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Bijnor News: जिंदगी भर रहे साथ, अल्जाइमर ने भुला दी अपनों की छवि
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विश्व अल्जाइमर दिवस पर विशेष
-उम्र बढ़ने के साथ ही बढ़ता है अल्जाइमर का खतरा
-मेडिकल अस्पताल में भी हर महीने तीन मरीज तक अल्जाइमर के पहुंच रहे
-चिकित्सक लोगों को दे रहे बुढ़ापे में मां-बाप का ख्याल रखने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विश्व अल्जाइमर दिवस आज मनाया जा रहा है। अल्जाइमर बढ़ती उम्र के साथ होने वाली बीमारी है। इसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी याददाश्त खोने लगता है। समस्या बढ़ने पर लोग अपने परिवार के सदस्यों की छवि भी भूल रहे हैं। जिनके साथ वह जिंदगी भर रहे। मेडिकल अस्पताल में भी हर महीने तीन मरीज तक अल्जाइमर बीमारी से ग्रसित मरीज पहुंच रहे हैं।
अल्जाइमर मस्तिष्क में प्रोटीन का असामान्य निर्माण होने से भी होता है। इसके अलावा आनुवंशिक, पर्यावरणीय और जीवनशैली में परिवर्तन भी इसका कारण है। अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, जो व्यक्ति की स्मृति, सोचने की क्षमता और रोजमर्रा के कार्यों को प्रभावित करती है। इसका खतरा उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मस्तिष्क की चोट लगने वाले लोगों को ज्यादा है। मेडिकल अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन कुमार ने बताया कि स्वस्थ जीवनशैली, मस्तिष्क को सक्रिय रखकर, मानसिक और सामाजिक सक्रियता से अल्जाइमर की रोकथाम की जा सकती है।
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अल्जाइमर के लक्षण-
-स्मृति का धीरे-धीरे कम होना
-साधारण कार्यों को पूरा करने में कठिनाई
-मूड और व्यवहार में बदलाव
-व्यक्तित्व में परिवर्तन और भ्रम
-बोलने में दिक्कत होना
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ऐसे कर सकते हैं बचाव-
-पढ़ाई-लिखाई सहित नए कौशल सीखें
-शतरंज खेलना
-मस्तिष्क को चुनौती देने वाले कार्य करें
-दोस्तों, परिवार के साथ ज्यादा समय बिताएं
-सामाजिक गतिविधियों में शामिल हों
-चिकित्सक से परामर्श लें
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केस नंबर एक
बिजनौर निवासी 90 वर्षीय बुजुर्ग एक साल पहले तक पैसा, सामान रखकर भूल जाते थे। लेकिन अब अपने बच्चों के नाम भी भूलने लगे हैं। चप्पल पहनने और कपड़े भी गलत पहन लेते हैं।
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केस नंबर दो
बिजनौर निवासी 100 वर्षीय बुजुर्ग महिला को गुस्सा बहुत आता है। बच्चों से लड़ाई-झगड़ा करती है। उन्हें लगता है कि उनका सामान कोई उठा रहा है। यह भी याददाश्त की बीमारी से संबंधित एक लक्षण है।
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वर्जन::
डिमेंशिया और अल्जाइमर से पीड़ित लोगों के लिए समय पर निदान और उपचार बहुत जरूरी है। अक्सर लोग इसे सामान्य बुढ़ापे का हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि इसका प्रभाव व्यक्ति की संपूर्ण जीवनशैली पर पड़ता है।
....डॉ. नितिन कुमार, मनोरोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
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वर्जन::
बुजुर्गो में 70 की उम्र के बाद अल्जाइमर की समस्या बढ़ती है। योग, अच्छी दिनचर्या से इससे बचाव किया जा सकता है। मस्तिष्क में प्रोटीन की मात्रा बढ़ने पर भी अल्जाइमर होता है। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
