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जांच अधिकारी ग्राम पंचायतों की अनियमितताओं की जांच में नहीं ले रहे हैं दिलचस्पी
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बिजनौर। जिले की सैकड़ों ग्रामपंचायतों की अनियमितताओं की शिकायत जांच के लिए लंबित है। आरोप है कि जांच अधिकारी शिकायतों को निपटाने में दिलचस्पी नहीं ले रहे। इसको लेकर हल्दौर ब्लॉक के ग्रामीण सीडीओ से मिले। सीडीओ ने नाराजगी जताते हुए जांच अधिकारी को चार दिन में जांच फाइनल करने को कहा है।
जिले में 1128 ग्राम पंचायत हैं। ग्राम पंचायतों के चुनाव इसी साल है। गांवों में चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लोगों ने ग्राम पंचायतों की विकास कार्यों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी हैं। बताया गया कि डीपीआरओ दफ्तर में सैकड़ों शिकायत ऐसी लंबित हैं जिनमें शिकायतकर्ता ने निर्माण कार्यों में गड़बड़ी समेत अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार बताते हैं कि ग्रामीण डीएम को शिकायत पत्र देते हैं। डीएम के यहां से आई शिकायतों को तुरंत जांच अधिकारी को भेज दिया जाता है। डीपीआरओ ने माना है कि जांच अधिकारियों को अपने विभागीय काम होने से जांच की गति धीमी है। हल्दौर ब्लॉक के गांव नवादा के लोग सीडीओ को बताया कि वे करीब एक माह पहले ग्राम पंचायत में वित्तीय घोटाले की शिकायत की थी। अभी तक कोई भी अधिकारी जांच के लिए गांव में नहीं पहुंचा है। सीडीओ ने जांच अधिकारी के गांव में नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। सीडीओ ने कहा है कि शासकीय कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं है। आदेश दिए कि चार दिन में जांच कर सूचित करें। विकास भवन आए अफजलगढ़, नूरपुर तथा कोतवाली ब्लॉक के ग्रामीणों का कहना है कि वे ग्राम पंचायतों की धांधलियों की जांच के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। शिकायती पत्र दिए महीनों हो गए हैं। जांच अधिकारी काम की अधिकता की बात कहकर जल्द जांच को आने की बात कहकर टाल देते हैं। आरोपी जांच दबाने की कोशिशों में लगे हैं।
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जिले में 1128 ग्राम पंचायत हैं। ग्राम पंचायतों के चुनाव इसी साल है। गांवों में चुनावों को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। लोगों ने ग्राम पंचायतों की विकास कार्यों की कुंडली खंगालनी शुरू कर दी हैं। बताया गया कि डीपीआरओ दफ्तर में सैकड़ों शिकायत ऐसी लंबित हैं जिनमें शिकायतकर्ता ने निर्माण कार्यों में गड़बड़ी समेत अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं। डीपीआरओ सतीश कुमार बताते हैं कि ग्रामीण डीएम को शिकायत पत्र देते हैं। डीएम के यहां से आई शिकायतों को तुरंत जांच अधिकारी को भेज दिया जाता है। डीपीआरओ ने माना है कि जांच अधिकारियों को अपने विभागीय काम होने से जांच की गति धीमी है। हल्दौर ब्लॉक के गांव नवादा के लोग सीडीओ को बताया कि वे करीब एक माह पहले ग्राम पंचायत में वित्तीय घोटाले की शिकायत की थी। अभी तक कोई भी अधिकारी जांच के लिए गांव में नहीं पहुंचा है। सीडीओ ने जांच अधिकारी के गांव में नहीं पहुंचने पर नाराजगी जताई। सीडीओ ने कहा है कि शासकीय कार्यों में कोताही बर्दाश्त नहीं है। आदेश दिए कि चार दिन में जांच कर सूचित करें। विकास भवन आए अफजलगढ़, नूरपुर तथा कोतवाली ब्लॉक के ग्रामीणों का कहना है कि वे ग्राम पंचायतों की धांधलियों की जांच के लिए दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। शिकायती पत्र दिए महीनों हो गए हैं। जांच अधिकारी काम की अधिकता की बात कहकर जल्द जांच को आने की बात कहकर टाल देते हैं। आरोपी जांच दबाने की कोशिशों में लगे हैं।
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