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शुगर रिकवरी में बिजनौर नंबर वन
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 19 Nov 2016 11:58 PM IST
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बिजनौरमें बिजनौर पेराई सत्र के पहले पखवाड़े में शुगर रिकवरी में हिंदुस्तान में नंबर वन हो गया है। जिले की बूंदकी शुगर मिल ने यह मुकाम हासिल किया है। रिकवरी बढ़ने का लाभ शुगर मिलों समेत किसानों को गन्ना मूल्य भुगतान में मिलेगा।
डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार जिले के किसानों ने ट्रैच विधि से अर्ली वैरायटी का गन्ना अधिक रकबे में बोया। फसल में समय से खाद पानी दिया। संतुलित रसायनों का इस्तेमाल किया। किसानों की मेहनत रंग लाई, जिसके चलते गन्ने में इस बार कोई बीमारी नहीं है। इससे पैदावार बढ़ी है। गन्ने की रिकवरी ने ऊंची छलांग लगाई। गन्ना रिकवरी में देश के दूसरे राज्यों से आगे निकल गया। जिले की बूंदकी शुगर मिल की औसतन रिकवरी 18 नवंबर तक 10.85 फीसदी है। यह भारत में नंबर वन है। महाराष्ट्र राज्य के शुगर मिलों की सबसे अधिक औसतन रिकवरी 10.65 फीसदी और उसके बाद कर्नाटक राज्य की रामदुर्ग शुगर मिल की औसतन सर्वाधिक रिकवरी 10.52 फीसदी है। जिले की धामपुर, अफजलगढ़ और स्योहारा शुगर मिलों की रिकवरी भी अन्य राज्यों से बहुत आगे हैं।
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डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार जिले के किसानों ने ट्रैच विधि से अर्ली वैरायटी का गन्ना अधिक रकबे में बोया। फसल में समय से खाद पानी दिया। संतुलित रसायनों का इस्तेमाल किया। किसानों की मेहनत रंग लाई, जिसके चलते गन्ने में इस बार कोई बीमारी नहीं है। इससे पैदावार बढ़ी है। गन्ने की रिकवरी ने ऊंची छलांग लगाई। गन्ना रिकवरी में देश के दूसरे राज्यों से आगे निकल गया। जिले की बूंदकी शुगर मिल की औसतन रिकवरी 18 नवंबर तक 10.85 फीसदी है। यह भारत में नंबर वन है। महाराष्ट्र राज्य के शुगर मिलों की सबसे अधिक औसतन रिकवरी 10.65 फीसदी और उसके बाद कर्नाटक राज्य की रामदुर्ग शुगर मिल की औसतन सर्वाधिक रिकवरी 10.52 फीसदी है। जिले की धामपुर, अफजलगढ़ और स्योहारा शुगर मिलों की रिकवरी भी अन्य राज्यों से बहुत आगे हैं।
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