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रोडवेज-मिनी ट्रक की टक्कर में तीन की मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Thu, 04 Aug 2016 12:12 AM IST
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मंडी धनौरा चांदपुर मार्ग पर चुचेला कला के पास हुए हादसे में क्षतिग्रस्त बस
- फोटो : अमर उजाला
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मंडी धनौरा में चांदपुर मार्ग पर ग्राम चुचैलाकलां के पास बुधवार सुबह रोडवेज बस और मिनी ट्रक में भिड़ंत हो गई। इसमें दोनों वाहनों के चालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि बस में सवार 12 यात्री घायल हो गए। घायलों में पांच की हालत नाजुक बताई जा रही है। फिलहाल सूचना पर पहुंचे परिजन घायलों को इलाज के लिए अपने साथ ले गए।
बिजनौर डिपो की एक बस धामपुर से दिल्ली जा रही थी। बस में 25 यात्री सवार थे। सुबह तकरीबन पौने छह बजे बस जब थाना क्षेत्र के गांव चुचैलाकलां पहुंची तो सामने से आ रहे बेकाबू मिनी ट्रक से टकरा गई। भीषण टक्कर में बस पलट गई और चालक साइड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बस के पलटते ही उसमें सवार यात्रियों में चीख पुकार मच गई। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने तत्काल बस में सवार यात्रियों को बाहर निकाला। इस बीच बस चालक अवनीश (38) पुत्र सत्यप्रकाश निवासी ग्राम तरकौला थाना नूरपुर (जिला बिजनौर) और मिनी ट्रक चालक रामचंद्र पाल (40) पुत्र मिश्रीलाल निवासी धुनपुरी थाना गजरौला (जनपद अमरोहा) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में धामपुर से सवार हुए मोहल्ला बड़वान निवासी प्रमोद अग्रवाल (45) पुत्र आदेश की भी जान चली गई।
सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से घायलों और मृतकों को सरकारी अस्पताल भिजवाया। वहां एसडीएम और सीओ भी पहुंच गए। यहां घायलों का हाल-चाल जाना।
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अगला टायर फटने से बेकाबू हुआ मिनी ट्रक
मंडी धनौरा(अमरोहा)। रोडवेज बस और मिनी ट्रक की भिड़ंत का कारण मिनी ट्रक के अगले टायर का फटना बताया जा रहा है। बताया जाता है कि, स्क्रैप से भरा मिनी ट्रक तेज रफ्तार से चांदपुर की ओर जा रहा था। इस दरम्यान अचानक उसका अगला टायर फट गया और वह अनियंत्रित होकर बस से जा टकराया। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि रोडवेज की बस पलट गई। मौके पर पहुंचे सीओ मोहनलाल ने बताया कि मिनी ट्रक का अगला टायर फटा हुआ है।
पांच मीटर पहले उतरना था रिंकी और आहना को
मंडी धनौरा। नगर के मोहल्ला कटरा निवासी नफीस पुत्र मेंहदी को धनौरा व चुचैला कलां गांव निवासी रिंकी व आहना को चुचैला कलां ही उतरना था। लेकिन उनको क्या मालूम था कि दुर्भाग्य उनका पीछा कर रहा है। रिंकी व आहना को मात्र पांच और छह मीटर आगे ही उतरना था। लेकिन इससे पहले ही हादसा हो गया।
धामपुर, नूरपुर में खलबली
मंडी धनौरा(अमरोहा)। धामपुर से दिल्ली जा रही बिजनौर डिपो की रोडवेज की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलते ही चांदपुर, नूरपुर और धामपुर के लोगों में खलबली मच गई। बस में सवार 25 यात्रियों में से अधिकांश यात्री धामपुर, नूरपूर और चांदपुर क्षेत्र के ही थे। यात्रियों के परिजनों और इन स्थानों के तमाम लोग मीडिया के लोगों को फोन कर हादसे की जानकारी करते रहे। दुर्घटना में 14-15 लोगों के मारे जाने की अफवाह उड़ गई थी। परिचालक विपिन पुत्र अजब सिंह निवासी अफजलगढ़ ने बताया कि बस में कुल 25 यात्री ही थे। यात्रियों की संख्या अधिक होती तो हादसा भयानक हो सकता था।
देवदूत बनकर आए ग्रामीण
मंडी धनौरा(अमरोहा)। हादसा जिस समय हुआ ग्राम चुचैला कलां में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। इससे हादसा होते ही सड़क किनारे रहने वाले ग्राम चुचैला कलां के लोग मौके पर पहुंच गए और बुरी तरह घायल यात्रियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। लोगों को निकालने वालों में तमाम मुस्लिम समुदाय के लोग थे। विपत्ति की इस घड़ी में जाति-धर्म से ऊपर उठकर सच्चे मानव होने का फर्ज निभाया, जबकि इस दौरान बस में खून ही खून दिखाई दे रहा था। लोगों ने घायलों से मालूम कर उनके परिजनोें को फोन किया। ग्रामीणों ने यात्रियों के सामान की परिजनों के आने तक देखभाल की। यदि ग्रामीण सहायता नहीं करते तो मृतकों की संख्या अधिक हो सकती थी। ग्रामीण देवदूत बनकर आए थे।
