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’पर्यावरण संतुलन के लिए जल को करें संचित’
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नजीबाबाद के साहू जैन कॉलेज में भौगोलिक संगोष्ठी में भाग लेते प्रतिनिधि।
- फोटो : NAZIBABAD
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पर्यावरण संतुलन के लिए जल को करें संचित
नजीबाबाद। साहू जैन कॉलेज में आयोजित सेमिनार में पर्यावरण एवं जल संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया।
पर्यावरण एवं जल संसाधनों का संवर्धन विषय से आयोजित सेमिनार में प्रबंधक धर्मेश पारिख ने पर्यावरण संतुलन और जल संरक्षण के प्रति समाज की उदासीनता से प्रदूषण और जल संकट की समस्या गंभीर होने पर चिंता व्यक्त की। वहीं प्राचार्या डॉ. विधु ने कहा कि जल और पर्यावरण हमारी प्रकृति और मानव सभ्यता का आधार है। दोनों के बीच सामंजस्य स्थापित न होने से मानव जीवन प्रभावित हो रहा है। सेमिनार में डॉ. हरविंदर सिंह ने पर्यावरण के संतुलन को बनाने के लिए जल को संचित करने के लिए सलाह दी। संगोष्ठी में डॉ. पीएम काला,डॉ. एके मित्तल, डॉ. शुभा माहेश्वरी ने मनुष्य द्वारा प्रकृति से की जाने वाली छेड़छाड़ से प्रकृति का संतुलन बिगड़ने, पर्यावरण प्रदूषण की समस्या जटिल होने का तर्क दिया। भौगोलिक सेमिनार में विद्यार्थियों ने लघु शोध प्रस्तुत किए। प्रीति चौहान को प्रथम, आंचल देवी को द्वितीय और तरन्नुम को तृतीय स्थान मिला। मानसी, सिमरन, दीपा, शिवा, मीनू ,दीक्षा ,भावना, सृष्टि,सोनम, मोहम्मद उस्मान ने भी शोध के माध्यम से पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति लेखऔर लघु शोध प्रस्तुत किए। सेमिनार में शिवम, प्रियंका, हुमा, फरजाना, जेबा, समर सिंह, प्रीति चौहान, भारती, गायत्री मानसी सहित अनेक छात्राओं ने भाग लिया।
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नजीबाबाद। साहू जैन कॉलेज में आयोजित सेमिनार में पर्यावरण एवं जल संसाधनों के संवर्धन के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया।
पर्यावरण एवं जल संसाधनों का संवर्धन विषय से आयोजित सेमिनार में प्रबंधक धर्मेश पारिख ने पर्यावरण संतुलन और जल संरक्षण के प्रति समाज की उदासीनता से प्रदूषण और जल संकट की समस्या गंभीर होने पर चिंता व्यक्त की। वहीं प्राचार्या डॉ. विधु ने कहा कि जल और पर्यावरण हमारी प्रकृति और मानव सभ्यता का आधार है। दोनों के बीच सामंजस्य स्थापित न होने से मानव जीवन प्रभावित हो रहा है। सेमिनार में डॉ. हरविंदर सिंह ने पर्यावरण के संतुलन को बनाने के लिए जल को संचित करने के लिए सलाह दी। संगोष्ठी में डॉ. पीएम काला,डॉ. एके मित्तल, डॉ. शुभा माहेश्वरी ने मनुष्य द्वारा प्रकृति से की जाने वाली छेड़छाड़ से प्रकृति का संतुलन बिगड़ने, पर्यावरण प्रदूषण की समस्या जटिल होने का तर्क दिया। भौगोलिक सेमिनार में विद्यार्थियों ने लघु शोध प्रस्तुत किए। प्रीति चौहान को प्रथम, आंचल देवी को द्वितीय और तरन्नुम को तृतीय स्थान मिला। मानसी, सिमरन, दीपा, शिवा, मीनू ,दीक्षा ,भावना, सृष्टि,सोनम, मोहम्मद उस्मान ने भी शोध के माध्यम से पर्यावरण और जल संरक्षण के प्रति लेखऔर लघु शोध प्रस्तुत किए। सेमिनार में शिवम, प्रियंका, हुमा, फरजाना, जेबा, समर सिंह, प्रीति चौहान, भारती, गायत्री मानसी सहित अनेक छात्राओं ने भाग लिया।