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गन्ने में जिला रोल मॉडल
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Tue, 09 Aug 2016 12:45 AM IST
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बिजनौर में गन्ना शोध परिषद के डायरेक्टर ने वैज्ञानिकों की टीम के साथ जिले में गन्ने की पैदावार की हकीकत गांवों में जाकर जानी। उनका कहना है कि प्रदेश में गन्ने के उपज को राष्ट्रीय स्तर के मानकों तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। जिले की गन्ना पैदावार प्रदेश के किसानों के लिए रोल माॅडल बनी है।
परिषद के डायरेक्टर बीएल शर्मा के साथ वैज्ञानिकों की तीन सदस्यीय टीम जिले में गन्ना पैदावार की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिले के दौरे पर आई है। टीम ने शेरपुर, गांवड़ी, बालापुर आदि गांवों में गन्ने के खेतों पर जाकर असलियत को परखा। किसानों से बात की। डायरेक्टर के अनुसार वेस्ट यूपी गन्ने का हब है।
गन्ने की राष्ट्रीय पैदावार 69 मिट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। वेस्ट यूपी की पैदावार 65 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। जिला बिजनौर ने पिछले तीन साल में गन्ना पैदावार में आश्चर्यजनक प्रगति की है। जिले की पैदावार का आंकड़ा राष्ट्रीय मानक के करीब है। ट्रैंच विधि से सिंगल बड़ बुवाई से पैदावार बढ़ी है। बालापुर के किसान ब्रह्मपाल सिंह द्वारा विभिन्न प्रजातियों की अपने खेत में तैयार पौधशाला प्रेरणादायक है।
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गन्ना आयुक्त के निर्देश पर अन्य जिलों के किसानों को बिजनौर की पैदावार के टिप्स अपनाने की सलाह दी जा रही है। टीम में शोध परिषद के वैज्ञानिक डॉ. अनिल सिंह, डॉ. विनय श्रीवास्तव, डॉ, सुभाष सिंह शमिल हैं। यह टीम काफी सकि्रय है।
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परिषद के डायरेक्टर बीएल शर्मा के साथ वैज्ञानिकों की तीन सदस्यीय टीम जिले में गन्ना पैदावार की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिले के दौरे पर आई है। टीम ने शेरपुर, गांवड़ी, बालापुर आदि गांवों में गन्ने के खेतों पर जाकर असलियत को परखा। किसानों से बात की। डायरेक्टर के अनुसार वेस्ट यूपी गन्ने का हब है।
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गन्ने की राष्ट्रीय पैदावार 69 मिट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। वेस्ट यूपी की पैदावार 65 मीट्रिक टन प्रति हेक्टेयर है। जिला बिजनौर ने पिछले तीन साल में गन्ना पैदावार में आश्चर्यजनक प्रगति की है। जिले की पैदावार का आंकड़ा राष्ट्रीय मानक के करीब है। ट्रैंच विधि से सिंगल बड़ बुवाई से पैदावार बढ़ी है। बालापुर के किसान ब्रह्मपाल सिंह द्वारा विभिन्न प्रजातियों की अपने खेत में तैयार पौधशाला प्रेरणादायक है।
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गन्ना आयुक्त के निर्देश पर अन्य जिलों के किसानों को बिजनौर की पैदावार के टिप्स अपनाने की सलाह दी जा रही है। टीम में शोध परिषद के वैज्ञानिक डॉ. अनिल सिंह, डॉ. विनय श्रीवास्तव, डॉ, सुभाष सिंह शमिल हैं। यह टीम काफी सकि्रय है।