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दुर्लभ: बिजनौर में गर्भ से निकाला चार माह का स्टोन बेबी, कैल्शियम जमने से पत्थर जैसा नजर आने लगा था भ्रूण
Thu, 08 Oct 2026 04:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 08 Oct 2026 04:53 AM IST
सार
ऑपरेशन के बाद स्टोन बेबी निकाल दिया गया, महिला भी सुरक्षित है। महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. धारा ने बताया कि महिला आठवीं बार गर्भवती हुई थी।
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बिजनौर मेडिकल कॉलेज में महिला के गर्भ से स्टोन बेबी निकालने वाली डॉक्टरों की टीम।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मेडिकल कॉलेज में स्टोन बेबी का दुर्लभ मामला सामने आया है। पेट दर्द, रक्तस्राव की शिकायत लेकर 36 वर्षीय महिला मेडिकल कॉलेज पहुंची। चिकित्सकों की टीम ने जांच की तो पता चला कि महिला के गर्भ में चार माह का मृत भ्रूण कैल्शियम जमने से पत्थर जैसी कठोर संरचना में बदला गया। मेडिकल क्षेत्र की भाषा में इसे स्टोन बेबी (लिथोपेडियन) कहते हैं।
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ऑपरेशन के बाद स्टोन बेबी निकाल दिया गया, महिला भी सुरक्षित है। महात्मा विदुर मेडिकल कॉलेज की महिला रोग विशेषज्ञ डॉ. धारा ने बताया कि महिला आठवीं बार गर्भवती हुई थी। पिछले दिनों चिकित्सकों ने अल्ट्रासाउंड और खून की जांच की।
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जांच में गर्भाशय में गर्भावस्था से संबंधित अवशेष एवं मृत भ्रूण पाया। लंबे समय से समस्या बने रहने के कारण मरीज में अत्यधिक रक्तस्राव और संक्रमण का खतरा बना हुआ था। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए मंगलवार को ऑपरेशन किया गया।
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क्या होता है स्टोन बेबी
डॉ. धारा का कहना है कि स्टोन बेबी एक बेहद दुर्लभ चिकित्सीय स्थिति है। दुनिया भर में चिकित्सा क्षेत्र में 350 से भी कम मामले दर्ज किए गए हैं। जब भ्रूण मर जाता है तो आकार बड़ा होने पर शरीर उसे अपने-आप सोख नहीं पाता है। इसके चलते मां के शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली इस मरे हुए भ्रूण को बाहरी वस्तु मानती है और संक्रमण से बचाने के लिए उसके चारों ओर कैल्शियम की एक परत बना देती है। इसके बाद भ्रूण पत्थर जैसा बन जाता है।