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बिना नमक फीका पड़ रहा राशन वितरण अभियान
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बिना नमक फीका पड़ा राशन वितरण अभियान
बिजनौर। यूं तो बड़े जोर शोर से राशन के साथ रिफाइंड, नमक और चना बांटे जाने के अभियान की शुरुआत हुई, लेकिन बिना नमक यह फीका पड़ने लगा है। अधिकांश कोटेेदारों तक नमक नहीं पहुंचा है। इस वजह से रिफाइंड, दाल और खाद्यान्न भी गरीबों तक पहुंचने में देर लग सकती है।
जनपद में 6 लाख 25 हजार कार्डधारक हैं। इन कार्ड धारकों की यूनिट 27 लाख हैं। जिन्हें हर महीने खाद्यान्न का वितरण किया जाता है। एक यूनिट पर पांच किलो खाद्यान्न मिलता है। अब सरकार ने बढ़ती महंगाई के बीच गरीब परिवारों का राहत देने के लिए खाद्यान्न के साथ साथ एक लीटर रिफाइंड, एक किलो साबुत चना और एक किलो नमक देने का भी एलान किया। इसी के कारण 12 दिसंबर से अभियान की शुरुआत हुई। 20 दिसंबर तक खाद्यान्न के साथ साथ नमक, रिफाइंड और चना वितरित किया जाना है। जोर शोर से अभियान शुरू तो हुआ, लेकिन नमक के लाले पड़ गए। नमक कोटेदारों तक नहीं पहुंच पाई है। अधिकांश कोटेदारों को नमक नहीं मिली। अब पांच वस्तु एक साथ बांटी जानी थी। अब नमक के बिना अभियान फीका पड़ गया है। बताया जा रहा है कि नमक की आपूर्ति नैफेड को करनी थी।
गांव में 98 हजार गरीबों तक ही पहुंचा खाद्यान्न
पूर्ति विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो ग्रामीण इलाकों में 98 हजार कार्डधारकों को खाद्यान्न, नमक, रिफाइंड और चना बांट दिया गया है। वहीं शहरी इलाकों में वितरण का आंकड़ा अभी 56982 ही पहुंच पाया है। जिलेभर में सवा छह लाख कार्ड धारकों के लिहाज से वितरण अभी एक तिहाई कार्ड धारकों को भी नहीं हो पाया।
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20 दिसंबर तक वितरण होना मुश्किल
अभी तक नमक की आपूर्ति ही नहीं हुई है। इसके बाद कोटेदारों को भेजी जाएगी। इसमें समय लगना लाजिमी है। ऐसे में 20 दिसंबर तक वितरण अभियान पूरा किए जाना संभव नजर नहीं आ रहा है। जिले में कार्डधारकों की संख्या छह लाख 25 हजार है।
नैफेड को नमक की आपूर्ति करनी थी। अभी नमक नहीं मिला है। जिस वजह से अधिकांश कोटेदारों तक नमक नहीं पहुंच पाया है। हालांकि करीब डेढ़ लाख कार्ड धारकों को रिफाइंड, नमक, दाल और खाद्यान्न दिया जा चुका है।
- ध्रुवराज यादव, जिला पूर्ति अधिकारी
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बिजनौर। यूं तो बड़े जोर शोर से राशन के साथ रिफाइंड, नमक और चना बांटे जाने के अभियान की शुरुआत हुई, लेकिन बिना नमक यह फीका पड़ने लगा है। अधिकांश कोटेेदारों तक नमक नहीं पहुंचा है। इस वजह से रिफाइंड, दाल और खाद्यान्न भी गरीबों तक पहुंचने में देर लग सकती है।
जनपद में 6 लाख 25 हजार कार्डधारक हैं। इन कार्ड धारकों की यूनिट 27 लाख हैं। जिन्हें हर महीने खाद्यान्न का वितरण किया जाता है। एक यूनिट पर पांच किलो खाद्यान्न मिलता है। अब सरकार ने बढ़ती महंगाई के बीच गरीब परिवारों का राहत देने के लिए खाद्यान्न के साथ साथ एक लीटर रिफाइंड, एक किलो साबुत चना और एक किलो नमक देने का भी एलान किया। इसी के कारण 12 दिसंबर से अभियान की शुरुआत हुई। 20 दिसंबर तक खाद्यान्न के साथ साथ नमक, रिफाइंड और चना वितरित किया जाना है। जोर शोर से अभियान शुरू तो हुआ, लेकिन नमक के लाले पड़ गए। नमक कोटेदारों तक नहीं पहुंच पाई है। अधिकांश कोटेदारों को नमक नहीं मिली। अब पांच वस्तु एक साथ बांटी जानी थी। अब नमक के बिना अभियान फीका पड़ गया है। बताया जा रहा है कि नमक की आपूर्ति नैफेड को करनी थी।
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गांव में 98 हजार गरीबों तक ही पहुंचा खाद्यान्न
पूर्ति विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो ग्रामीण इलाकों में 98 हजार कार्डधारकों को खाद्यान्न, नमक, रिफाइंड और चना बांट दिया गया है। वहीं शहरी इलाकों में वितरण का आंकड़ा अभी 56982 ही पहुंच पाया है। जिलेभर में सवा छह लाख कार्ड धारकों के लिहाज से वितरण अभी एक तिहाई कार्ड धारकों को भी नहीं हो पाया।
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20 दिसंबर तक वितरण होना मुश्किल
अभी तक नमक की आपूर्ति ही नहीं हुई है। इसके बाद कोटेदारों को भेजी जाएगी। इसमें समय लगना लाजिमी है। ऐसे में 20 दिसंबर तक वितरण अभियान पूरा किए जाना संभव नजर नहीं आ रहा है। जिले में कार्डधारकों की संख्या छह लाख 25 हजार है।
नैफेड को नमक की आपूर्ति करनी थी। अभी नमक नहीं मिला है। जिस वजह से अधिकांश कोटेदारों तक नमक नहीं पहुंच पाया है। हालांकि करीब डेढ़ लाख कार्ड धारकों को रिफाइंड, नमक, दाल और खाद्यान्न दिया जा चुका है।
- ध्रुवराज यादव, जिला पूर्ति अधिकारी