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उत्पादन और भुगतान में जिला टॉप
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Jan 2017 11:47 PM IST
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बिजनौर में गन्ना विभाग ने शुगर उत्पादन और गन्ना मूल्य भुगतान में पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। अब गन्ना विभाग बसंतकालीन गन्ने की बुवाई में अधिक उत्पादन देने वाली प्रजातियों की बुवाई को बढ़ावा देने में जुुट गया है। गन्ने की नई प्रजातियों ने जिले में दस्तक दे दी है।
जिले में अर्ली प्रजाति के गन्ने की बढ़ोतरी रंग दिखाने लगी है।
डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार इसके चलते शुगर मिलों ने नवंबर के पहले सप्ताह में ही पेराई शुरू कर दी थी। अब शुगर मिलों ने 74 लाख बोरे अर्थात 37 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन करके पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। पिछले साल 15 जनवरी तक मात्र 27 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था। अर्ली वैरायटी गन्ने की बुवाई किसानों के लिए गन्ना मूल्य भुगतान में वरदान साबित हुई है। जिले की शुगर मिल ने अब तक 840 करोड़ का भुगतान किया है, जबकि पिछले साल इसी तारीख तक केवल 175 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया था।
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जिले में अर्ली प्रजाति के गन्ने की बढ़ोतरी रंग दिखाने लगी है।
डीसीओ ओपी सिंह के अनुसार इसके चलते शुगर मिलों ने नवंबर के पहले सप्ताह में ही पेराई शुरू कर दी थी। अब शुगर मिलों ने 74 लाख बोरे अर्थात 37 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन करके पिछले सभी रिकार्ड तोड़ दिए हैं। पिछले साल 15 जनवरी तक मात्र 27 लाख क्विंटल चीनी का उत्पादन हुआ था। अर्ली वैरायटी गन्ने की बुवाई किसानों के लिए गन्ना मूल्य भुगतान में वरदान साबित हुई है। जिले की शुगर मिल ने अब तक 840 करोड़ का भुगतान किया है, जबकि पिछले साल इसी तारीख तक केवल 175 करोड़ का भुगतान किसानों को किया गया था।
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