{"_id":"617d97c1c58c3f74c534c683","slug":"salim-ahmed-gets-life-imprisonment-bijnor-news-mrt5630190130","type":"story","status":"publish","title_hn":"सलीम अहमद को हुई आजीवन कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सलीम अहमद को हुई आजीवन कारावास
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सलीम अहमद को हुई आजीवन कारावास
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. मनु कालिया ने मुस्तकीम हत्याकांड के मुख्य आरोपी सलीम अहमद को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं दस हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोप सिद्ध न होने पर दो आरोपियों को बरी कर दिया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत पंवार के अनुसार मोहल्ला चाहशीरी निवासी मोहम्मद याकूब ने थाना कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा कि 13 दिसंबर 2013 को रात्रि करीब साढ़े आठ बजे वह जानी के चौराहे पर वसीम पान वाले की दुकान पर खड़ा था। उसका भतीजा मुस्तकीम अहमद, नामदेव स्वीट्स सेंटर के पास सड़क पर खड़े गुलबहार आलम उर्फ चांद से बात कर रहा था। तभी सलीम अहमद उर्फ कालिया एवं सआदत खां उर्फ बबलू प्राथमिक विद्यालय के सामने से आए और मुस्तकीम से गाली गलौज करने लगे। इस दौरान सलीम ने तमंचे से मुस्तकीम की छाती पर गोली चला दी जिसे मुस्तकीम गिर गया। सआदत व सलीम फायर करते हुए भाग गए। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में सलीम अहमद, गुलबहार आलम व सआदत खां के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। हत्या में प्रयुक्त तमंचा सलीम उर्फ कालिया से पुलिस ने बरामद किया था। इस मामले में उपलब्ध सबूत के आधार पर सलीम अहमद उर्फ कालिया को हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। गुलबहार आलम व सआदत खां के विरुद्ध पर्याप्त सुबूत न मिलने पर बरी कर दिया गया है।
विज्ञापन
बिजनौर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. मनु कालिया ने मुस्तकीम हत्याकांड के मुख्य आरोपी सलीम अहमद को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास एवं दस हजार के अर्थदंड की सजा सुनाई। आरोप सिद्ध न होने पर दो आरोपियों को बरी कर दिया है।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता अजीत पंवार के अनुसार मोहल्ला चाहशीरी निवासी मोहम्मद याकूब ने थाना कोतवाली शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा कि 13 दिसंबर 2013 को रात्रि करीब साढ़े आठ बजे वह जानी के चौराहे पर वसीम पान वाले की दुकान पर खड़ा था। उसका भतीजा मुस्तकीम अहमद, नामदेव स्वीट्स सेंटर के पास सड़क पर खड़े गुलबहार आलम उर्फ चांद से बात कर रहा था। तभी सलीम अहमद उर्फ कालिया एवं सआदत खां उर्फ बबलू प्राथमिक विद्यालय के सामने से आए और मुस्तकीम से गाली गलौज करने लगे। इस दौरान सलीम ने तमंचे से मुस्तकीम की छाती पर गोली चला दी जिसे मुस्तकीम गिर गया। सआदत व सलीम फायर करते हुए भाग गए। जिला अस्पताल ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। मामले में सलीम अहमद, गुलबहार आलम व सआदत खां के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। हत्या में प्रयुक्त तमंचा सलीम उर्फ कालिया से पुलिस ने बरामद किया था। इस मामले में उपलब्ध सबूत के आधार पर सलीम अहमद उर्फ कालिया को हत्या का दोषी पाते हुए सजा सुनाई है। गुलबहार आलम व सआदत खां के विरुद्ध पर्याप्त सुबूत न मिलने पर बरी कर दिया गया है।
विज्ञापन