{"_id":"57ae23b74f1c1b106aee4722","slug":"pregnant-women-were-not-interested","type":"story","status":"publish","title_hn":"गर्भवती महिलाएं नहीं ले रहीं दिलचस्पी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गर्भवती महिलाएं नहीं ले रहीं दिलचस्पी
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
Updated Sat, 13 Aug 2016 01:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिजनौर में गर्भवती महिलाओं व अतिकुपोषित बच्चों का स्वास्थ्य सुधारने के लिए शुरू की गई हौसला पोषण योजना में महिलाओं की अधिक दिलचस्पी देखने को नहीं मिली है। योजना में शुरू के 15 दिन में चयनित गर्भवती महिलाओं में से केवल 30 प्रतिशत ने ही आंगनबाड़ी केंद्रों पर हॉट कुक खाया है। हालांकि अतिकुपोषित बच्चों की संख्या लक्ष्य के करीब पहुंची है।
शासन द्वारा शुरू की गई हौसला पोषण योजना में अतिकुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर हॉट कुक खिलाया जाता है। फिलहाल देहात में शुरू की गई इस योजना में 37 हजार 32 गर्भवती महिलाओं व आठ हजार 702 अतिकुपोषित महिलाओं को शामिल किया गया था। हालांकि पात्रों में से केवल 40 प्रतिशत महिलाओं व 70 प्रतिशत बच्चों के पहुंचने का मानक शासन द्वारा निर्धारित किया गया था। योजना 25 जुलाई को शुरू की
गई थी। लेकिन शुरुआती दस दिनों में योजना में 30.89 प्रतिशत महिलाएं व करीब 65 प्रतिशत अतिकुपोषित बच्चे ही हॉट कुक खाने केंद्रों पर पहुंचे। मानक के अनुसार शुरूआत में योजना में गर्भवती महिलाओं की रुचि कम दिखाई दी है।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार गर्भवती महिलाओं व अतिकुपोषित बच्चों को केंद्रों पर भेजने के लिए परिजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देश दिए गए हैं। एक महीने बाद योजना की सही तस्वीर सामने आ सकेगी।
विज्ञापन
शासन द्वारा शुरू की गई हौसला पोषण योजना में अतिकुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी केंद्रों पर हॉट कुक खिलाया जाता है। फिलहाल देहात में शुरू की गई इस योजना में 37 हजार 32 गर्भवती महिलाओं व आठ हजार 702 अतिकुपोषित महिलाओं को शामिल किया गया था। हालांकि पात्रों में से केवल 40 प्रतिशत महिलाओं व 70 प्रतिशत बच्चों के पहुंचने का मानक शासन द्वारा निर्धारित किया गया था। योजना 25 जुलाई को शुरू की
विज्ञापन
गई थी। लेकिन शुरुआती दस दिनों में योजना में 30.89 प्रतिशत महिलाएं व करीब 65 प्रतिशत अतिकुपोषित बच्चे ही हॉट कुक खाने केंद्रों पर पहुंचे। मानक के अनुसार शुरूआत में योजना में गर्भवती महिलाओं की रुचि कम दिखाई दी है।
विज्ञापन
जिला कार्यक्रम अधिकारी दीप्ति भार्गव के अनुसार गर्भवती महिलाओं व अतिकुपोषित बच्चों को केंद्रों पर भेजने के लिए परिजनों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को निर्देश दिए गए हैं। एक महीने बाद योजना की सही तस्वीर सामने आ सकेगी।