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आगे बन रही सड़क, पीछे बनने लगे गड्ढे
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लीलपुर से गंधौर मार्ग हुआ क्षतिग्रस्त।
- फोटो : BIJNOR
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आगे बन रही सड़क, पीछे बनने लगे गड्ढे
अफजलगढ़। कादराबाद-नबाबपुरा मार्ग निर्माण अवधि के बीच ही क्षतिग्रस्त हो गया है। मार्ग में अनेक स्थानों पर सड़क उखड़ कर गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीणों ने मार्ग में ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों पर घटिया सामग्री का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग की ओर कादराबाद से चकफेरी तक 492.52 लाख रुपये की लागत से ग्रामीण भारत सरकार की विकास मंत्रालय परियोजना के अंतर्गत करीब सात किमी मार्ग का निर्माण कराया गया था। मार्ग का निर्माण 24 मार्च 2021 को प्रारंभ किया गया था और मार्ग निर्माण 23 मार्च 2022 तक पूरा किया जाना था। मार्ग निर्माण पूर्ण किए जाने की अवधि से पूर्व ही मार्ग का निर्माण कार्य तो पूरा कर लिया गया। किंतु मार्ग की अवधि के बीच ही अनेक स्थानों पर सड़क उखड़ गई। मार्ग में गड्ढे हो गए हैं।
ग्रामीण बोले, हो रही अनदेखी
ग्रामीण कैलाश, राष्ट्रवीर, विजयपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, अतुल सिरोही, प्रदीप सुखविंदर सिंह, संजय सिंह, विजेंद्र सिंह, अनूप सिंह आदि का कहना है मार्ग का निर्माण लोनिवि के अधिकारियों की देखरेख में हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से मार्ग निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग नहीं किया है। जिसके कारण पांच किमी के दायरे में सड़क की बजरी कई स्थानों से उखड़ गई है।
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पहले भी तीन माह में ही बन गए थे गड्ढे
ग्रामीणों का कहना है कि जब पूर्व मे चार पांच वर्ष पहले मार्ग का निर्माण कराया गया था, तब भी तीन माह बाद ही वर्षाकाल के दौरान मार्ग की बजरी उखड़ गई थी और मार्ग में गड्ढे हो गए थे। जो धीरे-धीरे विभागीय लापरवाही के चलते तालाब में तब्दील हो गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा ही हाल कुछ इस बार भी नजर आ रहा है, जो मार्ग बनने के दौरान उखड़ रहा है। वह कैसे आगामी समय तक सलामत रह सकता है।
मौसम अनुकूल होने पर ठीक कराएंगे : जेई
लोनिवि के जेई अशोक कुमार का कहना है मौसम अनुकूल होते ही सड़क सही कराई जाएगी। जहां-जहां सड़क खराब हो रही है, वहां गड्ढे भरवाए जाएंगे।
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अफजलगढ़। कादराबाद-नबाबपुरा मार्ग निर्माण अवधि के बीच ही क्षतिग्रस्त हो गया है। मार्ग में अनेक स्थानों पर सड़क उखड़ कर गड्ढे हो गए हैं। ग्रामीणों ने मार्ग में ठेकेदार व विभागीय अधिकारियों पर घटिया सामग्री का प्रयोग करने का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
लोक निर्माण विभाग की ओर कादराबाद से चकफेरी तक 492.52 लाख रुपये की लागत से ग्रामीण भारत सरकार की विकास मंत्रालय परियोजना के अंतर्गत करीब सात किमी मार्ग का निर्माण कराया गया था। मार्ग का निर्माण 24 मार्च 2021 को प्रारंभ किया गया था और मार्ग निर्माण 23 मार्च 2022 तक पूरा किया जाना था। मार्ग निर्माण पूर्ण किए जाने की अवधि से पूर्व ही मार्ग का निर्माण कार्य तो पूरा कर लिया गया। किंतु मार्ग की अवधि के बीच ही अनेक स्थानों पर सड़क उखड़ गई। मार्ग में गड्ढे हो गए हैं।
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ग्रामीण बोले, हो रही अनदेखी
ग्रामीण कैलाश, राष्ट्रवीर, विजयपाल सिंह, सुरेंद्र सिंह, अतुल सिरोही, प्रदीप सुखविंदर सिंह, संजय सिंह, विजेंद्र सिंह, अनूप सिंह आदि का कहना है मार्ग का निर्माण लोनिवि के अधिकारियों की देखरेख में हुआ है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार ने विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से मार्ग निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग नहीं किया है। जिसके कारण पांच किमी के दायरे में सड़क की बजरी कई स्थानों से उखड़ गई है।
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पहले भी तीन माह में ही बन गए थे गड्ढे
ग्रामीणों का कहना है कि जब पूर्व मे चार पांच वर्ष पहले मार्ग का निर्माण कराया गया था, तब भी तीन माह बाद ही वर्षाकाल के दौरान मार्ग की बजरी उखड़ गई थी और मार्ग में गड्ढे हो गए थे। जो धीरे-धीरे विभागीय लापरवाही के चलते तालाब में तब्दील हो गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा ही हाल कुछ इस बार भी नजर आ रहा है, जो मार्ग बनने के दौरान उखड़ रहा है। वह कैसे आगामी समय तक सलामत रह सकता है।
मौसम अनुकूल होने पर ठीक कराएंगे : जेई
लोनिवि के जेई अशोक कुमार का कहना है मौसम अनुकूल होते ही सड़क सही कराई जाएगी। जहां-जहां सड़क खराब हो रही है, वहां गड्ढे भरवाए जाएंगे।