमें बच्चों के गले में गांठ पड़ती है। साथ ही हड्डी की टीबी में मरीज की हड्डियों में घाव हो जाता है। जोड़ों के दर्द आदि को नजरअंदाज नहीं करें। लापरवाही करने पर टीबी की बीमारी बढ़ रही है। (संवाद)
पोल्मोनरी के 75 और एक्स्ट्रा पोल्मोनरी टीबी के 25 फीसदी मरीज
जिले में फेफड़े की टीबी (पोल्मोनरी) और अन्य टीबी (एक्स्ट्रा पोल्मोनरी) के मरीज मिल रहे हैं। टीबी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में फेफड़ों की टीबी के 75 फीसदी और अन्य टीबी के 25 फीसदी मरीज ग्रसित हैं।
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टीबी के लक्षण -
-खांसी के साथ बलगम आना
-बलगम में कभी-कभी खून आना
-भूख नहीं लगना
-वजन कम होना
-सीने में दर्द होना
-हल्का बुखार आना
-रात में पसीना आना
-सूजन आना
-- -- -- -
टीबी से बचाव-
-रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं
-प्रोटीन युक्त भोजन खाएं
-कम रोशनी और गंदी जगह पर न जाएं
-संक्रमित व्यक्ति के पास न जाएं
-दो हफ्ते से ज्यादा खांसी रहने पर चिकित्सक को दिखाएं
-- -- -- - पोल्मोनरी और एक्स्ट्रा पोल्मोनरी टीबी के मरीज-
साल- फेफड़े की टीबी के मरीज- अन्य टीबी के मरीज
2019- 5934- 2110
2020- 4367- 1438
2021- 5794- 1663
2022- 8089- 2436
2023- 455- 150
नोट: साल 2023 के टीबी के आंकड़े जनवरी तक के हैं।
-- -- -- - वर्जन::
जिले में अब एक्स्ट्रा पोल्मोनरी टीबी के मरीजों की संख्या काफी बढ़ रही है। बिजनौर में फेफड़ों के अलावा हड्डी, गले में गांठ की टीबी के ज्यादा मरीज हैं। यह बैक्टीरिया शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। एक्स्ट्रा पोल्मोनरी टीबी के मरीजों का भी इलाज चल रहा है - डॉ. वीएस रावत, जिला क्षय रोग अधिकारी
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- टीबी के बैक्टीरिया से बचने के लिए बढ़ाएं रोग प्रतिरोधक क्षमता
अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। टीबी का बैक्टीरिया सिर्फ फेफड़ों को ही प्रभावित नहीं कर रहा, बल्कि पेट, हड्डी, गले, गुर्दे आदि को प्रभावित कर रहा है। जिले में फेफड़ों की टीबी के अलावा हड्डी, गले में गांठ, पेट की टीबी के मरीज बढ़ रहे हैं। सावधानी नहीं बरतने पर लोग टीबी की चपेट में आ रहे हैं। जनवरी में एक्स्ट्रा पोल्मोनरी के 150 मरीज मिले हैं।
टीबी का बैक्टीरिया बाल और नाखून को छोड़कर शरीर दूसरे अंग को प्रभावित कर रहा है। फेफड़े की टीबी के अलावा लोग एक्स्ट्रा पल्मोनरी टीबी से भी ग्रसित आ रहे हैं। जनवरी 2023 में फेफड़ों की टीबी के 455 मरीज मिले हैं। जबकि 150 मरीज पेट, हड्डी, गले की टीबी के मिले हैं। जिनका क्षय विभाग में इलाज चल रहा है। पेट की टीबी में मरीज को बार-बार दस्त आना, पेट में दर्द होना जैसी समस्या आती है। इसके अलावा छोटे बच्चों को गले की टीबी हो जाती है। जिसमें बच्चों के गले में गांठ पड़ती है। साथ ही हड्डी की टीबी में मरीज की हड्डियों में घाव हो जाता है। जोड़ों के दर्द आदि को नजरअंदाज नहीं करें। लापरवाही करने पर टीबी की बीमारी बढ़ रही है। (संवाद)
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पोल्मोनरी के 75 और एक्स्ट्रा पोल्मोनरी टीबी के 25 फीसदी मरीज
जिले में फेफड़े की टीबी (पोल्मोनरी) और अन्य टीबी (एक्स्ट्रा पोल्मोनरी) के मरीज मिल रहे हैं। टीबी विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक जिले में फेफड़ों की टीबी के 75 फीसदी और अन्य टीबी के 25 फीसदी मरीज ग्रसित हैं।
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टीबी के लक्षण -
-खांसी के साथ बलगम आना
-बलगम में कभी-कभी खून आना
-भूख नहीं लगना
-वजन कम होना
-सीने में दर्द होना
-हल्का बुखार आना
-रात में पसीना आना
-सूजन आना
टीबी से बचाव-
-रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं
-प्रोटीन युक्त भोजन खाएं
-कम रोशनी और गंदी जगह पर न जाएं
-संक्रमित व्यक्ति के पास न जाएं
-दो हफ्ते से ज्यादा खांसी रहने पर चिकित्सक को दिखाएं
साल- फेफड़े की टीबी के मरीज- अन्य टीबी के मरीज
2019- 5934- 2110
2020- 4367- 1438
2021- 5794- 1663
2022- 8089- 2436
2023- 455- 150
नोट: साल 2023 के टीबी के आंकड़े जनवरी तक के हैं।
जिले में अब एक्स्ट्रा पोल्मोनरी टीबी के मरीजों की संख्या काफी बढ़ रही है। बिजनौर में फेफड़ों के अलावा हड्डी, गले में गांठ की टीबी के ज्यादा मरीज हैं। यह बैक्टीरिया शरीर के किसी भी अंग को प्रभावित कर सकता है। एक्स्ट्रा पोल्मोनरी टीबी के मरीजों का भी इलाज चल रहा है - डॉ. वीएस रावत, जिला क्षय रोग अधिकारी