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पहाड़ से मैदान तक बारिश, उफान पर नदियां
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जान हथेली पर। बिजनौर के ग्राम रावली के पास गंगा के दूसरी ओर से अपने पशुओं के लाने के लिए अपनी जान ज?
- फोटो : BIJNOR
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पहाड़ से मैदान तक बारिश, उफान पर नदियां
बिजनौर/अफजलगढ़। पिछले चार दिन से पहाड़ों और मैदान में हो रही बारिश के कारण जिले की सभी नदियां उफान पर हैं। जहां गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रही है, वहीं रामगंगा, खो, मालन, छोईया नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास रह रहे लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिले में जितनी भी नहरें हैं, उनमें भी काफी पानी आ गया है। उधर, प्रशासन ने जिलेभर में नदियों के पास रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की चेतावनी जारी कर दी है। पिछले दो दिनों में जिले में 80 एमएम बारिश हो चुकी है।
जिले में मुख्य बड़ी नदियों की बात करें तो गंगा, रामगंगा, खो नदी, मालन नदी, छोईयां नदी हैं। इसके अतिरिक्ति कई नहरें भी हैं। पहाड़ों पर बारिश हुई तो सभी में उफान आ गया। गंगा में जहां शनिवार को धारा के उस पार फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, वहीं रविवार को भी मंडावर क्षेत्र में करीब दस लोगों को पीएसी और एनडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला। मौसम पर नजर डालें तो शनिवार को 60 और रविवार को 20 एमएम बारिश हुई।
वहीं, अफजलगढ़ क्षेत्र में रामगंगा नदी के किनारे बसे गांव भज्जावाला, अलियारपुर, आलमपुर तथा भूतपुरी क्षेत्र में किसानों की फसलों में पानी भर गया है। किसान हरवंश सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, कोमल, हरिराज सिंह, ओमप्रकाश, अनिल कुमार आदि का कहना है कि उन्हें रामगंगा पार कर पशुओं के लिए चारा लाना पड़ता है। नदी का जलस्तर बढ़ने से चारे का संकट पैदा हो गया है। किसानों को चिंता सता रही है कि यदि और अधिक जलस्तर बढ़ा तो बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।
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लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए चेतावनी दी गई है। तटीय गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जो लोग फंसे हैं, उनको सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं - उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर।
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बिजनौर/अफजलगढ़। पिछले चार दिन से पहाड़ों और मैदान में हो रही बारिश के कारण जिले की सभी नदियां उफान पर हैं। जहां गंगा का रौद्र रूप देखने को मिल रही है, वहीं रामगंगा, खो, मालन, छोईया नदी का जलस्तर बढ़ने से आसपास रह रहे लोगों की चिंता बढ़ गई है। जिले में जितनी भी नहरें हैं, उनमें भी काफी पानी आ गया है। उधर, प्रशासन ने जिलेभर में नदियों के पास रहने वाले लोगों के लिए सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने की चेतावनी जारी कर दी है। पिछले दो दिनों में जिले में 80 एमएम बारिश हो चुकी है।
जिले में मुख्य बड़ी नदियों की बात करें तो गंगा, रामगंगा, खो नदी, मालन नदी, छोईयां नदी हैं। इसके अतिरिक्ति कई नहरें भी हैं। पहाड़ों पर बारिश हुई तो सभी में उफान आ गया। गंगा में जहां शनिवार को धारा के उस पार फंसे लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, वहीं रविवार को भी मंडावर क्षेत्र में करीब दस लोगों को पीएसी और एनडीआरएफ की टीम ने बाहर निकाला। मौसम पर नजर डालें तो शनिवार को 60 और रविवार को 20 एमएम बारिश हुई।
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वहीं, अफजलगढ़ क्षेत्र में रामगंगा नदी के किनारे बसे गांव भज्जावाला, अलियारपुर, आलमपुर तथा भूतपुरी क्षेत्र में किसानों की फसलों में पानी भर गया है। किसान हरवंश सिंह, ब्रह्मपाल सिंह, कोमल, हरिराज सिंह, ओमप्रकाश, अनिल कुमार आदि का कहना है कि उन्हें रामगंगा पार कर पशुओं के लिए चारा लाना पड़ता है। नदी का जलस्तर बढ़ने से चारे का संकट पैदा हो गया है। किसानों को चिंता सता रही है कि यदि और अधिक जलस्तर बढ़ा तो बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।
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लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए चेतावनी दी गई है। तटीय गांवों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। जो लोग फंसे हैं, उनको सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं - उमेश मिश्रा, डीएम बिजनौर।

बिजनौर के ग्राम रावली में गंगा के तटबंध पर छाई कोहरे से धुंध।- फोटो : BIJNOR

बिजनौर के अफजलगढ़ क्षेत्र में रामगंगा नदी का बढ़ा जलस्तर।- फोटो : BIJNOR

मंडावर के गांव डेवलगढ़ के सामने गंगा के जलस्तर को देखते ग्रामीण।- फोटो : BIJNOR