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Bijnor News: गुलदार को मारने में 24 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

Wed, 12 Jul 2023 12:41 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर Updated Wed, 12 Jul 2023 12:41 AM IST
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Report lodged against 24 unknowns for killing Guldar
बिजनौर। शेरकोट थाना क्षेत्र के गांव शहजादपुर में हमलावर गुलदार को ग्रामीणों द्वारा मारे जाने की घटना में वन विभाग ने 24 लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।
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सोमवार को थाना शेरकोट के क्षेत्र में सगे भाई अफजाल और अहसान डिग्री कॉलेज के निकट बकरी चरा रहे थे। इस दौरान झाड़ियों में छिपे गुलदार ने एक बकरी पर हमला कर उसे उठाने का प्रयास किया। दोनों भाइयों ने जब बकरी को बचाने का प्रयास किया तो गुलदार ने उन पर हमला कर घायल कर दिया। घायलों का शोर सुनकर ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर आ गए और हिंसक गुलदार को घेरकर मार डाला। गुलदार को घेरे जाने के दौरान एक ग्रामीण थम्मन सिंह पर भी हमला कर दिया। इस घटना पर मुकदमा वन विभाग की ओर से दर्ज कराया गया है। वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह का कहना है कि ग्रामीणों द्वारा गुलदार को घेरकर मारे जाने की अभी जांच चल रही है। परिस्थितियों के अनुसार आगे कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
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गुलदार को मारने में विधि विशेषज्ञों की राय
बिजनौर। विधि विशेषज्ञों का कहना है कि गुलदार को यदि शिकारी मारते तो इसे अलग तरह से देखा जाता, जबकि हिंसक हो चुके हमलावर गुलदार को आत्मरक्षा में मारा जाना अपराध नहीं है।
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सभी को आत्मरक्षा का अधिकार : वीर सिंह राणा
रिटायर्ड जिला जज वीर सिंह राणा का कहना है कि अगर कोई पशु हिंसक रूप धारण कर चुका है। ग्रामीणों पर हमला करता है तो आत्मरक्षा में ग्रामीण अपना बचाव कर सकते हैं।
ग्रामीणों पर नहीं होनी चाहिए कार्रवाई : एसके बबली
जिला बार अध्यक्ष एसके बबली का कहना है कि खतरनाक होकर हमला करने वाले गुलदार को घेरकर मार देने वाले ग्रामीणों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। क्योंकि उन्हें भी हिंसक पशुओं से अपनी आत्मरक्षा करने का अधिकार प्राप्त है। ऐसे में यदि उनसे पशु मारा जाता है तो कोई अपराध नहीं है।

सात साल की सजा का प्रावधान : विनीत किशोर शर्मा
वन विभाग के अधिवक्ता विनीत किशोर शर्मा का कहना है कि गुलदार एक संरक्षित वन्यजीव है। वन्यजीव संरक्षण की धारा 51 के तहत वन्यजीव को मारने पर सात साल की सजा का प्रावधान है।
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