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सामन खरीद में किया घोटाला
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बिजनौर। नगरपालिका परिषद हल्दौर के अधिशासी अधिकारी करीब साढ़े 58 लाख के सामान खरीद घोटाले में फंस गए हैं। डीएम ने अधिशासी अधिकारी व एक लिपिक को प्रथम दृष्ट्या दोषी मानते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को संस्तुति की है।
डीएम रमाकांत पांडेय द्वारा प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश शासन को भेजे पत्र में कहा गया है कि नगरपालिका परिषद हल्दौर द्वारा स्वच्छ भारत मिशन, 14 वें वित्त आयोग तथा 12 वें व 13 वें वित्त आयोग के ब्याज से अर्जित धनराशि से टिपर डंपर, ट्राई साइकिल या रिक्शा व एलईडी खरीदी गई है। खरीदे गए सामान की कीमत 58 लाख 57,900 रुपये हैं। कहा गया है कि कुछ सामान जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदा गया तथा कुछ सामान पालिका ने सीधा खरीद लिया है। आरोप है कि जैम पोर्टल के माध्यम से जो सामान खरीदा गया है उसमें एक ही कंपनी को आर्डर दिया गया है। साथ ही जिला स्तर पर गठित समिति से खरीदे गए सामान का सत्यापन भी नहीं कराया गया है। पालिका ने सामान खरीद में शासन के तय निर्देशों का पालन नहीं किया है। इसके अतिरिक्त नगरपालिका पर कम वसूली, लक्ष्य के सापेक्ष शौचालयों का निर्माण नहीं कराना, कूड़ा निस्तारण की सही व्यवस्था नहीं करने जैसे करीब एक दर्जन आरोप लगे हैं। आरोप है कि नगरपालिका हल्दौर के अधिशासी अधिकारी से अनियमितताओं के बारे में समय-समय पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन अधिशासी अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया है। डीएम ने सामान खरीद मामले समेत अन्य अनियमितताओं में हल्दौर पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिषेक कुमार व जैम पोर्टल प्रभारी लिपिक को प्रथम दृष्ट्या दोषी मानते हुए दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को की है।
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डीएम रमाकांत पांडेय द्वारा प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश शासन को भेजे पत्र में कहा गया है कि नगरपालिका परिषद हल्दौर द्वारा स्वच्छ भारत मिशन, 14 वें वित्त आयोग तथा 12 वें व 13 वें वित्त आयोग के ब्याज से अर्जित धनराशि से टिपर डंपर, ट्राई साइकिल या रिक्शा व एलईडी खरीदी गई है। खरीदे गए सामान की कीमत 58 लाख 57,900 रुपये हैं। कहा गया है कि कुछ सामान जैम पोर्टल के माध्यम से खरीदा गया तथा कुछ सामान पालिका ने सीधा खरीद लिया है। आरोप है कि जैम पोर्टल के माध्यम से जो सामान खरीदा गया है उसमें एक ही कंपनी को आर्डर दिया गया है। साथ ही जिला स्तर पर गठित समिति से खरीदे गए सामान का सत्यापन भी नहीं कराया गया है। पालिका ने सामान खरीद में शासन के तय निर्देशों का पालन नहीं किया है। इसके अतिरिक्त नगरपालिका पर कम वसूली, लक्ष्य के सापेक्ष शौचालयों का निर्माण नहीं कराना, कूड़ा निस्तारण की सही व्यवस्था नहीं करने जैसे करीब एक दर्जन आरोप लगे हैं। आरोप है कि नगरपालिका हल्दौर के अधिशासी अधिकारी से अनियमितताओं के बारे में समय-समय पर स्पष्टीकरण मांगा गया था, लेकिन अधिशासी अधिकारी ने कोई जवाब नहीं दिया है। डीएम ने सामान खरीद मामले समेत अन्य अनियमितताओं में हल्दौर पालिका के अधिशासी अधिकारी अभिषेक कुमार व जैम पोर्टल प्रभारी लिपिक को प्रथम दृष्ट्या दोषी मानते हुए दोनों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति शासन को की है।
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