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निजीकरण के विरोध में धरना

Tue, 27 Mar 2018 11:50 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर Updated Tue, 27 Mar 2018 11:50 PM IST
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Protest against privatization
अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर प्रदर्शन करते विद्युत कर्मचारी। - फोटो : अमर उजाला
बिजनौर में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत निगम के कर्मचारियों ने विद्युत निगम के निजीकरण के विरोध में कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। निजीकरण का आदेश वापस नहीं होने पर नौ अप्रैल से 72 घंटे का कार्य बहिष्कार करने की चेतावनी दी गई है। कहना था किनिजीकरण से बिजली महंगी होगी। 
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मंगलवार को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर विद्युत निगम के कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार किया। अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण मंडल कार्यालय पर विभाग के कर्मचारी एकत्रित हुए। यहां पर इंजीनियर जसवीर सिंह बालियान की अध्यक्षता व मोहम्मद अफजल के संचालन में बैठक आयोजित की गई। वक्ताओं ने कहा कि सरकार द्वारा विद्युत विभाग का निजीकरण करने का निर्णय देश हित में नहीं है। इससे जनता को भारी नुकसान होगा। बिजली की प्रत्येक यूनिट दर में भारी वृद्धि होगी। वक्ताओं ने कहा कि निजी क्षेत्र की कंपनी टोरेन्ट की प्रति यूनिट राजस्व प्राप्ति 3.10 रुपये से काफी अधिक है। जो करीब पांच रुपये व 6.50 रुपये प्रति यूनिट बताई जा रही है। प्रदेश में विद्युत विभाग का निजीकरण होने से केवल पूंजीपतियों को लाभ होगा। आमजन को इससे काफी नुकसान होगा। वक्ताओं ने प्रदेश सरकार को खूब खरी खोटी सुनाई तथा निजीकरण का फैसला वापस करने की मांग की है। लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, वाराणसी व गोरखपुरी की बिजली निजीकरण के आदेश वापस करने की जोरदार मांग की। 
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धरने में तय किया गया कि यदि प्रदेश सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो संघर्ष समिति नौ से 72 घंटे का कार्य बहिष्कार आंदोलन शुरू करेगी। कर्मचारियों का उत्पीड़न कतई बरदाश्त नहीं किया जाएगा। किसी भी कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया तो सभी कर्मचारी सामूहिक गिरफ्तारी देंगे। इस मौके पर समिति के जिलाध्यक्ष देवेंद्र कुमार यादव, कार्यालय सहायक संघ के अध्यक्ष सुबोध कुमार, उप्र बिजली मजदूर संगठन के अध्यक्ष मोहम्मद अफजल, अभियंता संघ के विकास कुमार, आलोक मिश्रा, सोनल वर्मा व ए के सिंघल आदि ने विचार रखे।
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उधर, भारतीय मजदूर संघ एवं अखिल भारतीय विद्युत मजदूर महासंघ के कार्यकर्ताओं ने बिजली का निजीकरण किए जाने के विरोध में एसडीओ कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार के इस निर्णय से बड़ी संख्या में बिजली कर्मचारियों के हितों पर प्रभाव पड़ेगा। संगठन के प्रांतीय उपाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह, जय कुमार, मितान सिंह, मनोज वर्मा, नवनीत, अरविंद, राजेश, नरेश, शहजाद, राजकुमार, अबरार, विपिन, साजिद, महेश, रौनक, मोहित कुमार, नकुल, नौबहार, लोकेश कुमार आदि मौजूद रहे।    
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