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Bijnor News: बिजनौर - वैक्सीन के मंत्र से भागा बीमारियों का भूत

Thu, 16 Mar 2023 12:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Thu, 16 Mar 2023 12:20 AM IST
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Special on National Immunization Day: The ghost of diseases ran away from the mantra of vaccine
बिजनौर जिला अस्पताल में बच्चें को टीका लगाती स्वास्थ्यकर्मी।
राष्ट्रीय टीका दिवस विशेष...
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- टीका लगने से ही पोलियो बीमारी हुई छूमंतर
- जिले में एक साल तक के 1,01,243 बच्चों का हो रहा टीकाकरण
फोटो समाचार
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। आज राष्ट्रीय टीका दिवस मनाया जा रहा है। इस कड़ी में अगर हम कुछ समय पहले की बात करें तो लोग भूत-प्रेत की बात कर चिकित्सकों ने सही इलाज नहीं कराते थे। जिसकी वजह से ही बच्चों की ज्यादा मौतें होती थीं। जैसे-जैसे वैक्सीन को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ी। बीमारियों का भूत धीरे-धीरे छूमंतर हो गया। वैक्सीन लगने से ही पोलियो को पूरी तरह से खत्म किया जा सका है।
जिले को पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया है। इसके अलावा अलग-अलग 11 बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण भी किया जा रहा है। बिजनौर में शून्य से एक साल तक के 1,01,243 बच्चों को टीका लगाया जा रहा है। एक से दो साल तक के 95,378 बच्चों का टीकाकरण किया जा रहा है। क्योंकि बीमारियों से बचाव के ज्यादा टीके दो साल तक की उम्र में ही लगते हैं। जबकि जिले में टीकाकरण कराने के लिए गर्भवती महिलाओं की संख्या 1,17,977 है।
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स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि साल 2023 तक खसरा को जड़ से खत्म करना है। इस सत्र में खसरा से करीब 100 बच्चे मिले हैं। गलघोंटू बीमारी के भी तीन बच्चे ग्रसित मिले। दवाई खाने के बाद उनकी तबीयत में सुधार हो गया। टीके लगने के बाद बीमारियों से मौत के आंकड़े में सुधार हुआ है।
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इन बीमारियों से होगा बचाव
शून्य से पांच साल तक के बच्चों को 11 जानलेवा बीमारियों से बचाव के लिए टीका लगाया जाता है। इन टीको से टीबी, पोलियो, गलघोंटू, काली खांसी, टेटनेस, निमोनिया, इन्फ्लूएंजा, खसरा, रोटा वायरस, डायरिया, हेपेटाइटिस बी से बचाव होता है। टीके आने के बाद इन बीमारियों की काफी रोकथाम हुई है।

टीका लगवाने से कतरा रहे 1035 परिवार
स्वास्थ्य विभाग लोगों को बच्चों का टीकाकरण करने के लिए जागरूक कर रहा है। वहीं, 1035 परिवार ऐसे भी हैं, जो बच्चों को टीका लगवाने में कतरा रहे हैं। किसी बच्चे को एक टीका लगवा लिया तो दूसरा नहीं लगवा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की टीम इन लोगों के घर जाकर टीके के फायदे बता रही है।
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जिले में वैक्सीन की उपलब्धता
टीका- संख्या
बीसीजी- 15000
पोलियो- 92100
डीपीटी- 13730
एफआईपीवी- 25625
हेपेटाइटिस बी- 33880
एमआर- 3300
पीसीवी- 4290
पेंटा- 14720
रोटावायरस- 71420
टीडी- 18250
(नोट : वैक्सीन उपलब्धता के आंकड़े स्वास्थ्य विभाग से लिए गए हैं।)
---- वर्जन::
सरकार की ओर से जन्म से पांच साल तक के बच्चों को टीका लगाया जा रहा है। सभी को टीके लगवाने चाहिए। इससे बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी। टीका लगने के बाद बच्चों को बीमारी होने का खतरा काफी कम हो जाता है - डॉ. विभू शर्मा, बाल रोग विशेषज्ञ
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बच्चे का जन्म होने के बाद ही हेपेटाइटिस बी, पोलियो, टीबी की बीमारी से बचाव के लिए टीका लगाया जाता है। इससे बीमारी होने का खतरा कम हो जाता है। बच्चे को आगे उम्र के हिसाब से टीका लगता है। जब से गंभीर बीमारियों के टीके लगने शुरू हुए हैं, मौत का आंकड़ा घटा है - डॉ. द्विपेंद्र सिंह, बाल रोग विशेषज्ञ

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टीके लगने से लगभग 95 प्रतिशत बीमारी नियंत्रित हो गई है। पोलियो बीमारी पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। निमोनिया, टिटनेस, गलघोंटू, खसरा बीमारियां भी लगभग समाप्त होने को है। बच्चों को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए तीन विशेष टीकाकरण पखवाड़ा चलाकर टीका लगाया गया। जिले में सभी वैक्सीन उपलब्ध हैं - डॉ. अशोक कुमार, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी
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