....डॉ. विक्की सिंह, चिकित्सक, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
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-उम्र बढ़ने के साथ ही बढ़ता है अल्जाइमर का खतरा
-मेडिकल अस्पताल में भी हर महीने तीन मरीज तक अल्जाइमर के पहुंच रहे
-चिकित्सक लोगों को दे रहे बुढ़ापे में मां-बाप का ख्याल रखने की सलाह
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। विश्व अल्जाइमर दिवस आज मनाया जा रहा है। अल्जाइमर बढ़ती उम्र के साथ होने वाली बीमारी है। इसमें व्यक्ति धीरे-धीरे अपनी याददाश्त खोने लगता है। समस्या बढ़ने पर लोग अपने परिवार के सदस्यों की छवि भी भूल रहे हैं। जिनके साथ वह जिंदगी भर रहे। मेडिकल अस्पताल में भी हर महीने तीन मरीज तक अल्जाइमर बीमारी से ग्रसित मरीज पहुंच रहे हैं।
अल्जाइमर मस्तिष्क में प्रोटीन का असामान्य निर्माण होने से भी होता है। इसके अलावा आनुवंशिक, पर्यावरणीय और जीवनशैली में परिवर्तन भी इसका कारण है। अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, जो व्यक्ति की स्मृति, सोचने की क्षमता और रोजमर्रा के कार्यों को प्रभावित करती है। इसका खतरा उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मस्तिष्क की चोट लगने वाले लोगों को ज्यादा है। मेडिकल अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. नितिन कुमार ने बताया कि स्वस्थ जीवनशैली, मस्तिष्क को सक्रिय रखकर, मानसिक और सामाजिक सक्रियता से अल्जाइमर की रोकथाम की जा सकती है।
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अल्जाइमर के लक्षण-
-स्मृति का धीरे-धीरे कम होना
-साधारण कार्यों को पूरा करने में कठिनाई
-मूड और व्यवहार में बदलाव
-व्यक्तित्व में परिवर्तन और भ्रम
-बोलने में दिक्कत होना
ऐसे कर सकते हैं बचाव-
-पढ़ाई-लिखाई सहित नए कौशल सीखें
-शतरंज खेलना
-मस्तिष्क को चुनौती देने वाले कार्य करें
-दोस्तों, परिवार के साथ ज्यादा समय बिताएं
-सामाजिक गतिविधियों में शामिल हों
-चिकित्सक से परामर्श लें
केस नंबर एक
बिजनौर निवासी 90 वर्षीय बुजुर्ग एक साल पहले तक पैसा, सामान रखकर भूल जाते थे। लेकिन अब अपने बच्चों के नाम भी भूलने लगे हैं। चप्पल पहनने और कपड़े भी गलत पहन लेते हैं।
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केस नंबर दो
बिजनौर निवासी 100 वर्षीय बुजुर्ग महिला को गुस्सा बहुत आता है। बच्चों से लड़ाई-झगड़ा करती है। उन्हें लगता है कि उनका सामान कोई उठा रहा है। यह भी याददाश्त की बीमारी से संबंधित एक लक्षण है।
वर्जन::
डिमेंशिया और अल्जाइमर से पीड़ित लोगों के लिए समय पर निदान और उपचार बहुत जरूरी है। अक्सर लोग इसे सामान्य बुढ़ापे का हिस्सा मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। जबकि इसका प्रभाव व्यक्ति की संपूर्ण जीवनशैली पर पड़ता है।
....डॉ. नितिन कुमार, मनोरोग विशेषज्ञ, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर
वर्जन::
बुजुर्गो में 70 की उम्र के बाद अल्जाइमर की समस्या बढ़ती है। योग, अच्छी दिनचर्या से इससे बचाव किया जा सकता है। मस्तिष्क में प्रोटीन की मात्रा बढ़ने पर भी अल्जाइमर होता है। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें।
....डॉ. विक्की सिंह, चिकित्सक, मेडिकल अस्पताल, बिजनौर