{"_id":"62af6d697d844316dc10d7e7","slug":"speed-of-booster-dose-slowed-down-in-the-district-bijnor-news-mrt593572918","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिले में धीमी पड़ी बूस्टर डोज की रफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिले में धीमी पड़ी बूस्टर डोज की रफ्तार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में धीमी पड़ी बूस्टर डोज की रफ्तार
बिजनौर। जिले में बूस्टर डोज लगाने की रफ्तार धीमी पड़ चुकी है। बेहद कम लोग ही टीकाकरण कराने के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में अभी तक कुल 51,210 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। हालांकि जिले में कोरोनारोधी टीके को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क होने का दावा कर रहा है। सरकार की ओर से भी जल्द टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
गांव के मुकाबले शहर में टीकाकरण ठीक चल रहा है, लेकिन गांवों में टीकाकरण की रफ्तार अभी भी धीमी है। टीकाकरण को रफ्तार देने के लिए गांवों में बूथों की संख्या बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 3,64,436 लोगों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अभी तक 51,210 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। जो कुल लक्ष्य का 14.05 प्रतिशत ही है। बूथ बढ़ाने से भी बूस्टर डोज पर कोई ज्यादा असर नहीं पड़ा है। लोग बूस्टर डोज लगवाने में कम रुचि दिखा रहे हैं। इसके साथ ही जिले में किशोरों का टीकाकरण भी लक्ष्य के करीब पहुंच गया है। शुरूआत में कोरोनारोधी टीका लगाने वाले किशोरों की संख्या कम थी, लेकिन अब ज्यादातर किशोरों ने टीका लगवा लिया है।
जिले में वैक्सीन की 49,987 डोज उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कोवैक्सीन की 38,360 डोज, कोविशील्ड की 1110 डोज और कार्बोवैक्स की 10517 डोज बची हुई हैं। कुल मिलाकर जिले में इस समय कोरोनारोधी टीके की 49,987 डोज बची हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिले में कोरोनारोधी टीके की पर्याप्त मात्रा में डोज उपलब्ध है। इसके साथ ही टीकाकरण के मामले में जिले की स्थिति पहले से बेहतर हो गई है। गांवों में बूस्टर डोज बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर। जिले में बूस्टर डोज लगाने की रफ्तार धीमी पड़ चुकी है। बेहद कम लोग ही टीकाकरण कराने के लिए पहुंच रहे हैं। जिले में अभी तक कुल 51,210 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। हालांकि जिले में कोरोनारोधी टीके को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क होने का दावा कर रहा है। सरकार की ओर से भी जल्द टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
गांव के मुकाबले शहर में टीकाकरण ठीक चल रहा है, लेकिन गांवों में टीकाकरण की रफ्तार अभी भी धीमी है। टीकाकरण को रफ्तार देने के लिए गांवों में बूथों की संख्या बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने जिले में 3,64,436 लोगों को बूस्टर डोज लगाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन अभी तक 51,210 लोगों ने ही बूस्टर डोज लगवाई है। जो कुल लक्ष्य का 14.05 प्रतिशत ही है। बूथ बढ़ाने से भी बूस्टर डोज पर कोई ज्यादा असर नहीं पड़ा है। लोग बूस्टर डोज लगवाने में कम रुचि दिखा रहे हैं। इसके साथ ही जिले में किशोरों का टीकाकरण भी लक्ष्य के करीब पहुंच गया है। शुरूआत में कोरोनारोधी टीका लगाने वाले किशोरों की संख्या कम थी, लेकिन अब ज्यादातर किशोरों ने टीका लगवा लिया है।
विज्ञापन
जिले में वैक्सीन की 49,987 डोज उपलब्ध
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कोवैक्सीन की 38,360 डोज, कोविशील्ड की 1110 डोज और कार्बोवैक्स की 10517 डोज बची हुई हैं। कुल मिलाकर जिले में इस समय कोरोनारोधी टीके की 49,987 डोज बची हैं। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि जिले में कोरोनारोधी टीके की पर्याप्त मात्रा में डोज उपलब्ध है। इसके साथ ही टीकाकरण के मामले में जिले की स्थिति पहले से बेहतर हो गई है। गांवों में बूस्टर डोज बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विज्ञापन