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श्वांस और विश्वास से कोरोना को हराएं
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योग गुरू आचार्य संदीप त्यागी।
- फोटो : BIJNOR
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श्वांस और विश्वास से कोरोना को हराएं
बिजनौर। एक ओर जहां कोरोना को हराने के लिए तमाम शोध चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर योग होम आइसोलेशन में भर्ती मरीजों में कोरोना से लड़ने में मदद कर रहा है। बिजनौर के चांदपुर स्थित गांव सिसौना में जन्मे योग गुरु आचार्य संदीप त्यागी ने कनाडा में रहते हुए कोरोना को हराने के लिए एक खास योगासन और प्राणायाम का शेड्यूल तैयार किया। इन योगासन और प्राणायाम को करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद करोना को हराना भी मुश्किल नहीं है।
केवल यह दावा ही नहीं है, बल्कि कनाडा में होम आइसोलेशन में भर्ती दर्जनों मरीज योग की मदद से खुद को ठीक कर रहे हैं। हमने योग गुरु आचार्य संदीप त्यागी से इन योगासन और प्राणायाम पर बात की तो उन्होंने कोरोना को हराने के लिए तैयार किए इस पूरे योग शेड्यूल को विस्तार से समझाया। यूं तो इस नई लहर में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, लेकिन इससे सबसे ज्यादा नुकसान कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों को हो रहा है। ऐसे में योग के माध्यम से शरीर के पूरे इम्यून सिस्टम को मजबूत कर इसे हराया जा सकता है। कुछ योग आसन और प्राणायाम कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
इन आसन को दिनचर्या में करें शामिल
कोरोना हो या इसके लक्षण, हम इसमें बहुत कमजोरी महसूस करते हैं। ऐसे में हम उन योगासनों को शामिल करते हैं, जिनमें ज्यादा ऊर्जा खर्च न हो। इस तरह शारीरिक क्षमता के अनुसार सूर्य नमस्कार, ताड़ आसन, वृक्ष आसन, वीरभद्र आसन, पीठ के बल लेटकर पवन मुक्त आसन, सेतुबंध आसन, उत्तानपाद आसन, इसके बाद पेट के बल लेकर नाभ्यासन, भुजंग आसन, मार्जारी आसन, पश्चिमोत्तान आसन, गोमुख आसन, उष्ट्र आसन, अर्ध मत्स्येन्द्रियासन, क्षमतानुसार करें। इन सभी आसन की गति धीमी रखें और आसन में रुकने का प्रयास करें। यदि कमजोरी अधिक है तो केवल बैठकर व लेटकर किए जाने वाले आसन करें।
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धीमी सांसों से होगी तेज रिकवरी
आचार्य संदीप त्यागी ने बताया कि शरीर के अधिक कमजोर होने पर प्राणायाम में सांस की गति तेज नहीं होनी चाहिए। धीमी गति रखते हुए लंबे सांस के साथ पांच से दस मिनट अनुलोम विलोम, पांच से दस मिनट वशिष्ठ प्राणायाम, मैट पर पीठ के बल लेटकर कमर के नीचे तकिया रखकर छाती को ऊपर उठा लें और कुछ देर तक इसी में धीमी गति से सांस लेते रहे। सूर्य भेदी और चंद्रभेदी प्राणायाम भी इसमें बहुत लाभकारी है।
नेति भी है कारगर हथियार
आचार्य संदीप त्यागी कहते हैं कि आजकल कई शोध आ रहे हैं। अधिकांश में सामने आ रहा है कि कोरोना वायरस काफी समय तक हमारी नाक में ही रुका रहता है। ऐसे में जलनेति की तरह से नींबू के रस से नेति करके भी कोरोना वायरस को शरीर के बाहर ही ख़त्म किया जा सकता है।
डरने की आवश्यकता नहीं है, विश्वास के साथ योग करें। इससे स्वस्थ रहेंगे। यह एक युद्ध है, जिसमें वायरस का हमला जीवन पर है, न कि किसी सेना या देश पर है। इसलिए आपको आत्मबल, आत्मविश्वास की आवश्यकता है। योग को दिनचर्या में शामिल कर खुद को स्वस्थ रखें - आचार्य संदीप त्यागी, योग गुरु।
