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विभाग के पोर्टल पर अपलोड सूचनाओं में गड़बड़ी मिली तो नपेंगे माध्यमिक विद्वालयों के प्रधानाचार्य और बाबू
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गलत सूचना अपलोड करने पर नपेंगे प्रधानाचार्य और लिपिक
धामपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतिनिधि निशांत कुमार यादव ने बताया कि अब वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में उपलब्ध संसाधन, शिक्षकों की विषयवार संख्या में कॉलेजों की ओर से खेल नहीं किया जा सकता है, जो सही होगा, वहीं कॉलेज को विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर भेजना होगा। यदि विभाग की ओर से सत्यापन में विद्यालय की ओर से अपलोड की गई सूचनाओं में गड़बड़ी पाई जाती है तो प्रधानाचार्य व संबंधित कॉलेज के लिपिक नपेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतिनिधि ने बताया कि विभाग की ओर से वित्तविहीन कॉलेजों से विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों, शिक्षकों की विषयबार संख्या, प्रायोगिक लैब भवन, चारदीवारी आदि का विवरण माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपडेट किया जा रहा है। यदि इस मामले में विद्यालयों की ओर से गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिले के सभी प्रधानाचार्य को निर्देशित किया है कि वह कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों की सूचना अनिवार्य रूप से अपडेट करें। बताया कि जनपद बिजनौर में कुल 387 माध्यमिक विद्यालय हैं, इनमें से 104 विद्यालय एडेड व सरकारी हैं। बाकी वित्तविहीन व्यवस्था के तहत संचालित हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वित्तविहीन विद्यालयों की तरफ से आ रही है। उन्होंने बताया कि अबकी बार कॉलेज की ओर से भेजी जाने वाली हर प्रकार की सूचनाओं को विभाग की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारियों की ओर से सत्यापित कराई जाएंगी। सत्यापन के बाद भी यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कालेजों के प्रधानाचार्य और वहां के लिपिकों पर कार्रवाई होगी।
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धामपुर। जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतिनिधि निशांत कुमार यादव ने बताया कि अब वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में उपलब्ध संसाधन, शिक्षकों की विषयवार संख्या में कॉलेजों की ओर से खेल नहीं किया जा सकता है, जो सही होगा, वहीं कॉलेज को विभाग के पोर्टल पर अपलोड कर भेजना होगा। यदि विभाग की ओर से सत्यापन में विद्यालय की ओर से अपलोड की गई सूचनाओं में गड़बड़ी पाई जाती है तो प्रधानाचार्य व संबंधित कॉलेज के लिपिक नपेंगे।
जिला विद्यालय निरीक्षक प्रतिनिधि ने बताया कि विभाग की ओर से वित्तविहीन कॉलेजों से विद्यालयों में उपलब्ध संसाधनों, शिक्षकों की विषयबार संख्या, प्रायोगिक लैब भवन, चारदीवारी आदि का विवरण माध्यमिक शिक्षा परिषद की वेबसाइट पर अपडेट किया जा रहा है। यदि इस मामले में विद्यालयों की ओर से गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। जिले के सभी प्रधानाचार्य को निर्देशित किया है कि वह कॉलेजों में उपलब्ध संसाधनों की सूचना अनिवार्य रूप से अपडेट करें। बताया कि जनपद बिजनौर में कुल 387 माध्यमिक विद्यालय हैं, इनमें से 104 विद्यालय एडेड व सरकारी हैं। बाकी वित्तविहीन व्यवस्था के तहत संचालित हैं। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि वित्तविहीन विद्यालयों की तरफ से आ रही है। उन्होंने बताया कि अबकी बार कॉलेज की ओर से भेजी जाने वाली हर प्रकार की सूचनाओं को विभाग की ओर से नियुक्त नोडल अधिकारियों की ओर से सत्यापित कराई जाएंगी। सत्यापन के बाद भी यदि गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित कालेजों के प्रधानाचार्य और वहां के लिपिकों पर कार्रवाई होगी।
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