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कुत्ते के काटने के 11 साल बाद रेबीज से हुई मौत
अमर उजाला ब्यूरोॉ
Updated Thu, 11 May 2017 01:01 AM IST
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बिजनौर में नगीना तहसील क्षेत्र के गांव चमरावाला में कुत्ते काटने के 11 साल बाद हुई एक व्यक्ति की मौत से परिवार के 19 सदस्य खौफजदा हैं। इन सभी ने नगीना सीएचसी पर एआरबी के इंजेक्शन लगवाए।
गांव चमरावाला निवासी रामलाल ने बताया कि उसके 47 वर्षीय बेटे हेमराज को लगभग 11 वर्ष पूर्व मजदूरी करने के दौरान एक कुत्ते ने काट लिया था। उस समय उसका इलाज प्राइवेट कराया था। हेमराज के दो बेटे व एक बेटी हैं। 27 अप्रैल को अचानक हेमराज की तबियत खराब हो गई।
उसे गांव काजीवाला में एक निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बिजनौर में एक निजी चिकित्सक के पास ले जाने पर भी हालत में फर्क नहीं पड़ा। बिजनौर में चिकित्सकों ने उन्हें रेबीज बताया तो हेमराज को मेरठ ले जाया गया।
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वहां इलाज का खर्च अधिक बताया गया। पैसे का इंतजाम करने के लिए वे गांव वापस आ गए। यहां दो दिन बाद हेमराज की मौत हो गई। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।
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गांव चमरावाला निवासी रामलाल ने बताया कि उसके 47 वर्षीय बेटे हेमराज को लगभग 11 वर्ष पूर्व मजदूरी करने के दौरान एक कुत्ते ने काट लिया था। उस समय उसका इलाज प्राइवेट कराया था। हेमराज के दो बेटे व एक बेटी हैं। 27 अप्रैल को अचानक हेमराज की तबियत खराब हो गई।
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उसे गांव काजीवाला में एक निजी चिकित्सक के पास ले जाया गया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। बिजनौर में एक निजी चिकित्सक के पास ले जाने पर भी हालत में फर्क नहीं पड़ा। बिजनौर में चिकित्सकों ने उन्हें रेबीज बताया तो हेमराज को मेरठ ले जाया गया।
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वहां इलाज का खर्च अधिक बताया गया। पैसे का इंतजाम करने के लिए वे गांव वापस आ गए। यहां दो दिन बाद हेमराज की मौत हो गई। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।