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बिजनौर। एक ओर जहां कोरोना को हराने के लिए तमाम शोध चल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर योग होम आइसोलेशन में भर्ती मरीजों में कोरोना से लड़ने में मदद कर रहा है। बिजनौर के चांदपुर स्थित गांव सिसौना में जन्मे योग गुरु आचार्य संदीप त्यागी ने कनाडा में रहते हुए कोरोना को हराने के लिए एक खास योगासन और प्राणायाम का शेड्यूल तैयार किया। इन योगासन और प्राणायाम को करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। इसके बाद करोना को हराना भी मुश्किल नहीं है।
केवल यह दावा ही नहीं है, बल्कि कनाडा में होम आइसोलेशन में भर्ती दर्जनों मरीज योग की मदद से खुद को ठीक कर रहे हैं। हमने योग गुरु आचार्य संदीप त्यागी से इन योगासन और प्राणायाम पर बात की तो उन्होंने कोरोना को हराने के लिए तैयार किए इस पूरे योग शेड्यूल को विस्तार से समझाया। यूं तो इस नई लहर में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है, लेकिन इससे सबसे ज्यादा नुकसान कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वालों को हो रहा है। ऐसे में योग के माध्यम से शरीर के पूरे इम्यून सिस्टम को मजबूत कर इसे हराया जा सकता है। कुछ योग आसन और प्राणायाम कर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाई जा सकती है।
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इन आसन को दिनचर्या में करें शामिल
कोरोना हो या इसके लक्षण, हम इसमें बहुत कमजोरी महसूस करते हैं। ऐसे में हम उन योगासनों को शामिल करते हैं, जिनमें ज्यादा ऊर्जा खर्च न हो। इस तरह शारीरिक क्षमता के अनुसार सूर्य नमस्कार, ताड़ आसन, वृक्ष आसन, वीरभद्र आसन, पीठ के बल लेटकर पवन मुक्त आसन, सेतुबंध आसन, उत्तानपाद आसन, इसके बाद पेट के बल लेकर नाभ्यासन, भुजंग आसन, मार्जारी आसन, पश्चिमोत्तान आसन, गोमुख आसन, उष्ट्र आसन, अर्ध मत्स्येन्द्रियासन, क्षमतानुसार करें। इन सभी आसन की गति धीमी रखें और आसन में रुकने का प्रयास करें। यदि कमजोरी अधिक है तो केवल बैठकर व लेटकर किए जाने वाले आसन करें।
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धीमी सांसों से होगी तेज रिकवरी
आचार्य संदीप त्यागी ने बताया कि शरीर के अधिक कमजोर होने पर प्राणायाम में सांस की गति तेज नहीं होनी चाहिए। धीमी गति रखते हुए लंबे सांस के साथ पांच से दस मिनट अनुलोम विलोम, पांच से दस मिनट वशिष्ठ प्राणायाम, मैट पर पीठ के बल लेटकर कमर के नीचे तकिया रखकर छाती को ऊपर उठा लें और कुछ देर तक इसी में धीमी गति से सांस लेते रहे। सूर्य भेदी और चंद्रभेदी प्राणायाम भी इसमें बहुत लाभकारी है।
नेति भी है कारगर हथियार
आचार्य संदीप त्यागी कहते हैं कि आजकल कई शोध आ रहे हैं। अधिकांश में सामने आ रहा है कि कोरोना वायरस काफी समय तक हमारी नाक में ही रुका रहता है। ऐसे में जलनेति की तरह से नींबू के रस से नेति करके भी कोरोना वायरस को शरीर के बाहर ही ख़त्म किया जा सकता है।
डरने की आवश्यकता नहीं है, विश्वास के साथ योग करें। इससे स्वस्थ रहेंगे। यह एक युद्ध है, जिसमें वायरस का हमला जीवन पर है, न कि किसी सेना या देश पर है। इसलिए आपको आत्मबल, आत्मविश्वास की आवश्यकता है। योग को दिनचर्या में शामिल कर खुद को स्वस्थ रखें - आचार्य संदीप त्यागी, योग गुरु।