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सीएमओ और डा. महेंद्र सिंह में हुई खींचतान
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सीएमओ और उप मुख्य चिकित्साधिकारी में हुई खींचतान
उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने सीएमओ पर झोलाछापों के अनुमति पत्र छीनने का लगाया आरोप
बिजनौर। उप मुख्य चिकित्साधिकारी (प्रशासन) ने सीएमओ पर झोलाछापों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दिए अनुमति पत्रों को अपने कार्यालय में बुलाकर बलपूर्वक छीनने का आरोप लगाया है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने सीएमओ पर राजनीतिक दबाव में आकर रिपोर्ट दर्ज न कराने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। इसे लेकर सोमवार को सीएमओ और डिप्टी सीएमओ के बीच जमकर खींचतान हुई।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (प्रशासन) डा. महेंद्र सिंह के अनुसार सोमवार को सीएमओ विजय कुमार यादव ने अपने स्टेनो मो. अहमद से उन्हें अपने केबिन में झोलाछापों से संबंधित जांच रिपोर्ट लेकर बुलवाया। वे इससे संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर सीएमओ के पास पहुंच गए। आरोप है कि सीएमओ ने स्टेनो के सामने ही बलपूर्वक उनसे झोलाछापों से संबंधित दस्तावेज बिना रिसीव कराए ही छीन लिए। इसके बाद उन्हें बाहर निकाल दिया। सीसीटीवी फुटेज में यह पूरा घटनाक्रम कैद हो चुका है। डा. महेंद्र के मुताबिक थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव राजोपुर सादात निवासी झोलाछाप चिकित्सक लोकेंद्र सिंह पुत्र राजेश सिंह एवं इसी गांव के डा. राहुल कुमार पुत्र घनश्याम तथा किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव सैदपुरी निवासी डा. भूपेंद्र कुमार समेत छह चिकित्सकों की आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज थी। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त निर्देश पर वे संबंधित थानों का पुलिस बल लेकर शिकायतों का निस्तारण करने पहुंचे थे। इन झोलाछापों के क्लीनिकों पर भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयों का भंडार मिला था। निरीक्षण के दौरान काफी मात्रा में प्रयोग हुए और बिना प्रयोग हुए इंजेक्शन के बॉयल मिले थे। इसके अलावा अन्य भारी अनियमितताएं मिली थीं। इन झोलाछापों को नोटिस जारी किया गया। निर्धारित तिथि के अंदर न तो ये अपने चिकित्सकीय कार्य करने संबंधी प्रमाणपत्र उपस्थित नहीं किये गए। इस पर डा. महेंद्र ने सीएमओ से इन पर रिपोर्ट कराने के लिए अनुमति मांगी थी। अनुमति दे दी गई थी। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराने से पूर्व ही उनसे सारे दस्तावेज सीएमओ ने बलपूर्वक छीन लिए। सीएमओ विजय कुमार यादव ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि डा. महेंद्र सिंह को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए 25 सितंबर को ही अनुमति दे दी गई थी, तो अब तक रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने बताया कि वे किसी तरह के पॉलीटिकल प्रेशर में नहीं हैं। वे स्वयं इस मामले की जांच करेंगे।
अंजाम भुगतने की धमकी दे चुके हैं झोलाछाप
डा. महेंद्र सिंह के अनुसार झोलाछाप चिकित्सक डा. लोकेंद्र, डा. राहुल कुमार, डा. भूपेंद्र सिंह आदि करीब 20 झोलाछाप अपने साथ किरतपुर थाना क्षेत्र के ही गांव कसौर निवासी पृथ्वी सिंह को अपने साथ लेकर सीएमओ कार्यालय आए थे। आरोप है कि डा. लोकेंद्र और डा. भूपेंद्र समेत करीब 20 लोगों ने सीएमओ डा. विजय कुमार यादव के माध्यम से बुलाकर अभद्र व्यवहार किया और झोलाछापों पर रिपोर्ट दर्ज न कराने के लिए दबाव बनाया। रिपोर्ट दर्ज कराने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। डा. महेंद्र ने बताया कि इन लोगों के अलावा अन्य के नाम उन्हें याद नहीं हैं तथा सामने आने पर अन्य व्यक्तियों को वे पहचान सकते हैं।
