शायर वली की उर्दू खिदमात को किया याद
बिजनौर, नजीबाबाद। बज्म-ए- जिगर व बज्म-ए- सुखन ने शायर वली बिजनौरी के इंतेकाल पर उर्दू अदब का बड़ा नुकसान बताया। शायरों ने उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की। नगर पंचायत जलालाबाद में शायर अकरम जलालाबादी के आवास पर बज़्म-ए-जिगर की ओर से शायर वली बिजनौरी की याद में शोकसभा का आयोजन किया। मौसूफ अहमद वासिफ की अध्यक्षता व शादाब जफर शादाब के संचालन में आयोजित शोकसभा में शायर वली बिजनौरी की शायरी और उर्दू अदब की खिदमात को याद किया गया। इस अवसर पर डा.तैय्यब जमाल, मुख्तार अहमद शाद, अकरम जलालाबादी, शकील अहमद वफ़ा, सुहेल शहाब शम्सी, नौशाद अहमद शाद, सय्यद अहमद, उबैद अहमद, अब्दुल रज्जाक सलमानी ने शायर वली बिजनौरी के इंतेकाल को उर्दू अदब का बड़ा नुकसान बताया।