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धामपुर के 28 गांवों का होगा सर्वे, लिए जाएंगे सैंपल
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धामपुर के 28 गांवों का होगा सर्वे, लिए जाएंगे सैंपल
धामपुर। जिले के गांव अमखेड़ा शंजरपुर में बर्ड फ्लू महामारी की पुष्टि के बाद पशुपालन विभाग ने 10 किलोमीटर परिधि के 28 गांवों को संक्रमित क्षेत्र में शामिल कर सर्वे का काम शुरू कर दिया है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन 28 गांवों में यह देखा जा रहा है कि किन किन लोगों के यहां पर मुर्गी और बत्तखों का पालन किया जा रहा है। यदि मुर्गी और बत्तख का पालन हो रहा है तो उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इस कार्य को पूर्ण करने के लिए सात टीमों का गठन किया गया है। टीमों में शामिल कर्मचारी और अधिकारी प्रत्येक गांव में जाकर सर्वे कर रहे हैं। संज्ञान में आया है कि दस किमी परिधि के इन 28 गांवों में कई लोग मुर्गी और बत्तख पालन कर रहे हैं। इन बत्तखों और मुर्गी के सैंपल लेकर परीक्षण कराया जाएगा। यदि इनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है तो इससे निपटने की योजना बनाई जाएगी। गौरतलब है कि गांव अमखेडा शंजरपुर के मदन सिंह पाल के पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू से करीब छह हजार मुर्गियों की मौत हो चुकी। पशुपालन सहित करीब दस विभागों के अधिकारी संक्रमण को फैलने से रोकने को लगे हैं।
इन गांवों का किया जाएगा सर्वे
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र से दस किमी की परिधि में आने वाले गांवों में नींदडू, बाजिदपुर, मिर्जापुर पल्ला, अमखेड़ा, शंजरपुर, मधी, परमावाला, लड्डावाला, मौजमपुर जैतरा, अजीतपुर दासी, बसेड़ा खुर्द, खजिस्तानगर, बमरोली, जमालपुर आलम, धामपुर नगर पालिका, अल्हैपुर, बिशनपुर, मोहड़ा, मोहड़ी, मटौरामान, मटोरा दरगाह, मनकुआं, अहमदपुर जलाल, गज्जूपुरा, सुहागपुर, हैजरी, नवादा शामिल हैं। इन गांवों के लोगों को बर्ड फ्लू महामारी के प्रति जागरूक करने के लिए सात टीमें लगी हैं।
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पक्षी बीमार है तो तत्काल दें सूचना
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है कि वह अपने बीमार मुर्गी और बत्तख के बारे में पशुपालन विभाग को अवश्य बताएं। क्योंकि यदि पक्षी बीमार है तो उसका उपचार जरूर कराना चाहिए। लापरवाही बरतने पर संक्रमण के फैलने का खतरा बन सकता है।
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धामपुर। जिले के गांव अमखेड़ा शंजरपुर में बर्ड फ्लू महामारी की पुष्टि के बाद पशुपालन विभाग ने 10 किलोमीटर परिधि के 28 गांवों को संक्रमित क्षेत्र में शामिल कर सर्वे का काम शुरू कर दिया है। पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन 28 गांवों में यह देखा जा रहा है कि किन किन लोगों के यहां पर मुर्गी और बत्तखों का पालन किया जा रहा है। यदि मुर्गी और बत्तख का पालन हो रहा है तो उनके सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे।
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि इस कार्य को पूर्ण करने के लिए सात टीमों का गठन किया गया है। टीमों में शामिल कर्मचारी और अधिकारी प्रत्येक गांव में जाकर सर्वे कर रहे हैं। संज्ञान में आया है कि दस किमी परिधि के इन 28 गांवों में कई लोग मुर्गी और बत्तख पालन कर रहे हैं। इन बत्तखों और मुर्गी के सैंपल लेकर परीक्षण कराया जाएगा। यदि इनमें बर्ड फ्लू की पुष्टि होती है तो इससे निपटने की योजना बनाई जाएगी। गौरतलब है कि गांव अमखेडा शंजरपुर के मदन सिंह पाल के पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू से करीब छह हजार मुर्गियों की मौत हो चुकी। पशुपालन सहित करीब दस विभागों के अधिकारी संक्रमण को फैलने से रोकने को लगे हैं।
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इन गांवों का किया जाएगा सर्वे
उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र से दस किमी की परिधि में आने वाले गांवों में नींदडू, बाजिदपुर, मिर्जापुर पल्ला, अमखेड़ा, शंजरपुर, मधी, परमावाला, लड्डावाला, मौजमपुर जैतरा, अजीतपुर दासी, बसेड़ा खुर्द, खजिस्तानगर, बमरोली, जमालपुर आलम, धामपुर नगर पालिका, अल्हैपुर, बिशनपुर, मोहड़ा, मोहड़ी, मटौरामान, मटोरा दरगाह, मनकुआं, अहमदपुर जलाल, गज्जूपुरा, सुहागपुर, हैजरी, नवादा शामिल हैं। इन गांवों के लोगों को बर्ड फ्लू महामारी के प्रति जागरूक करने के लिए सात टीमें लगी हैं।
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पक्षी बीमार है तो तत्काल दें सूचना
उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है कि वह अपने बीमार मुर्गी और बत्तख के बारे में पशुपालन विभाग को अवश्य बताएं। क्योंकि यदि पक्षी बीमार है तो उसका उपचार जरूर कराना चाहिए। लापरवाही बरतने पर संक्रमण के फैलने का खतरा बन सकता है।