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उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने सीएमओ पर झोलाछापों के अनुमति पत्र छीनने का लगाया आरोप
बिजनौर। उप मुख्य चिकित्साधिकारी (प्रशासन) ने सीएमओ पर झोलाछापों पर रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए दिए अनुमति पत्रों को अपने कार्यालय में बुलाकर बलपूर्वक छीनने का आरोप लगाया है। उप मुख्य चिकित्साधिकारी ने सीएमओ पर राजनीतिक दबाव में आकर रिपोर्ट दर्ज न कराने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया है। इसे लेकर सोमवार को सीएमओ और डिप्टी सीएमओ के बीच जमकर खींचतान हुई।
उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी (प्रशासन) डा. महेंद्र सिंह के अनुसार सोमवार को सीएमओ विजय कुमार यादव ने अपने स्टेनो मो. अहमद से उन्हें अपने केबिन में झोलाछापों से संबंधित जांच रिपोर्ट लेकर बुलवाया। वे इससे संबंधित समस्त दस्तावेज लेकर सीएमओ के पास पहुंच गए। आरोप है कि सीएमओ ने स्टेनो के सामने ही बलपूर्वक उनसे झोलाछापों से संबंधित दस्तावेज बिना रिसीव कराए ही छीन लिए। इसके बाद उन्हें बाहर निकाल दिया। सीसीटीवी फुटेज में यह पूरा घटनाक्रम कैद हो चुका है। डा. महेंद्र के मुताबिक थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव राजोपुर सादात निवासी झोलाछाप चिकित्सक लोकेंद्र सिंह पुत्र राजेश सिंह एवं इसी गांव के डा. राहुल कुमार पुत्र घनश्याम तथा किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव सैदपुरी निवासी डा. भूपेंद्र कुमार समेत छह चिकित्सकों की आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत दर्ज थी। मुख्यमंत्री कार्यालय से प्राप्त निर्देश पर वे संबंधित थानों का पुलिस बल लेकर शिकायतों का निस्तारण करने पहुंचे थे। इन झोलाछापों के क्लीनिकों पर भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाइयों का भंडार मिला था। निरीक्षण के दौरान काफी मात्रा में प्रयोग हुए और बिना प्रयोग हुए इंजेक्शन के बॉयल मिले थे। इसके अलावा अन्य भारी अनियमितताएं मिली थीं। इन झोलाछापों को नोटिस जारी किया गया। निर्धारित तिथि के अंदर न तो ये अपने चिकित्सकीय कार्य करने संबंधी प्रमाणपत्र उपस्थित नहीं किये गए। इस पर डा. महेंद्र ने सीएमओ से इन पर रिपोर्ट कराने के लिए अनुमति मांगी थी। अनुमति दे दी गई थी। इसके बाद रिपोर्ट दर्ज कराने से पूर्व ही उनसे सारे दस्तावेज सीएमओ ने बलपूर्वक छीन लिए। सीएमओ विजय कुमार यादव ने आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने बताया कि डा. महेंद्र सिंह को रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए 25 सितंबर को ही अनुमति दे दी गई थी, तो अब तक रिपोर्ट दर्ज क्यों नहीं कराई गई। उन्होंने बताया कि वे किसी तरह के पॉलीटिकल प्रेशर में नहीं हैं। वे स्वयं इस मामले की जांच करेंगे।
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अंजाम भुगतने की धमकी दे चुके हैं झोलाछाप
डा. महेंद्र सिंह के अनुसार झोलाछाप चिकित्सक डा. लोकेंद्र, डा. राहुल कुमार, डा. भूपेंद्र सिंह आदि करीब 20 झोलाछाप अपने साथ किरतपुर थाना क्षेत्र के ही गांव कसौर निवासी पृथ्वी सिंह को अपने साथ लेकर सीएमओ कार्यालय आए थे। आरोप है कि डा. लोकेंद्र और डा. भूपेंद्र समेत करीब 20 लोगों ने सीएमओ डा. विजय कुमार यादव के माध्यम से बुलाकर अभद्र व्यवहार किया और झोलाछापों पर रिपोर्ट दर्ज न कराने के लिए दबाव बनाया। रिपोर्ट दर्ज कराने पर अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। डा. महेंद्र ने बताया कि इन लोगों के अलावा अन्य के नाम उन्हें याद नहीं हैं तथा सामने आने पर अन्य व्यक्तियों को वे पहचान सकते हैं।
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