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बंपर पैदावार के चक्कर में बो दिया रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना

Sun, 08 Dec 2019 11:18 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 08 Dec 2019 11:18 PM IST
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Sugarcane of the rejected species was sown in the course of bumper yield
बंपर पैदावार के चक्कर में बो दिया रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना
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बिजनौर। किसान पैदावार बढ़ाने के चक्कर में रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना बो रहे हैं। रिजेक्ट प्रजाति की गन्ना पर्ची देर से मिलेंगी। अगले पेराई सत्र में प्रदेश में रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने की खरीद बिलकुल नहीं होगी। ऐसे में किसानों को मिल में गन्ना बेचने में परेशानी उठानी पड़ेगी। किसानों का रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना नहीं खरीदा जाएगा।
जिले में गन्ना रकबा दो लाख 21 हजार हेक्टेयर है। जिले में 96 प्रतिशत से अधिक रकबे में 0238 प्रजाति का गन्ना किसानों ने बो रखा है। इसके अलावा करीब शत प्रतिशत जमीन में अर्ली प्रजाति का ही गन्ना खड़ा है। अर्ली प्रजाति के गन्नों में किसानों को बंपर पैदावार मिल रही है, लेकिन इससे भी कुछ किसानों को संतोष नहीं है। जिले के किसान आसपास के जिलों व सूबों से गन्ना लाकर बो देते हैं। किसानों को यह भी पता नहीं होता है कि गन्ना रिजेक्ट प्रजाति का है। किसान खेतों में लाकर गन्ना बो देते हैं। ऐसा ही मामला हल्दौर के खतापुर में देखने को मिला है। यहां कुछ किसानों ने दूसरे क्षेत्र से लाकर गन्ना बो दिया। किसानों को लगा कि गन्ना 0239 प्रजाति जैसा है। 0239 अर्ली प्रजाति में शामिल है, लेकिन किसानों का गन्ना रिजेक्ट प्रजाति का निकला। नजीबाबाद मिल की प्रयोगशाला में रिकवरी के आधार पर गन्ने के रिजेक्ट होने का पता चला है और भी कुछ जगह पर रिजेक्ट गन्ना होने के बारे में पता चला है। शासन ने निर्देश जारी किए हैं कि अगले साल से रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना मिलें नहीं खरीदेंगी। किसानों को रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना न बोने के लिए मिलें पहले से ही जागरूक कर रही हैं।
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रिकवरी से गन्ना हुआ फेल
हल्दौर के गांव खतापुर के किसानों ने गन्ना बोया था। मिल ने गन्ने को रिजेक्ट बता दिया। किसानों ने धरना दिया। नजीबाबाद मिल की प्रयोगशाला में जांच की गई तो गन्ने की रिकवरी 6.47 प्रतिशत निकली। रिकवरी के आधार पर गन्ना फेल हो गया।
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रिजेक्ट में रिकवरी आधी
वर्तमान में गन्ने से चीनी की रिकवरी 12 प्रतिशत आ रही है। ऐसे में छह प्रतिशत गन्ने की रिकवरी वाला गन्ना लेना मिल के लिए खुद ही नुकसान का सौदा रहता है।
रिजेक्ट का दाम कम
अर्ली प्रजाति के गन्ने का मूल्य 325, सामान्य प्रजाति का 315 तथा रिजेक्ट प्रजाति का मूल्य 305 रुपये प्रति क्विंटल है। रिजेक्ट प्रजाति का वर्तमान में भी किसानों को कम मूल्य मिल रहा है। साथ ही रिजेक्ट प्रजाति के गन्ने की पर्ची भी देर से मिलती है।
ये प्रजाति बो सकते हैं किसान
किसान कोयंबटूर 0118, 0238, 0232, 0237, कोजे 0264, 239, 1235, 3234, 1421, 5125, 8272, 8436, 88230, 94184, 95422, 98014 प्रजाति का गन्ना बो सकते हैं। ये सभी अर्ली प्रजाति हैं।

अगले साल नहीं लेंगे रिजेक्ट गन्ना
बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार खतापुर के किसान के खेत में रिजेक्ट प्रजाति का गन्ना मिला है। रिजेक्ट गन्ना किसान आगे न बोएं। अगले साल से मिल रिजेक्ट गन्ना नहीं खरीदेगी।
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