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वेब पत्रिका समालोचन को पढ़ेंगे मुंबई विवि के छात्र
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नजीबाबाद। डिजिटल माध्यम से प्रकाशित नगर की वेब साहित्यिक पत्रिका समालोचन को मुंबई विवि पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
देश के सबसे पुराने मुंबई विश्वविद्यालय ने साहू जैन कॉलेज नजीबाबाद के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डा. अरुण देव के संपादन में प्रकाशित वेब पत्रिका समालोचन को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर आधारित वेब पत्रिका का प्रकाशन वर्ष 2010 में नजीबाबाद से शुरू हुआ था। 11 वर्षों से लगातार प्रकाशित हो रही पत्रिका समालोचन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। साहू जैन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके मित्तल हिंदी विभाग के अध्यक्ष डा.शुभा माहेश्वरी, पूर्व प्राचार्या डा.विधु ने मुंबई विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में वेब पत्रिका समालोचन के शामिल होने को प्रदेश और जनपद बिजनौर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।
एकाग्र माटी का संपादन कर चुके है अरुण देव
नजीबाबाद। कवि एवं संपादक डॉ अरुण देव ने मूर्धन्य लेखक, विचारक, कला मर्मज्ञ, साहित्यकार अशोक वाजपेई पर एकाग्र माटी के अंक का संपादन किया है। हाल ही में अरुण देव को आर्ट फाउंडेशन जबलपुर मध्य प्रदेश की ओर से वेब पत्रिका समालोचन के संपादन के लिए इत्यादि सम्मान से नवाजा जा चुका है।
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देश के सबसे पुराने मुंबई विश्वविद्यालय ने साहू जैन कॉलेज नजीबाबाद के हिंदी विभाग के प्रोफेसर डा. अरुण देव के संपादन में प्रकाशित वेब पत्रिका समालोचन को पाठ्यक्रम में शामिल किया है। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक विषयों पर आधारित वेब पत्रिका का प्रकाशन वर्ष 2010 में नजीबाबाद से शुरू हुआ था। 11 वर्षों से लगातार प्रकाशित हो रही पत्रिका समालोचन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है। साहू जैन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एके मित्तल हिंदी विभाग के अध्यक्ष डा.शुभा माहेश्वरी, पूर्व प्राचार्या डा.विधु ने मुंबई विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में वेब पत्रिका समालोचन के शामिल होने को प्रदेश और जनपद बिजनौर के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।
एकाग्र माटी का संपादन कर चुके है अरुण देव
नजीबाबाद। कवि एवं संपादक डॉ अरुण देव ने मूर्धन्य लेखक, विचारक, कला मर्मज्ञ, साहित्यकार अशोक वाजपेई पर एकाग्र माटी के अंक का संपादन किया है। हाल ही में अरुण देव को आर्ट फाउंडेशन जबलपुर मध्य प्रदेश की ओर से वेब पत्रिका समालोचन के संपादन के लिए इत्यादि सम्मान से नवाजा जा चुका है।
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