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नदियों का जलस्तर बढ़ने से कृषि भूमि का कटान
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नांगलसोती के गौसपुर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हो रहा भूमि कटान।
- फोटो : NAZIBABAD
नदियों का जलस्तर बढ़ने से कृषि भूमि का कटान
मंडावली/नांगलसोती। मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से एक किसान का नलकूप समा गया। पांच-छह बीघा फसल नदी के कटाव में बह गई। उधर गंगा का जलस्तर बढ़ने से गौसपुर, नांगलसोती और सबलगढ़ गंगा खादर क्षेत्र में गंगा के उफान से कृषि भूमि का बड़े पैमाने पर कटान हुआ है।
मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा होने से मालन नदी, गंगा और कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से कृषि भूमि का कटान हुआ है। मंडावली के कई किसानों की भूमि कटान से प्रभावित हुई है। गांव शेखुपुरा आलम में मालन नदी के उफान से किसान चमन सिंह का नलकूप बह गया। शेखुपुरा आलम क्षेत्र में ही चमन सिंह, साधुराम, रामगोपाल, शिवकुमार, मुन्नू सिंह, रामपाल, राजू, सोनू, संजय आदि की गन्ने की कई बीघा फसल मालन नदी के उफान से प्रभावित हुई।
नांगलसोती और सबलगढ़ गंगा खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हुए कृषि भूमि के कटान से किसान परेशान हैं। नांगलसोती के गौसपुर गंगा खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से भूमि का कटाव हो रहा है। गौसपुर से गंगा मात्र 150 मीटर की दूरी पर बह रही है। गंगा के उफान से हर वर्ष सैकड़ों बीघा भूमि गंगा में समा जाती है।
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हाल ही में एसडीएम संगीता, तहसीलदार राधेश्याम शर्मा ने गौसपुर क्षेत्र का दौरा कर गंगा कटान से कृषि भूमि के साथ जन और पशु हानि रोकने के लिए ग्रामीणों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे।
उधर नजीबाबाद क्षेत्र में भी मालन, रवासन और कोटावाली नदियों का जलस्तर पहाड़ों और क्षेत्र में होने वाली वर्षा से किसी भी समय बढ़ने से आवागमन और कृषि भूमि प्रभावित होती है।
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मंडावली/नांगलसोती। मालन नदी का जलस्तर बढ़ने से एक किसान का नलकूप समा गया। पांच-छह बीघा फसल नदी के कटाव में बह गई। उधर गंगा का जलस्तर बढ़ने से गौसपुर, नांगलसोती और सबलगढ़ गंगा खादर क्षेत्र में गंगा के उफान से कृषि भूमि का बड़े पैमाने पर कटान हुआ है।
मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में वर्षा होने से मालन नदी, गंगा और कोटावाली नदी का जलस्तर बढ़ने से कृषि भूमि का कटान हुआ है। मंडावली के कई किसानों की भूमि कटान से प्रभावित हुई है। गांव शेखुपुरा आलम में मालन नदी के उफान से किसान चमन सिंह का नलकूप बह गया। शेखुपुरा आलम क्षेत्र में ही चमन सिंह, साधुराम, रामगोपाल, शिवकुमार, मुन्नू सिंह, रामपाल, राजू, सोनू, संजय आदि की गन्ने की कई बीघा फसल मालन नदी के उफान से प्रभावित हुई।
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नांगलसोती और सबलगढ़ गंगा खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हुए कृषि भूमि के कटान से किसान परेशान हैं। नांगलसोती के गौसपुर गंगा खादर क्षेत्र में गंगा का जलस्तर बढ़ने से भूमि का कटाव हो रहा है। गौसपुर से गंगा मात्र 150 मीटर की दूरी पर बह रही है। गंगा के उफान से हर वर्ष सैकड़ों बीघा भूमि गंगा में समा जाती है।
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हाल ही में एसडीएम संगीता, तहसीलदार राधेश्याम शर्मा ने गौसपुर क्षेत्र का दौरा कर गंगा कटान से कृषि भूमि के साथ जन और पशु हानि रोकने के लिए ग्रामीणों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए थे।
उधर नजीबाबाद क्षेत्र में भी मालन, रवासन और कोटावाली नदियों का जलस्तर पहाड़ों और क्षेत्र में होने वाली वर्षा से किसी भी समय बढ़ने से आवागमन और कृषि भूमि प्रभावित होती है।

मंडावली के शेखुपुरा आलम में मालन नदी कटान से प्रभावित कृषि भूमि।- फोटो : NAZIBABAD