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Bijnor News: हड़ताल और बारिश ने ध्वस्त की बिजली व्यवस्था
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बिजनौर। विद्युत कर्मचारी, अधिकारियों की चल रही हड़ताल के चलते पहले बिजली व्यवस्था पटरी से उतरी हुई थी, बारिश ने और कोढ़ में खाज जैसी स्थिति कर दी। जिले भर में शुक्रवार रात करीब एक बजे से लाइनों में तकनीकी खराबी आनी शुरू हो गई थी। जिला मुख्यालय पर ही करीब 17 घंटे बिजली गुल रही। शाम के समय बुखारा से बिजली आपूर्ति सुचारु की तो 132 केवी बिजलीघर में तकनीकी खराबी से फिर गायब हो गई। बिजली व्यवस्था सुधारने में प्रशासन भी बेबस दिखाई दिया।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्श समिति के बैनर तले अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर चल रहे बिजली कर्मियों की हड़ताल व धरना शनिवार को भी जारी रहा। दिन में बारिश होने के बाद भी धरने पर विद्युत कर्मियों की भीड़ काफी रही है। धरने को 18 सरकारी संगठनों ने समर्थन दिया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि विद्युत कर्मियों का उत्पीड़न किया, तो जेल भरो आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
ऊर्जा निगम के जिले में करीब करीब 97 उपविद्युत केंद्र हैं, जिनसे करीब 400 फीडर जुड़े हैं। इन्हें संचालित करने वाले बिजली कर्मचारी, संविदाकर्मी गत बृहस्पतिवार रात्रि 10 बजे से हड़ताल पर जाने से लाइनों के फाल्ट आदि सही नहीं हो रहे हैं। शुक्रवार की मध्य रात्रि से बारिश व हवा चलने से आपूर्ति पटरी से उतर गई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लाइनों में फाल्ट आदि होने से आपूर्ति बंद है। प्रशासन की ओर से प्राइवेट व सेवानिवृत्त कर्मचारियों से लाइनों को सही कराकर आपूर्ति बहाल की जा रही है। परंतु तकनीकी कर्मियों के बिना कार्य पूर्ण नहीं हो रहा है। आंदोलन पर बैठे बिजली अधिकारियों ने बताया कि आधे जनपद में बिजलीघरों के फीडर ब्रेक डाउन हो गए थे।
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शहर में 17 घंटे गायब रही बिजली, 33 हजार उपभोक्ता परेशान रहे
ग्रामीण अंचल की ही नहीं जिला मुख्यालय पर बारिश से शुक्रवार रात्रि एक बजे से शनिवार शाम साढ़े छह बजे तक बिजली गायब रही। जिला मुख्यालय पर आवास-विकास और बुखारा बिजलीघर से आपूर्ति होती है। दोनों बिजलीघर से 15 फीडर निकल रहे हैं, जिन पर 33 हजार उपभोक्ता है। बिजली नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एसडीओ सदर ने लाइन सही कराकर बुखारा बिजली सुचारू कराया, तो 132 केवी बिजलीघर में तकनीकी कमी होने से बिजली गुल हो गई। शाम साढ़े छह बजे बुखारा बिजलीघर पर आपूर्ति सुचारू हुई। आवास-विकास के फीडरों में फाल्ट सही किए जा रहे हैं। शाम को कुछ मोहल्लों की आपूर्ति शुरू की तो 132 केवी बिजलीघर में तकनीकी कमी आने फिर गायब हो गई।
पेयजल को भटकते रहे इधर-उधर
-बिजली गायब होने से पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा है। घर के जरूरी कार्यों के लिए कालोनी के सरकारी नलों का सहारा लेना पड़ा है। रोहताश सिंह, निवासी शक्ति नगर
- रात्रि एक बजे से बिजली गायब हो गई। दिनभर बिजली नहीं आई है। दूसरे स्थानों से पानी लाकर जरूरी कार्यों को पूर्ण किया है। खिलेंदर सिंह, निवास आदमपुर
-हड़ताल पर बिजली कर्मी जाने से लाइनों के फाल्ट सही नहीं हो पा रहे हैं। लोगों को बिजली कटौती के कारण समस्याएं आ रही हैं। पेयजल आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ा है। अंश माहेश्वरी
अनुभवहीन के हाथों में बिजलीघर
