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Bijnor News: वासुकीनाथ की शापित भूमि में बीन बजाने से तौबा करते हैं सपेरे

Mon, 21 Aug 2023 12:31 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Mon, 21 Aug 2023 12:31 AM IST
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Snake charmers repent from playing the bean in the cursed land of Vasukinath
अफजलगढ़। सर्पराज वासुकीनाथ के श्राप से शापित भूमि पर बीन बजाने से सपेरे तौबा कर लेते हैं। आज तक इस भूमि के दायरे में कोई सपेरा बीन नहीं बजा पाया। अगर किसी ने प्रयास किया तो बीन बंद हो जाती है। इस भूमि का दायरा चार से पांच किलोमीटर फैला हुआ है। फिलहाल यहां अब नागराज का मंदिर बना है। जिसमें सावन के महीने में नागराज दर्शन देने पहुंचते हैं।
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बुजुर्ग दावा करते हैं इस स्थान पर प्राचीन काल में दौर नामक गांव हुआ करता था, जिसके चारों और जंगल था। जिसमें सांपों की विभिन्न प्रजातियां पाई जातीं थीं। धामपुर-अफजलगढ़ मार्ग पर अफजलगढ़ शुगर मिल से दक्षिण पश्चिम में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे आज भी वह स्थान मौजूद है। जोकि सर्पराज वासुकीनाथ की शापित भूमि है। प्राचीनकाल से अब तक इस शापित भूमि पर कोई भी सपेरा अपनी बीन नहीं बजा सका। यदि किसी सपेरे ने शापित भूमि पर बीन बजाने की कोशिश की तो बीन से स्वर नहीं निकलता।
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कहा जाता है शापित भूमि की सटीक सीमा की जानकारी न हो पाने के कारण कोई यहां पर पूजा अर्चना नहीं करता। द्वारिकेश शुगर मिल के निकट ठाकुर नरेशकांत की भूमि पर खास नागपंचमी के दिन नागदेवता ने इस स्थान पर दर्शन दिए थे, जिसके बाद 15 दिसंबर 2013 को उसी भूमि पर वासुकीनाथ को स्थान दिया और एक मंदिर का निर्माण कराया। भगवान वासुकीनाथ मंदिर में मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा कराकर आयोजन किया गया।
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यहां मंदिर बने करीब आठ वर्ष बीत चुके है यहां अभी भी नागराज हर वर्ष दर्शन देने आते हैं। इसी सावन माह में नागदेवता द्वारा तीन मंदिर की परिक्रमा की जा चुकी है।
ग्रामीण बताते हैं कि अफजलगढ़ जाने के लिए इसी शापित भूमि से होकर एक पगडंडी गुजरती थी। साधन न होने की वजह से लोग इसी पगडंडी का सहारा लेकर अफजलगढ़ जाते थे। तब उन्हें दौर गांव के निकट विभिन्न प्रजातियों के सांप देखने को मिल जाते थे। जो किसी को कोई नुकसान नहीं पहुंचाते थे। बताया जाता है कि गांव के निकट ही एक पानी का कुआं था, जिसमें पानी निकलता रहता था।


काल सर्प दोष से मुक्ति के लिए टेकते हैं मत्था
काल सर्प दोष से बचने के लिए सैकड़ों श्रद्धालु मंदिर में माथा टेककर घर खुशहाली की कामना करते हैं। मान्यता है कि यहां आने वाले लोगों की जन्म कुंडली से काल सर्प दोष का निवारण हो जाता है।
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