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बिजनौर डिपो की एक बस धामपुर से दिल्ली जा रही थी। बस में 25 यात्री सवार थे। सुबह तकरीबन पौने छह बजे बस जब थाना क्षेत्र के गांव चुचैलाकलां पहुंची तो सामने से आ रहे बेकाबू मिनी ट्रक से टकरा गई। भीषण टक्कर में बस पलट गई और चालक साइड पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। बस के पलटते ही उसमें सवार यात्रियों में चीख पुकार मच गई। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे ग्रामीणों ने तत्काल बस में सवार यात्रियों को बाहर निकाला। इस बीच बस चालक अवनीश (38) पुत्र सत्यप्रकाश निवासी ग्राम तरकौला थाना नूरपुर (जिला बिजनौर) और मिनी ट्रक चालक रामचंद्र पाल (40) पुत्र मिश्रीलाल निवासी धुनपुरी थाना गजरौला (जनपद अमरोहा) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में धामपुर से सवार हुए मोहल्ला बड़वान निवासी प्रमोद अग्रवाल (45) पुत्र आदेश की भी जान चली गई।
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सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने ग्रामीणों की सहायता से घायलों और मृतकों को सरकारी अस्पताल भिजवाया। वहां एसडीएम और सीओ भी पहुंच गए। यहां घायलों का हाल-चाल जाना।
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अगला टायर फटने से बेकाबू हुआ मिनी ट्रक
मंडी धनौरा(अमरोहा)। रोडवेज बस और मिनी ट्रक की भिड़ंत का कारण मिनी ट्रक के अगले टायर का फटना बताया जा रहा है। बताया जाता है कि, स्क्रैप से भरा मिनी ट्रक तेज रफ्तार से चांदपुर की ओर जा रहा था। इस दरम्यान अचानक उसका अगला टायर फट गया और वह अनियंत्रित होकर बस से जा टकराया। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि रोडवेज की बस पलट गई। मौके पर पहुंचे सीओ मोहनलाल ने बताया कि मिनी ट्रक का अगला टायर फटा हुआ है।
पांच मीटर पहले उतरना था रिंकी और आहना को
मंडी धनौरा। नगर के मोहल्ला कटरा निवासी नफीस पुत्र मेंहदी को धनौरा व चुचैला कलां गांव निवासी रिंकी व आहना को चुचैला कलां ही उतरना था। लेकिन उनको क्या मालूम था कि दुर्भाग्य उनका पीछा कर रहा है। रिंकी व आहना को मात्र पांच और छह मीटर आगे ही उतरना था। लेकिन इससे पहले ही हादसा हो गया।
धामपुर, नूरपुर में खलबली
मंडी धनौरा(अमरोहा)। धामपुर से दिल्ली जा रही बिजनौर डिपो की रोडवेज की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना मिलते ही चांदपुर, नूरपुर और धामपुर के लोगों में खलबली मच गई। बस में सवार 25 यात्रियों में से अधिकांश यात्री धामपुर, नूरपूर और चांदपुर क्षेत्र के ही थे। यात्रियों के परिजनों और इन स्थानों के तमाम लोग मीडिया के लोगों को फोन कर हादसे की जानकारी करते रहे। दुर्घटना में 14-15 लोगों के मारे जाने की अफवाह उड़ गई थी। परिचालक विपिन पुत्र अजब सिंह निवासी अफजलगढ़ ने बताया कि बस में कुल 25 यात्री ही थे। यात्रियों की संख्या अधिक होती तो हादसा भयानक हो सकता था।
देवदूत बनकर आए ग्रामीण
मंडी धनौरा(अमरोहा)। हादसा जिस समय हुआ ग्राम चुचैला कलां में लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। इससे हादसा होते ही सड़क किनारे रहने वाले ग्राम चुचैला कलां के लोग मौके पर पहुंच गए और बुरी तरह घायल यात्रियों को बाहर निकालना शुरू कर दिया। लोगों को निकालने वालों में तमाम मुस्लिम समुदाय के लोग थे। विपत्ति की इस घड़ी में जाति-धर्म से ऊपर उठकर सच्चे मानव होने का फर्ज निभाया, जबकि इस दौरान बस में खून ही खून दिखाई दे रहा था। लोगों ने घायलों से मालूम कर उनके परिजनोें को फोन किया। ग्रामीणों ने यात्रियों के सामान की परिजनों के आने तक देखभाल की। यदि ग्रामीण सहायता नहीं करते तो मृतकों की संख्या अधिक हो सकती थी। ग्रामीण देवदूत बनकर आए थे।