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क्षतिग्रस्त बंधे की मरम्मत का काम शुरू
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धामपुर में क्षतिग्रस्त बंधे की सफाई कर मरम्मत करते मजदूर।
- फोटो : DHAMPUR
क्षतिग्रस्त बंधे की मरम्मत का काम शुरू
धामपुर। हाईवे निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के बंधे की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। शनिवार को मजदूरों ने क्षतिग्रस्त बंधे की सफाई कर उसकी मरम्मत की। मरम्मत पूरी होने के बाद हाइवे निर्माण पर लगी रोक हट सकती है।
नगीना से लेकर काशीपुर तक बनने वाले हाईवे निर्माण के दौरान धामपुर शेरकोट मार्ग के बीच स्थित ग्राम सुहागपुर के पास सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का कई दशकों पुराना बंधा क्षतिग्रस्त हो गया था। जिस पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने हाईवे निर्माण करने वाली कंपनी के खिलाफ उप राजस्व अधिकारी मुरादाबाद की कोर्ट में वाद दायर कर इसकी शिकायत लखनऊ कर दी थी। करीब दो किलोमीटर क्षतिग्रस्त बंधे के कारण क्षेत्र में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। हाईवे निर्माण पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने बंधा क्षतिग्रस्त होने से नाराज होकर हाईवे निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए थे।
बताया जाता है कि क्षतिग्रस्त हुए बंधे की मरम्मत का कार्य दर्जन भर से ज्यादा मजदूर लगाकर शुरू करा दिया गया है। शनिवार को मजदूरों ने बंधे की सफाई कर क्षतिग्रस्त स्थानों पर रिपेयरिंग का काम किया। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के एसडीओ सत्यपाल सिंह का कहना है कि जब तक हाईवे निर्माण करने वाली कंपनी क्षतिग्रस्त बंधे को मानक के अनुरूप मरम्मत नहीं कर देती तब तक निर्माण पर रोक लगी रहेगी। उन्होंने बताया कि मरम्मत करने के बाद स्थानीय स्तर पर उसका निरीक्षण कर बंधा दुरुस्त होने की रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी। इसके बाद ही लखनऊ स्तर से हाईवे निर्माण को अनुमति मिल सकेगी।
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धामपुर। हाईवे निर्माण के दौरान क्षतिग्रस्त हुए सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के बंधे की मरम्मत का कार्य शुरू हो गया है। शनिवार को मजदूरों ने क्षतिग्रस्त बंधे की सफाई कर उसकी मरम्मत की। मरम्मत पूरी होने के बाद हाइवे निर्माण पर लगी रोक हट सकती है।
नगीना से लेकर काशीपुर तक बनने वाले हाईवे निर्माण के दौरान धामपुर शेरकोट मार्ग के बीच स्थित ग्राम सुहागपुर के पास सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग का कई दशकों पुराना बंधा क्षतिग्रस्त हो गया था। जिस पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने हाईवे निर्माण करने वाली कंपनी के खिलाफ उप राजस्व अधिकारी मुरादाबाद की कोर्ट में वाद दायर कर इसकी शिकायत लखनऊ कर दी थी। करीब दो किलोमीटर क्षतिग्रस्त बंधे के कारण क्षेत्र में बाढ़ की आशंका बढ़ गई है। हाईवे निर्माण पर सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने बंधा क्षतिग्रस्त होने से नाराज होकर हाईवे निर्माण पर रोक लगाने के निर्देश जारी कर दिए थे।
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बताया जाता है कि क्षतिग्रस्त हुए बंधे की मरम्मत का कार्य दर्जन भर से ज्यादा मजदूर लगाकर शुरू करा दिया गया है। शनिवार को मजदूरों ने बंधे की सफाई कर क्षतिग्रस्त स्थानों पर रिपेयरिंग का काम किया। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के एसडीओ सत्यपाल सिंह का कहना है कि जब तक हाईवे निर्माण करने वाली कंपनी क्षतिग्रस्त बंधे को मानक के अनुरूप मरम्मत नहीं कर देती तब तक निर्माण पर रोक लगी रहेगी। उन्होंने बताया कि मरम्मत करने के बाद स्थानीय स्तर पर उसका निरीक्षण कर बंधा दुरुस्त होने की रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी। इसके बाद ही लखनऊ स्तर से हाईवे निर्माण को अनुमति मिल सकेगी।
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