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ब्रुश उद्योग को एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल कराने की तैयारी
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ब्रुश उद्योग को ‘एक जिला, एक उत्पाद’ योजना में शामिल कराने की तैयारी
बिजनौर। शेरकोट के ब्रुश कारोबार से जुड़े उद्यमी इस उद्योग को एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल कराना चाहते हैं। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। योजना में शामिल होने से ब्रुश कारोबार को फायदा होगा। अब तक एक जिला, एक उत्पाद योजना में नगीना का काष्ठकला उद्योग ही शामिल है।
इस समय रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उद्योगों पर ध्यान दिया जा रहा है। माना जाता है कि उद्योग में हर एक लाख रुपये के निवेश से एक व्यक्ति को रोजगार मिलता है। राज्य सरकार की ओर से उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक जिला, एक उत्पाद योजना में नगीना के काष्ठकला उद्योग को शामिल किया गया है। नगीना के काष्ठकला के नमूने पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। केंद्र सरकार ने भी राज्य सरकार की तर्ज पर एक जिला एक उत्पाद योजना में जिले के खांडसारी उद्योग को शामिल किया है। इन दोनों उद्योगों को लगाने पर सरकारों द्वारा सब्सिडी दी जाती है। जिले के शेरकोट का ब्रुश उद्योग भी काफी प्रसिद्ध है, लेकिन इसको बढ़ावा देने के लिए अब तक कोई खास प्रयास नहीं हुए हैं। इसलिए अब ब्रुश कारोबारी चाहते हैं कि इसे राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल किया जाए। इसके लिए लघु उद्योग भारती द्वारा प्रस्ताव बनाया गया है। यह प्रस्ताव जिला उद्योग केंद्र को सौंपा जाएगा।
ब्रुश उद्योग का है 200 करोड़ का टर्नओवर
शेरकोट के ब्रुश उद्योग का टर्न ओवर करीब 200 करोड़ रुपये का है। यहां पर करीब 200 यूनिट संचालित हैं। ब्रुश उद्योग से करीब एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। यहां बने ब्रुश पूरे भारत में जाते हैं। यहां बने सूकर के बाल के ब्रुश की बहुत डिमांड है। इस तरह के ब्रुश से खासतौर से महीन माने जाने वाली पेंटिंग की जाती हैं। आंख की भौं बनाने के लिए इस ब्रुश का ही इस्तेमाल किया जाता है। एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल उद्योगों को बढ़ावा देने को सरकार मजदूरों को ट्रेनिंग दिलाती है और आधुनिक मशीनों की भी व्यवस्था करती है। योजना में अलग से नए उद्योग लगाने पर सब्सिडी मिलती है और उत्पादों की मार्केटिंग की भी व्यवस्था की जाती है।
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बनाया जा रहा है प्रस्ताव
लघु उद्योग भारती के जिला महासचिव मनी खन्ना के अनुसार ब्रुश उद्योग को ओडीओपी में शामिल करने का प्रस्ताव बनाया गया है। एक दो दिन में प्रस्ताव अफसरों को सौंप दिया जाएगा। ब्रुश कारोबार से जुड़े सचिन जैन के अनुसार ब्रुश उद्योग के लिए अब तक कुछ खास नहीं हुआ है। एक जिला, एक उत्पाद योजना में जुड़ने से ब्रुश उद्योग को फायदा होगा।
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बिजनौर। शेरकोट के ब्रुश कारोबार से जुड़े उद्यमी इस उद्योग को एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल कराना चाहते हैं। इसके लिए प्रस्ताव तैयार कराया जा रहा है। योजना में शामिल होने से ब्रुश कारोबार को फायदा होगा। अब तक एक जिला, एक उत्पाद योजना में नगीना का काष्ठकला उद्योग ही शामिल है।
इस समय रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए उद्योगों पर ध्यान दिया जा रहा है। माना जाता है कि उद्योग में हर एक लाख रुपये के निवेश से एक व्यक्ति को रोजगार मिलता है। राज्य सरकार की ओर से उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक जिला, एक उत्पाद योजना में नगीना के काष्ठकला उद्योग को शामिल किया गया है। नगीना के काष्ठकला के नमूने पूरे विश्व में प्रसिद्ध हैं। केंद्र सरकार ने भी राज्य सरकार की तर्ज पर एक जिला एक उत्पाद योजना में जिले के खांडसारी उद्योग को शामिल किया है। इन दोनों उद्योगों को लगाने पर सरकारों द्वारा सब्सिडी दी जाती है। जिले के शेरकोट का ब्रुश उद्योग भी काफी प्रसिद्ध है, लेकिन इसको बढ़ावा देने के लिए अब तक कोई खास प्रयास नहीं हुए हैं। इसलिए अब ब्रुश कारोबारी चाहते हैं कि इसे राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल किया जाए। इसके लिए लघु उद्योग भारती द्वारा प्रस्ताव बनाया गया है। यह प्रस्ताव जिला उद्योग केंद्र को सौंपा जाएगा।
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ब्रुश उद्योग का है 200 करोड़ का टर्नओवर
शेरकोट के ब्रुश उद्योग का टर्न ओवर करीब 200 करोड़ रुपये का है। यहां पर करीब 200 यूनिट संचालित हैं। ब्रुश उद्योग से करीब एक हजार लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलता है। यहां बने ब्रुश पूरे भारत में जाते हैं। यहां बने सूकर के बाल के ब्रुश की बहुत डिमांड है। इस तरह के ब्रुश से खासतौर से महीन माने जाने वाली पेंटिंग की जाती हैं। आंख की भौं बनाने के लिए इस ब्रुश का ही इस्तेमाल किया जाता है। एक जिला, एक उत्पाद योजना में शामिल उद्योगों को बढ़ावा देने को सरकार मजदूरों को ट्रेनिंग दिलाती है और आधुनिक मशीनों की भी व्यवस्था करती है। योजना में अलग से नए उद्योग लगाने पर सब्सिडी मिलती है और उत्पादों की मार्केटिंग की भी व्यवस्था की जाती है।
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बनाया जा रहा है प्रस्ताव
लघु उद्योग भारती के जिला महासचिव मनी खन्ना के अनुसार ब्रुश उद्योग को ओडीओपी में शामिल करने का प्रस्ताव बनाया गया है। एक दो दिन में प्रस्ताव अफसरों को सौंप दिया जाएगा। ब्रुश कारोबार से जुड़े सचिन जैन के अनुसार ब्रुश उद्योग के लिए अब तक कुछ खास नहीं हुआ है। एक जिला, एक उत्पाद योजना में जुड़ने से ब्रुश उद्योग को फायदा होगा।