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विद्यार्थियों को नहीं है कम हुए कोर्स की जानकारी
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विद्यार्थियों को नहीं है कम हुए कोर्स की जानकारी
बिजनौर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा में थोड़ा समय ही बचा है। विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी में लगे हैं। बोर्ड भी विद्यालयों को परीक्षा संबंधी मैटीरियल जुटा रहा है। कोरोना के कारण हाईस्कूल व इंटर के विषयों का कोर्स 30 प्रतिशत कम है, लेकिन विद्यार्थियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। पाठ्यक्रम कम होने की अनभिज्ञता विद्यार्थियों के परीक्षाफल पर असर डाल सकती है। बोर्ड ने पेपर के प्रारूप की जानकारी देने के लिए हर विषय के सैंपल पेपर भेजे हैं।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा मार्च में संभावित है। विधानसभा चुनाव के शोर के बीच बोर्ड परीक्षा की तैयारी भी चल रही है। कोरोना के कारण वर्ष 2021 में विद्यालय लंबे समय बंद रहे। शासन ने विद्यालय बंदी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने परीक्षा के लिए हाईस्कूल व इंटर के विभिन्न विषय के कोर्स को 30 प्रतिशत कम कर दिया था। माध्यमिक विद्यालयों का 2021-22 का शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू हुआ है, लेकिन विद्यार्थियों की ऑफलाइन पढ़ाई के लिए सितंबर में खुले हैं। इसके बाद विद्यालयों में दाखिले व परीक्षा फार्म भरने के काम हुए। इससे पहले कि पढ़ाई पटरी पर आती कि दोबारा विद्यालय कोरोना के कारण बंद हो गए। हाईस्कूल व इंटर की प्री-बोर्ड परीक्षा भी नहीं हुई है। प्री-बोर्ड एवं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2021 में विषयवार कोर्स कम होने के बाद बचे कोर्स में ही होगी। ग्रामीण अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालयों के बंद रहने से विद्यार्थियों को विषयवार कम हुए कोर्स की जानकारी नहीं है। वित्तविहीन विद्यालयों के विद्यार्थी अधिक प्रभावित हैं। अभिभावक राजकुमार सिंह, नरेंद्र पाल, हरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि ग्रामीण विद्यार्थी पुराने कोर्स से ही तैयारी कर रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि किस विषय में कौन-कौन से टॉपिक हटे हैं। ऐसे में परीक्षा में उनकी मेहनत बेकार हो जाने का डर है। मांग की है कि विद्यालयों द्वारा हर छात्र को फोन से जानकारी देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि सैंपल पेपर्स कई माह पहले बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए थे। विद्यालयों को सैंपल पेपर्स की जानकारी देने के निर्देश पहले ही दिए गए थे।
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बिजनौर। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर परीक्षा में थोड़ा समय ही बचा है। विद्यार्थी परीक्षा की तैयारी में लगे हैं। बोर्ड भी विद्यालयों को परीक्षा संबंधी मैटीरियल जुटा रहा है। कोरोना के कारण हाईस्कूल व इंटर के विषयों का कोर्स 30 प्रतिशत कम है, लेकिन विद्यार्थियों को इसकी जानकारी तक नहीं है। पाठ्यक्रम कम होने की अनभिज्ञता विद्यार्थियों के परीक्षाफल पर असर डाल सकती है। बोर्ड ने पेपर के प्रारूप की जानकारी देने के लिए हर विषय के सैंपल पेपर भेजे हैं।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा मार्च में संभावित है। विधानसभा चुनाव के शोर के बीच बोर्ड परीक्षा की तैयारी भी चल रही है। कोरोना के कारण वर्ष 2021 में विद्यालय लंबे समय बंद रहे। शासन ने विद्यालय बंदी को ध्यान में रखते हुए बोर्ड ने परीक्षा के लिए हाईस्कूल व इंटर के विभिन्न विषय के कोर्स को 30 प्रतिशत कम कर दिया था। माध्यमिक विद्यालयों का 2021-22 का शिक्षा सत्र एक अप्रैल से शुरू हुआ है, लेकिन विद्यार्थियों की ऑफलाइन पढ़ाई के लिए सितंबर में खुले हैं। इसके बाद विद्यालयों में दाखिले व परीक्षा फार्म भरने के काम हुए। इससे पहले कि पढ़ाई पटरी पर आती कि दोबारा विद्यालय कोरोना के कारण बंद हो गए। हाईस्कूल व इंटर की प्री-बोर्ड परीक्षा भी नहीं हुई है। प्री-बोर्ड एवं बोर्ड परीक्षा वर्ष 2021 में विषयवार कोर्स कम होने के बाद बचे कोर्स में ही होगी। ग्रामीण अभिभावकों का आरोप है कि विद्यालयों के बंद रहने से विद्यार्थियों को विषयवार कम हुए कोर्स की जानकारी नहीं है। वित्तविहीन विद्यालयों के विद्यार्थी अधिक प्रभावित हैं। अभिभावक राजकुमार सिंह, नरेंद्र पाल, हरेंद्र सिंह आदि का कहना है कि ग्रामीण विद्यार्थी पुराने कोर्स से ही तैयारी कर रहे हैं। उन्हें पता ही नहीं है कि किस विषय में कौन-कौन से टॉपिक हटे हैं। ऐसे में परीक्षा में उनकी मेहनत बेकार हो जाने का डर है। मांग की है कि विद्यालयों द्वारा हर छात्र को फोन से जानकारी देने की व्यवस्था की जानी चाहिए। डीआईओएस राजेश कुमार ने बताया कि सैंपल पेपर्स कई माह पहले बोर्ड की वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए थे। विद्यालयों को सैंपल पेपर्स की जानकारी देने के निर्देश पहले ही दिए गए थे।
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