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल व बारिश से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। ऐसे में बिजलीघरों पर लेखपाल की ड्यूटी लगाई गई है। मौसम सही होने पर वह बिजलीघरों का संचालन नहीं कर पा रहे है। धरने पर बैठे अफसरों ने कहा कि कई अनुभव हीन व्यक्तियों ने वीडियो कॉल करके बिजलीघर संचालन करने का प्रयास किया।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्श समिति के बैनर तले अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर चल रहे बिजली कर्मियों की हड़ताल व धरना शनिवार को भी जारी रहा। दिन में बारिश होने के बाद भी धरने पर विद्युत कर्मियों की भीड़ काफी रही है। धरने को 18 सरकारी संगठनों ने समर्थन दिया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि विद्युत कर्मियों का उत्पीड़न किया, तो जेल भरो आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।
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ऊर्जा निगम के जिले में करीब करीब 97 उपविद्युत केंद्र हैं, जिनसे करीब 400 फीडर जुड़े हैं। इन्हें संचालित करने वाले बिजली कर्मचारी, संविदाकर्मी गत बृहस्पतिवार रात्रि 10 बजे से हड़ताल पर जाने से लाइनों के फाल्ट आदि सही नहीं हो रहे हैं। शुक्रवार की मध्य रात्रि से बारिश व हवा चलने से आपूर्ति पटरी से उतर गई। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक लाइनों में फाल्ट आदि होने से आपूर्ति बंद है। प्रशासन की ओर से प्राइवेट व सेवानिवृत्त कर्मचारियों से लाइनों को सही कराकर आपूर्ति बहाल की जा रही है। परंतु तकनीकी कर्मियों के बिना कार्य पूर्ण नहीं हो रहा है। आंदोलन पर बैठे बिजली अधिकारियों ने बताया कि आधे जनपद में बिजलीघरों के फीडर ब्रेक डाउन हो गए थे।
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शहर में 17 घंटे गायब रही बिजली, 33 हजार उपभोक्ता परेशान रहे
ग्रामीण अंचल की ही नहीं जिला मुख्यालय पर बारिश से शुक्रवार रात्रि एक बजे से शनिवार शाम साढ़े छह बजे तक बिजली गायब रही। जिला मुख्यालय पर आवास-विकास और बुखारा बिजलीघर से आपूर्ति होती है। दोनों बिजलीघर से 15 फीडर निकल रहे हैं, जिन पर 33 हजार उपभोक्ता है। बिजली नहीं होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। एसडीओ सदर ने लाइन सही कराकर बुखारा बिजली सुचारू कराया, तो 132 केवी बिजलीघर में तकनीकी कमी होने से बिजली गुल हो गई। शाम साढ़े छह बजे बुखारा बिजलीघर पर आपूर्ति सुचारू हुई। आवास-विकास के फीडरों में फाल्ट सही किए जा रहे हैं। शाम को कुछ मोहल्लों की आपूर्ति शुरू की तो 132 केवी बिजलीघर में तकनीकी कमी आने फिर गायब हो गई।
पेयजल को भटकते रहे इधर-उधर
-बिजली गायब होने से पेयजल की समस्या से जूझना पड़ा है। घर के जरूरी कार्यों के लिए कालोनी के सरकारी नलों का सहारा लेना पड़ा है। रोहताश सिंह, निवासी शक्ति नगर
- रात्रि एक बजे से बिजली गायब हो गई। दिनभर बिजली नहीं आई है। दूसरे स्थानों से पानी लाकर जरूरी कार्यों को पूर्ण किया है। खिलेंदर सिंह, निवास आदमपुर
-हड़ताल पर बिजली कर्मी जाने से लाइनों के फाल्ट सही नहीं हो पा रहे हैं। लोगों को बिजली कटौती के कारण समस्याएं आ रही हैं। पेयजल आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ा है। अंश माहेश्वरी
अनुभवहीन के हाथों में बिजलीघर
बिजली कर्मचारियों की हड़ताल व बारिश से बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। ऐसे में बिजलीघरों पर लेखपाल की ड्यूटी लगाई गई है। मौसम सही होने पर वह बिजलीघरों का संचालन नहीं कर पा रहे है। धरने पर बैठे अफसरों ने कहा कि कई अनुभव हीन व्यक्तियों ने वीडियो कॉल करके बिजलीघर संचालन करने का प्रयास किया।