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Bijnor News: गणेश चतुर्थी की तैयारी शुरू, बनाई जा रही विघ्नहर्ता की मूर्ति
Tue, 03 Sep 2024 02:05 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
संवाद न्यूज एजेंसी, बिजनौर
Updated Tue, 03 Sep 2024 02:05 AM IST
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बिजनौर। गणेश चतुर्थी का पर्व सात सितंबर को मनाया जाएगा। इससे पहले तैयारियां शुरू हो गई हैं। मूर्तिकार भगवान गणेश की मूर्तियों को आकार देने में लगे हुए हैं। अपने हाथों की कारीगरी से मूर्तिकार विघ्नहर्ता की मूर्तियों में रंग भरकर उन्हें सजा रहे हैं।
शहर के मोहल्ला दक्ष नगर की कुम्हार कॉलोनी निवासी कमल और उनका परिवार भगवान गणेश की मूर्ति बनाने में लगा हुआ है। कमल ने बताया कि साल 1989 से उनका परिवार मूर्ति बनाने का काम कर रहा है। उनके दादा मास्टर शंकरलाल प्रजापति ने मूर्ति बनाने की शुरूआत की थी। इसके बाद उनके पिता महेंद्र सिंह और अब वह और उसका भाई गौरव भी मूर्ति बना रहे हैं। गणेश चतुर्थी से पहले उन्हें भगवान गणेश की छोटी-बड़ी 100 मूर्ति बनाने का ऑर्डर मिला है। वह पिछले 15 सालों से इको-फ्रेंडली मूर्ति बना रहे हैं। ताकि नदी में मूर्ति विसर्जित करने से कोई नुकसान न हो। भगवान गणेश की मूर्ति चिकनी मिट्टी की बना रहे हैं। जो पानी के संपर्क में आने पर तुरंत घुल जाएगी। जबकि प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्ति को घुलने में 10 दिन से ज्यादा का समय लगता था।
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तीन इंच से छह फिट तक मूर्ति बना रहे-
मूर्तिकार कमल कुमार ने बताया कि वह तीन इंच से छह फिट तक की भगवान गणेश की मूर्ति बना रहे हैं। मूर्ति की कीमत 50 रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक है। लोग अपने बजट के हिसाब से मूर्ति बनाने का ऑर्डर दे रहे हैं।
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मूर्ति तैयार होने में लगता है 15 दिन तक का समय-
मूर्तिकार का कहना है कि अलग-अलग साइज की मूर्ति बनाई जा रही हैं। छोटी मूर्ति पूरी तरह से तैयार करने में पांच दिन और बड़ी मूर्ति तैयार करने में करीब 15 दिन तक का समय लगता है।
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शहर के मोहल्ला दक्ष नगर की कुम्हार कॉलोनी निवासी कमल और उनका परिवार भगवान गणेश की मूर्ति बनाने में लगा हुआ है। कमल ने बताया कि साल 1989 से उनका परिवार मूर्ति बनाने का काम कर रहा है। उनके दादा मास्टर शंकरलाल प्रजापति ने मूर्ति बनाने की शुरूआत की थी। इसके बाद उनके पिता महेंद्र सिंह और अब वह और उसका भाई गौरव भी मूर्ति बना रहे हैं। गणेश चतुर्थी से पहले उन्हें भगवान गणेश की छोटी-बड़ी 100 मूर्ति बनाने का ऑर्डर मिला है। वह पिछले 15 सालों से इको-फ्रेंडली मूर्ति बना रहे हैं। ताकि नदी में मूर्ति विसर्जित करने से कोई नुकसान न हो। भगवान गणेश की मूर्ति चिकनी मिट्टी की बना रहे हैं। जो पानी के संपर्क में आने पर तुरंत घुल जाएगी। जबकि प्लास्टर ऑफ पेरिस से बनी मूर्ति को घुलने में 10 दिन से ज्यादा का समय लगता था।
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तीन इंच से छह फिट तक मूर्ति बना रहे-
मूर्तिकार कमल कुमार ने बताया कि वह तीन इंच से छह फिट तक की भगवान गणेश की मूर्ति बना रहे हैं। मूर्ति की कीमत 50 रुपये से लेकर चार हजार रुपये तक है। लोग अपने बजट के हिसाब से मूर्ति बनाने का ऑर्डर दे रहे हैं।
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मूर्ति तैयार होने में लगता है 15 दिन तक का समय-
मूर्तिकार का कहना है कि अलग-अलग साइज की मूर्ति बनाई जा रही हैं। छोटी मूर्ति पूरी तरह से तैयार करने में पांच दिन और बड़ी मूर्ति तैयार करने में करीब 15 दिन तक का समय लगता है।