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बुवाई से पहले दोबारा जुताई कर बढ़ाएं पैदावार
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20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में होगी वसंतकालीन गन्ने की बुवाई
धामपुर। गन्ना विभाग धामपुर चीनी मिल क्षेत्र में अबकी बार किसानों को 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में वसंतकालीन गन्ने की बुवाई कराएगा। आमदनी बढ़ाने के लिए अधिकारियों की ओर से किसानों को गन्ने की बुवाई के साथ सहफसली खेती करने पर भी जोर दिया जा रहा है। किसानों को ट्रैंच विधि से गन्ने की बुवाई करने, बढ़िया पैदावार लेने के लिए बुवाई से पहले खेत को एकबार मिट्टी पलट कर जुताई करने का सुझाव दिया जा रहा है।
गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडेय ने बताया कि गन्ना विभाग की ओर से वसंतकालीन गन्ने की बुवाई का काम में शुरू कर दिया गया है। मौसम ने साथ दिया तो 10 फरवरी से गन्ने की बुवाई का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। धामपुर गन्ना समिति क्षेत्र में करीब 40 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल है। इनमें से 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में वसंतकालीन गन्ने की बुवाई के साथ किसानों से सहफसली खेती भी कराई जाएगी। बुवाई में एकल आंख के बीज का प्रयोग होगा। गन्ने की बुवाई करते गन्ने की दो एकल आंखों के बीच का दूरी एक से डेढ़ फुट और लाइन से लाइन की दूरी चार से से 4.50 फिट तक रखनी होगी। किसानों को सुझाव दिया जा रहा है कि वे गन्ने की बुवाई करने से पहले एकबार खेत को मिट्टी पलट हल से जरूर जुतवा दें। गहरी जुताई पैदावार की दृष्टि से लाभकारी होती है।
50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगा कीटनाशक
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडेय का कहना है कि गन्ने की बुवाई से पहले किसान बीज को कीटनाशक दवा मोआसी से शोधित जरूर करें। गन्ना समिति की ओर से इस दवा को 50 प्रतिशत के अनुदान पर मुहैया कराई जा रही है।
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फार्मिंग मशीनरी बैंक किराए पर देगा कृषि उपकरण
अधिकारियों ने बताया कि किसानों को मिट्टी पलट कर जुताई करने के लिए कहीं भागने दौड़ने की आवश्यकता नहीं है। विभाग की ओर से गन्ना समिति में फार्मिंग मशीनरी बैंक स्थापित कर दिया गया है। किसानों को जिस उपकरण की आवश्यकता है वह किराए पर प्राप्त कर सकता है। गहरी जुताई के लिए मिट्टी पलट हल और पैड़ी गन्ना प्रबंधन के लिए मल्चर की आवश्यकता होती है। यह उपकरण फार्मिंग मशीनरी बैंक से संपर्क कर 25 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से प्राप्त कर खेती को बेेहतर करने का प्रयास किया जा सकता है। यदि कोई किसान इन कृषि उपकरणों को खरीदना चाहता है तो अनुदान पर खरीदने की भी व्यवस्था है।
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धामपुर। गन्ना विभाग धामपुर चीनी मिल क्षेत्र में अबकी बार किसानों को 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में वसंतकालीन गन्ने की बुवाई कराएगा। आमदनी बढ़ाने के लिए अधिकारियों की ओर से किसानों को गन्ने की बुवाई के साथ सहफसली खेती करने पर भी जोर दिया जा रहा है। किसानों को ट्रैंच विधि से गन्ने की बुवाई करने, बढ़िया पैदावार लेने के लिए बुवाई से पहले खेत को एकबार मिट्टी पलट कर जुताई करने का सुझाव दिया जा रहा है।
गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडेय ने बताया कि गन्ना विभाग की ओर से वसंतकालीन गन्ने की बुवाई का काम में शुरू कर दिया गया है। मौसम ने साथ दिया तो 10 फरवरी से गन्ने की बुवाई का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। धामपुर गन्ना समिति क्षेत्र में करीब 40 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्रफल है। इनमें से 20 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में वसंतकालीन गन्ने की बुवाई के साथ किसानों से सहफसली खेती भी कराई जाएगी। बुवाई में एकल आंख के बीज का प्रयोग होगा। गन्ने की बुवाई करते गन्ने की दो एकल आंखों के बीच का दूरी एक से डेढ़ फुट और लाइन से लाइन की दूरी चार से से 4.50 फिट तक रखनी होगी। किसानों को सुझाव दिया जा रहा है कि वे गन्ने की बुवाई करने से पहले एकबार खेत को मिट्टी पलट हल से जरूर जुतवा दें। गहरी जुताई पैदावार की दृष्टि से लाभकारी होती है।
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50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगा कीटनाशक
ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक अमित कुमार पांडेय का कहना है कि गन्ने की बुवाई से पहले किसान बीज को कीटनाशक दवा मोआसी से शोधित जरूर करें। गन्ना समिति की ओर से इस दवा को 50 प्रतिशत के अनुदान पर मुहैया कराई जा रही है।
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फार्मिंग मशीनरी बैंक किराए पर देगा कृषि उपकरण
अधिकारियों ने बताया कि किसानों को मिट्टी पलट कर जुताई करने के लिए कहीं भागने दौड़ने की आवश्यकता नहीं है। विभाग की ओर से गन्ना समिति में फार्मिंग मशीनरी बैंक स्थापित कर दिया गया है। किसानों को जिस उपकरण की आवश्यकता है वह किराए पर प्राप्त कर सकता है। गहरी जुताई के लिए मिट्टी पलट हल और पैड़ी गन्ना प्रबंधन के लिए मल्चर की आवश्यकता होती है। यह उपकरण फार्मिंग मशीनरी बैंक से संपर्क कर 25 रुपये प्रति घंटे के हिसाब से प्राप्त कर खेती को बेेहतर करने का प्रयास किया जा सकता है। यदि कोई किसान इन कृषि उपकरणों को खरीदना चाहता है तो अनुदान पर खरीदने की भी व्यवस्था है।