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रूद्रप्रताप सिंह का आईआईटी इंजीनियर बनना सपना
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रुद्रप्रताप सिंह का आईआईटी इंजीनियर बनना सपना
बिजनौर। सीबीएसई 10वीं में मॉडर्न एरा पब्लिक स्कूल के छात्र रुद्रप्रताप सिंह पुत्र रामकिशोर निवासी नई बस्ती बिजनौर ने 99.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉपर रहे। परिणाम के बाद से ही उनके घर मिलने वालों व रिश्तेदारों का बधाई देने वालों तांता लगा हुआ है। उनके पिता व्यापारी है और माता दिव्या राजपूत अधिवक्ता है।
सवाल - जोनल टॉपर बनकर कैसा लगा रहा है
उत्तर - अपनी तैयारी पर उन्हें विश्वास था, लेकिन जोनल टॉपर होने की उम्मीद नहीं थी। परंतु सफलता सब को अच्छी लगती है और इसके लिए मेहरत करते हैं।
सवाल - कितने घंटे नियमित पढ़ाई करते थे
उत्तर - स्कूल वह नियमित आते थे। स्कूल व ट्यूशन पढ़ने के अलावा चार घंटे ही पढ़ाई करते थे।
सवाल - आगे क्या बनने का सपना है
उत्तर - आगे लगन व मेहनत के साथ पढ़ाई कर आईआईटी इंजीनियर बनना चाहता हूं।
सवाल - हिंदी में ही क्यों आए कम अंक
उत्तर - हिंदी विषय में तीन अंक कम आए हैं। बाकी अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, गणित, साइंस में 100-100 अंक आएं है। आगे उनका पूरा ध्यान हिंदी पर रहेगा।
सवाल- जूनियरों को क्या संदेश है
उत्तर - लगन व मेहनत से नियमित पढ़ाई करें और लक्ष्य निर्धारित कर उसे पूरा करना ही अपना मकसद बना लें। निश्चित ही सफलता प्राप्त होगी।
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बिजनौर। सीबीएसई 10वीं में मॉडर्न एरा पब्लिक स्कूल के छात्र रुद्रप्रताप सिंह पुत्र रामकिशोर निवासी नई बस्ती बिजनौर ने 99.4 प्रतिशत अंक प्राप्त कर टॉपर रहे। परिणाम के बाद से ही उनके घर मिलने वालों व रिश्तेदारों का बधाई देने वालों तांता लगा हुआ है। उनके पिता व्यापारी है और माता दिव्या राजपूत अधिवक्ता है।
सवाल - जोनल टॉपर बनकर कैसा लगा रहा है
उत्तर - अपनी तैयारी पर उन्हें विश्वास था, लेकिन जोनल टॉपर होने की उम्मीद नहीं थी। परंतु सफलता सब को अच्छी लगती है और इसके लिए मेहरत करते हैं।
सवाल - कितने घंटे नियमित पढ़ाई करते थे
उत्तर - स्कूल वह नियमित आते थे। स्कूल व ट्यूशन पढ़ने के अलावा चार घंटे ही पढ़ाई करते थे।
सवाल - आगे क्या बनने का सपना है
उत्तर - आगे लगन व मेहनत के साथ पढ़ाई कर आईआईटी इंजीनियर बनना चाहता हूं।
सवाल - हिंदी में ही क्यों आए कम अंक
उत्तर - हिंदी विषय में तीन अंक कम आए हैं। बाकी अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, गणित, साइंस में 100-100 अंक आएं है। आगे उनका पूरा ध्यान हिंदी पर रहेगा।
सवाल- जूनियरों को क्या संदेश है
उत्तर - लगन व मेहनत से नियमित पढ़ाई करें और लक्ष्य निर्धारित कर उसे पूरा करना ही अपना मकसद बना लें। निश्चित ही सफलता प्राप्त होगी।