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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bijnor News ›   Special on World Sleep Day: Mobile addiction is not killing you

विश्व निद्रा दिवस पर विशेष : मोबाइल की लत उड़ा रही नहीं

Fri, 17 Mar 2023 12:11 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Fri, 17 Mar 2023 12:11 AM IST
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Special on World Sleep Day: Mobile addiction is not killing you
बिजनौर। डिजिटल को एक तरफ जहां वरदान माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसका ज्यादा प्रयोग अभिशाप बनता जा रहा है। डिजिटल की चकाचौंध से लोग नींद नहीं आने के शिकार हो रहे हैं। जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में 80 प्रतिशत मरीज नींद नहीं आने की परेशानी के पहुंच रहे हैं।
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जैसे-जैसे स्मार्टफोन का चलन बढ़ा है। लोगों में बीमारियां भी बढ़ने लगी हैं। स्मार्टफोन के ज्यादा प्रयोग से लोग समय से नहीं सोते हैं। मनोरोग चिकित्सकों का कहना है कि हमारे मस्तिष्क में मेलाटोनिन हार्मोन के बिगड़ने के कारण नींद नहीं आती है। मेलाटोनिन हार्मोन सूर्य के साथ जागृत होता है और सूरज छिपने पर मंद अवस्था में चला जाता है। मगर अब दिनचर्या बिगड़ने से मेलाटोनिन हार्मोन बिगड़ रहा है। जिसकी वजह से ही लोगों को नींद नहीं आने की परेशानी बढ़ रही है।
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जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग की ओपीडी में रोजाना 14 मरीज तक पहुंच रहे हैं। जिनमें से करीब 10 मरीज नींद नहीं आने की समस्या से ग्रसित हैं। इसके अलावा तनाव भी नींद नहीं आने का मुख्य कारण है। जब व्यक्ति किसी भी मामूली बात को लेकर सोचने लगता है, तो उसकी वजह से भी यह समस्या बढ़ती है।
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नींद लाने के लिए करें ये उपाय
शाम छह बजे के बाद स्मार्टफोन का प्रयोग न करें
शाम छह बजे के बाद व्यायाम न करें
शाम छह बजे के बाद खाना न खाएं
शाम को समय से सोएं और सुबह जल्दी उठें
खानपान का विशेष ध्यान रखें
समस्या होने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाएं

मनोरोग विभाग की ओपीडी में ज्यादातर मरीज नींद नहीं आने की समस्या से ग्रसित हैं। इसका कारण तनाव और दूसरा ज्यादा समय तक स्मार्टफोन का प्रयोग करना है। अगर डिजिटल साधनों को देखना सीमित कर दें, तो नींद नहीं आने की समस्या से बचा जा सकता है - डॉ. नितिन कुमार, मनोरोग चिकित्सक, जिला अस्पताल


नींद नहीं आने की वजह से शुगर, रक्तचाप, दिल की बीमारी बढ़ने की आशंका ज्यादा रहती है। आजकल देखा जा रहा है युवा भी इन बीमारियों के शिकार हो रहे हैं। सोने से दो घंटे पहले कोई भी स्क्रीन नहीं देखनी चाहिए - डॉ. पंकज कुमार, फिजीशियन
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