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गंगा किनारे बसे सीमली गांव को भगीरथ का इंतजार

Sun, 13 Mar 2022 11:56 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 13 Mar 2022 11:56 PM IST
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Simli village situated on the banks of the Ganges is waiting for Bhagirath
बिजनौर के मंडावर क्षेत्र में गंगा किनारे बसा गांव सीमली कला। - फोटो : BIJNOR
गंगा किनारे बसे सीमली गांव को भगीरथ का इंतजार
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मंडावर। क्या इस बार गंगा किनारे बसे गांव के लिए कोई भगीरथ आएगा, जोकि तटबंध का निर्माण करा पाए। जो तटबंध बनवा दे उसी भगीरथ का इंतजार गांव वालों को है। हालांकि हर चुनाव में प्रत्याशी और उसकी पार्टी के नेता आते हैं और तटबंध के निर्माण का पक्का वादा कर जाते हैं। चुनाव जीतने के बाद ग्रामीणों की इस समस्या की ओर से किसी का ध्यान नहीं जाता। इस बार भी इस गांव के लोगों ने तटबंध के निर्माण की आस में वोट दिए हैं।
मंडावर इलाके का गंगा किनारे बसा छोटा गांव है सीमली। जिसकी आबादी 1500 है। यह गांव बिजनौर विधानसभा क्षेत्र में आता है, जहां से भाजपा की सुचि चौधरी दोबारा विधायक चुनी गई हैं। बरसात आते ही इस गांव के लोगों को डर लगने लगता है। वजह है बाढ़ में गांव के बह जाने खतरा। एक बार यह गांव गंगा में समा चुका है। लोगों ने आबादी बदल ली। अब दूसरी जगह बसे इस गांव की तरफ गंगा ने रुख कर लिया है। आबादी से महज 20 मीटर की दूरी पर गंगा बह रही है। चुनावों का वक्त आता है तो गांव वालों के दुख दर्द में शामिल होने का नेता दावा करते हैं। वादा किया जाता है तटबंध के निर्माण का। लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद गांव वालों को भुला दिया जाता है। कई चुनावों से वादे खोखले साबित हो जाते हैं। क्या इस बार नेताजी उनके लिए भगीरथ बनकर आएंगे, इसी का इंतजार ग्रामीणों को है।
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तबाही को याद कर सिहर उठते हैं बुजुर्ग
करीब 40 साल पहले मंडावर खादर का गांव सीमली कटान होने से गंगा में समा गया था, अब फिर से वही स्थिति बनने जा रही है। दरअसल, आबादी से गंगा महज बीस मीटर दूर रह गई है। गांव के बुजुर्ग चालीस साल पहले आई बाढ़ की तबाही को याद कर सिहर उठते हैं।
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तटबंध नहीं बना तो गंगा में समा जाएगा गांव
प्रधान जगदीश बताते हैं कि 40 साल पहले गांव गंगा मेें समा गया था। अब जिस जगह आबादी है, उसे दोबारा बसाया गया था। गंगा अब फिर से गांव के करीब पहुंच गई है। तटबंध नहीं बना तो गांव गंगा में समा जाएगा। ग्रामीण भगवत ने बताया कि इस बार गांव वालों ने तटबंध बनाए जाने की आस में वोट दिया है। तटबंध बन जाएगा तो गांव सुरक्षित रहेगा। बरसात में गांव के गंगा में समा जाने का खतरा बना रहता है। वेदराम नेे बताया कि अभी तो गंगा का बहाव शांत है। बरसात आने पर गंगा उफान पर आएगी तो गांव के लिए खतरा पैदा जाएगा। कृष्ण कुमार का कहना है कि पिछले कई सालों से गंगा के कटान से बचाने के लिए मांग उठाई जा रही है। अभी तक कटान को रोकने का कोई इंतजाम नहीं किया गया है। डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि हर बार चुनाव में वादे किए जाते हैं कि तटबंध का निर्माण होगा, लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद सब भूल जाते हैं। सुरेश कुमार ने बताया कि बरसात के दिनों में हर रोज लोगों की निगाह गंगा की तरफ रहती है कि कहीं गंगा की धार गांव की तरफ न मुड़ जाए।

बिजनौर के मंडावर क्षेत्र में गंगा किनारे बसा गांव सीमली कला।

बिजनौर के मंडावर क्षेत्र में गंगा किनारे बसा गांव सीमली कला।- फोटो : BIJNOR

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